भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो में पायलटों की कमी के कारण लगातार चौथे दिन सैकड़ों फ्लाइट्स रद्द होने से देशभर के एयरपोर्ट्स पर हाहाकार मच गया है। दिल्ली, चेन्नई, बेंगलुरु और मुंबई जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर हजारों यात्री घंटों इंतजार कर रहे हैं, जबकि भोजन-जल की कमी से उनका गुस्सा भड़क उठा है। कई जगहों पर यात्रियों ने हंगामा किया और सामान के ढेर लग गए हैं।

रद्द फ्लाइट्स का आंकड़ा: 500 से ज्यादा प्रभावित

इंडिगो ने शुक्रवार (5 दिसंबर) को दिल्ली एयरपोर्ट से सभी घरेलू उड़ानें मध्यरात्रि तक रद्द कर दी हैं। कुल मिलाकर, आज ही 500 से अधिक फ्लाइट्स कैंसल हो चुकी हैं, जिसमें दिल्ली और चेन्नई से घरेलू उड़ानों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुबह ही 102 इंडिगो फ्लाइट्स रद्द हो गईं। कंपनी के अनुसार, यह संकट नए डीजीसीए (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) नियमों के कारण है, जो पायलटों की ड्यूटी घंटों पर सख्ती बरतते हैं।

इससे पहले के तीन दिनों में भी 1,200 से ज्यादा फ्लाइट्स प्रभावित हो चुकी हैं, और विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले 2-3 दिनों तक यह समस्या बनी रहेगी। 8 दिसंबर से ऑपरेशंस को कम किया जाएगा ताकि व्यवधान न्यूनतम हो।

कारण: नए नियमों से पायलटों की कमी

समस्या की जड़ डीजीसीए के नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट (एफडीटीएल) नियम हैं, जो पायलटों की थकान को रोकने के लिए ड्यूटी घंटों को सीमित करते हैं। इंडिगो ने इसे ‘मिसजजमेंट’ बताया है, जिससे क्रू शॉर्टेज हो गया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये नियम सुरक्षा के लिए हैं, और एयरलाइन को पहले से तैयारी करनी चाहिए थी।

यात्रियों पर असर: भोजन-जल के बिना 12 घंटे का इंतजार

एयरपोर्ट्स पर स्थिति बद से बदतर हो गई है। दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में यात्रियों को 12 घंटे से ज्यादा देरी का सामना करना पड़ा, बिना भोजन या पानी के। सामान के ढेर लगे हैं, और कई यात्री फंस गए हैं। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी असर पड़ा है, जहां रद्दीकरण के कारण रिफंड या रीबुकिंग में देरी हो रही है। प्रभावित यात्रियों को मुफ्त रीबुकिंग और भोजन का वादा किया गया है, लेकिन व्यवस्था फेल साबित हो रही है।

इंडिगो का बयान और आगे की योजना

इंडिगो ने माफी मांगी है और कहा है कि वे पायलटों की भर्ती तेज कर रहे हैं। कंपनी ने डीजीसीए को सूचित किया है कि 8 दिसंबर तक रद्दीकरण जारी रह सकते हैं। यात्रियों से अपील की गई है कि वे ऐप या वेबसाइट पर स्टेटस चेक करें।

सरकार की प्रतिक्रिया

डीजीसीए ने इंडिगो को निर्देश दिए हैं कि वे यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था दें। नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा है कि सुरक्षा पहले है, लेकिन एयरलाइन्स को जवाबदेह बनाया जाएगा।

यह संकट न केवल यात्रियों के लिए परेशानी है, बल्कि भारतीय विमानन उद्योग के लिए एक चेतावनी भी। विशेषज्ञों का कहना है कि अन्य एयरलाइन्स को भी इसी तरह की तैयारी करनी चाहिए।

By SHAHID

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