sensex slips 250 pointssensex slips 250 points

13 जनवरी 2026, Sensex 250 अंक नीचे, NIFTY भी फिसला: आज भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का दौर देखा गया। वैश्विक व्यापारिक चिंताओं, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के बहिर्वाह के कारण बाजार में दबाव रहा। Sensex 250.48 अंक गिरकर 83,627.69 पर बंद हुआ, जबकि दिन के दौरान यह 615 अंक तक नीचे गिरा। इसी तरह, NSE NIFTY 57.95 अंक की गिरावट के साथ 25,732.30 पर बंद हुआ। यह गिरावट मुख्य रूप से उपभोक्ता वस्तुओं और रियल्टी सेक्टर में देखी गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह अस्थायी उतार-चढ़ाव है, लेकिन कल के लिए कई फैक्टर बाजार को प्रभावित कर सकते हैं। इस रिपोर्ट में हम बाजार के प्रदर्शन, टॉप गेनर्स और लूजर्स, तथा कल के 10 प्रमुख फैक्टरों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

बाजार का समग्र प्रदर्शन

दिन की शुरुआत में बाजार सकारात्मक नोट पर खुला, लेकिन जल्द ही वैश्विक संकेतों के कारण गिरावट आई। Sensex ने दिन के उच्च स्तर पर 84,178.17 तक पहुंचा, लेकिन अंत में 0.30% की गिरावट दर्ज की। इसी तरह, NIFTY ने 25,790.25 का उच्च स्तर छुआ, लेकिन बंद होने पर 0.22% नीचे रहा। बाजार में कुल 1,800 शेयरों में गिरावट देखी गई, जबकि 1,200 में बढ़त रही। यह गिरावट मुख्य रूप से बड़े कैप स्टॉक्स में आई, जहां रिलायंस और L&T जैसे दिग्गजों ने दबाव बनाया। वैश्विक स्तर पर, अमेरिकी बाजारों में मिश्रित रुझान और एशियाई बाजारों में गिरावट ने भारतीय बाजार को प्रभावित किया।

Sensex का विश्लेषण

Sensex में गिरावट का मुख्य कारण FII का लगातार बहिर्वाह रहा, जहां पिछले कुछ दिनों में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का निकासी देखी गई। दिन के दौरान, सेंसेक्स 615 अंक तक गिरा, जो निवेशकों में अनिश्चितता को दर्शाता है। हालांकि, PSU बैंक और मीडिया सेक्टर में कुछ बढ़त ने बाजार को पूरी तरह से गिरने से रोका। Sensex के 30 घटकों में से 18 में गिरावट आई, जबकि 12 में बढ़त रही। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि बाजार अभी भी मजबूत फंडामेंटल्स पर टिका है, लेकिन बाहरी कारक इसे प्रभावित कर रहे हैं।

NIFTY का प्रदर्शन

NSE NIFTY में भी समान रुझान देखा गया। निफ्टी के 50 घटकों में से अधिकांश में गिरावट रही, विशेष रूप से FMCG और रियल्टी सेक्टर में। NIFTY मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 0.5% तक की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, बैंक निफ्टी में मामूली बढ़त देखी गई, जो ICICI बैंक जैसे स्टॉक्स के कारण थी। कुल मिलाकर, NIFTY का बंद स्तर 25,732.30 रहा, जो पिछले बंद से 57.95 अंक नीचे है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि अगर FII बहिर्वाह जारी रहा, तो निफ्टी 25,500 के स्तर तक गिर सकता है।

टॉप गेनर्स और लूजर्स: बाजार के प्रमुख खिलाड़ी

बाजार में गिरावट के बावजूद कुछ स्टॉक्स ने मजबूत प्रदर्शन किया, जबकि अन्य ने निवेशकों को निराश किया। टॉप गेनर्स में PSU और बैंकिंग सेक्टर के स्टॉक्स प्रमुख रहे, जबकि लूजर्स में फार्मा और रिटेल सेक्टर हावी थे। यह सेक्टर-विशिष्ट रुझान दर्शाता है कि निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।

टॉप गेनर्स

Sensex में ONGC सबसे बड़ा गेनर रहा, जिसमें 2.5% से अधिक की बढ़त देखी गई। कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि ने इस स्टॉक को फायदा पहुंचाया। इसके बाद ईशर मोटर्स (Eicher Motors) ने 1.8% की बढ़त दर्ज की, जो ऑटो सेक्टर में मजबूती दर्शाती है। ICICI बैंक भी 1.2% ऊपर बंद हुआ, बैंकिंग सेक्टर की रिकवरी का संकेत। अन्य गेनर्स में PSU बैंक जैसे SBI और PNB शामिल रहे, जहां सरकारी नीतियों का सकारात्मक प्रभाव पड़ा। मीडिया सेक्टर में भी Zee Entertainment जैसे स्टॉक्स में 1% की बढ़त देखी गई। ये गेनर्स दर्शाते हैं कि निवेशक अभी भी चुनिंदा सेक्टरों में विश्वास रखते हैं।

टॉप लूजर्स

ट्रेंट लिमिटेड सबसे बड़ा लूजर रहा, जिसमें 3.71% की गिरावट आई। रिटेल सेक्टर में कमजोर डिमांड ने इसे प्रभावित किया। इसके बाद L&T (Larsen & Toubro) 3.21% नीचे रहा, इंफ्रा प्रोजेक्ट्स में देरी के कारण। डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज 2.27% गिरा, फार्मा सेक्टर में नियामकीय मुद्दों के चलते। इंडिगो (InterGlobe Aviation) और रिलायंस इंडस्ट्रीज भी 1.5% से अधिक नीचे रहे, एविएशन और तेल सेक्टर में दबाव के कारण। अन्य लूजर्स में HDFC Life और ITC शामिल रहे, जो बीमा और FMCG सेक्टर की कमजोरी को उजागर करते हैं। ये गिरावटें बाजार की समग्र अनिश्चितता को प्रतिबिंबित करती हैं।

कल के लिए 10 प्रमुख फैक्टर: बाजार की दिशा तय करेंगे

कल (14 जनवरी 2026) बाजार पर कई घरेलू और वैश्विक फैक्टर हावी रहेंगे। निवेशकों को इन पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि ये बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। यहां 10 प्रमुख फैक्टर हैं:

वैश्विक और घरेलू संकेत

  1. वैश्विक व्यापार चिंताएं: अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध की अफवाहें बाजार को प्रभावित कर सकती हैं। अगर कोई नई घोषणा हुई, तो गिरावट बढ़ सकती है।
  2. कच्चे तेल की कीमतें: ब्रेंट क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर है। अगर यह बढ़ा, तो तेल आयातक भारत पर दबाव बढ़ेगा।
  3. कमजोर रुपया: डॉलर के मुकाबले रुपया 83.50 के स्तर पर है। अगर यह और गिरा, तो आयात महंगा होगा और FII बहिर्वाह बढ़ेगा।
  4. FII और DII फ्लो: FII का बहिर्वाह जारी रहा तो बाजार नीचे जाएगा, जबकि DII (घरेलू निवेशक) समर्थन दे सकते हैं।
  5. US फेड रेट फैसले: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के संकेत बाजार को प्रभावित करेंगे। अगर रेट कट की उम्मीद बढ़ी, तो सकारात्मक रुझान।
  6. घरेलू GDP डेटा: अगर कोई अपडेट आया, तो आर्थिक विकास की रफ्तार बाजार को दिशा देगी।
  7. सेक्टर-विशिष्ट खबरें: TCS जैसे Q3 रिजल्ट्स (नेट प्रॉफिट 10,657 करोड़) IT सेक्टर को प्रभावित करेंगे।
  8. कॉर्पोरेट घोषणाएं: बायोकॉन का 4,150 करोड़ का QIP और अडानी एनर्जी की मजबूत ऑर्डर बुक (77,787 करोड़) जैसे अपडेट स्टॉक-स्पेसिफिक मूवमेंट लाएंगे।
  9. तकनीकी स्तर: सेंसेक्स 83,000 के नीचे टूटा तो बेयरिश सिग्नल, जबकि 84,000 पर रिकवरी की उम्मीद।
  10. एशियाई बाजारों का रुझान: अगर जापान और चीन के बाजार गिरे, तो भारतीय बाजार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

ये फैक्टर कल के बाजार को अनिश्चित बनाते हैं। निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए और लॉन्ग-टर्म निवेश पर फोकस करना बेहतर होगा। कुल मिलाकर, आज की गिरावट बाजार की मजबूती की परीक्षा है, लेकिन मजबूत फंडामेंटल्स इसे जल्द रिकवर करा सकते हैं।

Sources: NSE वेबसाइट, BSE वेबसाइट

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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