28 जनवरी 2026, Purnia में इंस्टाग्राम रील विवाद ने ले ली युवा व्यवसायी की जान: पूर्णिया जिले में सोशल मीडिया पर एक रील पोस्ट करने को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना भयावह हो गया कि इसने एक युवा व्यवसायी की जान ले ली। शहर के प्रमुख मक्का कारोबारी और सोशल मीडिया पर सक्रिय जवाहर यादव के पुत्र सूरज बिहारी उर्फ सूरज यादव (32 वर्ष) की मंगलवार सुबह दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना मरंगा थाना क्षेत्र के नेवालाल चौक स्थित बसंत विहार के पास एक पार्क में उस समय हुई जब सूरज समझौते के लिए पंचायत में पहुंचे थे। अपराधियों ने ताबड़तोड़ 4-5 राउंड फायरिंग की, जिसमें तीन गोलियां सूरज को लगीं। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस हमले में उनके निजी गार्ड प्रेम कुमार और एक रिश्तेदार को भी गोलियां लगीं, जो गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में भर्ती हैं।
यह वारदात पूर्णिया में अपराध की बढ़ती प्रवृत्ति को उजागर करती है और सोशल मीडिया के छोटे-मोटे विवादों के खतरनाक परिणामों की ओर इशारा करती है। शहर में दहशत का माहौल है, जबकि परिवार और स्थानीय लोग न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
विवाद की जड़: सरस्वती पूजा पर बना ब्लॉग/रील
जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत सरस्वती पूजा के दौरान हुई। सूरज बिहारी खुद एक डिजिटल क्रिएटर थे और सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते थे। कुछ स्रोतों के मुताबिक, उन्होंने सरस्वती पूजा के मौके पर एक युवती का इंटरव्यू लिया और उसे ब्लॉग या रील के रूप में पोस्ट किया। यह पोस्ट नेवालाल चौक निवासी सुबोध शर्मा के पुत्र सूरज शर्मा (जो खुद एक डिजिटल क्रिएटर हैं और ‘अपना पूर्णिया’ नाम से पेज चलाते हैं) को नागवार गुजरी। एक अन्य संस्करण में कहा जा रहा है कि सूरज बिहारी ने अपनी गर्लफ्रेंड की फोटो या रील इंस्टाग्राम पर शेयर की थी, जिससे लड़की के बॉयफ्रेंड नाराज हो गए और उन्होंने हत्या करवा दी।
विवाद बढ़ने पर मंगलवार सुबह पंचायत बुलाई गई थी। सूरज अपने भाई और निजी बॉडीगार्ड प्रेम कुमार के साथ समझौता करने पहुंचे। गार्ड के बयान के अनुसार, पंचायत शुरू होते ही बहस हुई, मारपीट शुरू हो गई। तभी आरोपी पक्ष के लोग – जिनमें ब्रजेश सिंह, नंदू सिंह और स्नेहिल आदि के नाम शामिल हैं – ने हथियार निकाले और फायरिंग शुरू कर दी। सूरज को तीन गोलियां लगीं – एक सीने में, दो अन्य हिस्सों में। बचाव में दौड़े गार्ड और रिश्तेदार पर भी गोलियां चलाई गईं। अपराधी मौके से फरार हो गए।
सूरज को तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल से पुलिस ने कई खोखे बरामद किए हैं।
सूरज बिहारी: सफल व्यवसायी और सोशल मीडिया स्टार
सूरज बिहारी पूर्णिया के गुलाबबाग क्षेत्र के प्रमुख मक्का कारोबारी जवाहर यादव के इकलौते पुत्र थे। परिवार के पास शहर में कई बड़े गोदाम हैं और मक्का व्यापार में उनकी मजबूत पकड़ थी। सूरज खुद रियल एस्टेट और अन्य कारोबार से जुड़े थे। सोशल मीडिया पर वे एक फेमस ब्लॉगर के रूप में जाने जाते थे। उनके पोस्ट्स और रील्स पर हजारों फॉलोअर्स थे। परिवार के अनुसार, सूरज शांत स्वभाव के थे और किसी से दुश्मनी नहीं रखते थे। लेकिन सोशल मीडिया की दुनिया ने उन्हें इस विवाद में घसीट लिया।
पुलिस जांच और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
पूर्णिया की एसपी स्वीटी सहरावत ने बताया कि आरोपियों की पहचान हो चुकी है। स्पेशल टीम गठित कर उनके ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पोस्टमार्टम कराया गया है और सभी पहलुओं से जांच चल रही है। पुलिस का कहना है कि विवाद सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा था, लेकिन हत्या की साजिश और मोटिव की गहराई से पड़ताल की जा रही है।
घटना पर पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने तीखा हमला बोला। उन्होंने बिहार सरकार और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा, “बिहार में कोई सुरक्षित नहीं है। दिनदहाड़े हत्या हो रही है, गुंडाराज चल रहा है। सम्राट चौधरी पाताल से अपराधियों को निकालिए और न्याय दिलाइए।” पप्पू यादव पीड़ित परिवार से मिले और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। शहर में व्यापारी संगठनों ने भी आक्रोश जताया है और बंद का ऐलान किया जा सकता है।
अपराध की बढ़ती घटनाएं और सोशल मीडिया का खतरा
यह घटना बिहार में अपराध के ग्राफ को एक बार फिर उजागर करती है। पूर्णिया जैसे सीमांचल क्षेत्र में पहले भी व्यापारियों को निशाना बनाया जाता रहा है। लेकिन इस बार सोशल मीडिया का विवाद हत्या का कारण बनना चिंताजनक है। विशेषज्ञों का कहना है कि इंस्टाग्राम रील्स और पोस्ट्स पर छोटी-मोटी बातें अब जानलेवा साबित हो रही हैं। युवाओं में बढ़ता क्रेज और जलन ऐसी वारदातों को जन्म दे रहा है।
परिवार बेसुध है। पिता जवाहर यादव ने कहा, “मेरा बेटा किसी का बुरा नहीं चाहता था। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट ने सब कुछ छीन लिया। सरकार से न्याय की उम्मीद है।” शहर में लोग दहशतजदा हैं और व्यापारी सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
यह हत्या न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि समाज में बढ़ते असहिष्णुता और अपराध की गंभीर समस्या को दर्शाती है। उम्मीद है कि पुलिस जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करेगी और न्याय मिलेगा। फिलहाल पूर्णिया में तनाव का माहौल है और लोग सवाल उठा रहे हैं – आखिर कब तक ऐसी वारदातें होती रहेंगी?
Sources: अमर उजाला