17 फरवरी 2026, भागलपुर में अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़, STF की बड़ी कार्रवाई: बिहार के भागलपुर जिले में अवैध हथियार निर्माण के एक गुप्त नेटवर्क का आज बड़ा भंडाफोड़ हुआ। बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर मधुसुदनपुर थाना क्षेत्र के रहमतबाग इलाके में एक अर्धनिर्मित मकान में छिपी मिनी गन फैक्ट्री का पर्दाफाश किया। इस सफल छापेमारी के बाद नाथनगर थाना क्षेत्र में उच्च स्तरीय सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया है, क्योंकि जांच में संकेत मिले हैं कि यह फैक्ट्री बड़े अंतरराज्यीय हथियार तस्करी गिरोह से जुड़ी हो सकती है।
घटना का विवरण
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मधुसुदनपुर थाना अंतर्गत रहमतबाग में एक अर्धनिर्मित मकान (जिसका निर्माण लगभग 8 महीने पहले शुरू हुआ था) में अवैध रूप से पिस्तौल और अन्य छोटे आग्नेयास्त्र बनाए जा रहे हैं। सूचना के आधार पर STF की विशेष टीम, डीएसपी राकेश कुमार के नेतृत्व में, मधुसुदनपुर, ललमटिया और नाथनगर थानों की पुलिस के साथ मिलकर रात में ऑपरेशन शुरू किया। छापेमारी लगभग 6 घंटे तक चली, जिसमें मकान की गहन तलाशी ली गई।
मकान के निचले हिस्से में हैंडलूम (लूम) चल रहा था, जो फैक्ट्री की आड़ के रूप में इस्तेमाल हो रहा था, जबकि ऊपरी हिस्से में हथियार निर्माण का काम चल रहा था। यह रणनीति अपराधियों द्वारा संदेह से बचने के लिए अपनाई गई थी।
बरामद सामग्री और गिरफ्तारियां
छापेमारी के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त की:
- बड़ी संख्या में अर्धनिर्मित पिस्तौलें (खासकर 7.65 mm कैलिबर की)
- पिस्तौल बॉडी, स्लाइडर, ग्रिप, बैरल और अन्य पार्ट्स
- लेथ मशीन, ड्रिलिंग मशीन, ग्राइंडिंग और पॉलिशिंग उपकरण
- हथियार निर्माण के लिए कच्चा माल, टूल्स और अन्य सामग्री
प्राथमिक जांच में कुछ तैयार हथियार भी बरामद हुए। पुलिस ने 4 से 5 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें फैक्ट्री चलाने वाले कारीगर और मालिक शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों के नाम अभी आधिकारिक रूप से जारी नहीं किए गए, लेकिन वे स्थानीय निवासी बताए जा रहे हैं और कुछ का मुंगेर जिले से पुराना संबंध है। मुंगेर लंबे समय से अवैध हथियार निर्माण का प्रमुख केंद्र रहा है, जहां से तकनीक और ट्रेनिंग भागलपुर जैसे जिलों में फैलती है।
नाथनगर में सुरक्षा अलर्ट क्यों?
नाथनगर थाना क्षेत्र, जो भागलपुर का संवेदनशील इलाका है, पहले भी कई बार ऐसी फैक्ट्रियों के लिए सुर्खियों में रहा है। 2025 में ही नाथनगर के रत्तीपुर दियारा में एक मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ था, जहां 4 लोग गिरफ्तार हुए और भारी मात्रा में अर्धनिर्मित हथियार जब्त किए गए थे। पुलिस को आशंका है कि वर्तमान फैक्ट्री उसी या इससे जुड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है। फरार अपराधी नाथनगर में छिपे हो सकते हैं, इसलिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। गश्त बढ़ाई गई है, चेकपॉइंट लगाए गए हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क नजर रखी जा रही है।
अवैध हथियारों का बढ़ता खतरा
भागलपुर में अवैध हथियार निर्माण का इतिहास पुराना है। कुछ परिवारों में यह धंधा पीढ़ियों से चला आ रहा है। मुंगेर, भागलपुर, वैशाली जैसे जिलों में ऐसे नेटवर्क सक्रिय हैं, जो हथियारों को पश्चिम बंगाल, झारखंड और अन्य राज्यों तक सप्लाई करते हैं। इन हथियारों का इस्तेमाल छोटे विवादों से लेकर संगठित अपराध तक में होता है।
हाल के वर्षों में बिहार और कोलकाता पुलिस STF की संयुक्त कार्रवाइयों से कई फैक्ट्रियां पकड़ी गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह धंधा न केवल स्थानीय कानून-व्यवस्था को चुनौती देता है, बल्कि अंतरराज्यीय अपराध को बढ़ावा भी देता है।
पुलिस की मुहिम और आगे की जांच
यह कार्रवाई बिहार पुलिस की अवैध हथियारों के खिलाफ चल रही व्यापक मुहिम का हिस्सा है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है ताकि मास्टरमाइंड, सप्लाई चेन और बिक्री के रूट का पता लगाया जा सके। बरामद सामग्री की फोरेंसिक जांच भी शुरू हो चुकी है।
भागलपुर के एसपी और STF अधिकारियों ने प्रेस में कहा कि यह सफलता गुप्त सूचना और टीमवर्क का नतीजा है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि ऐसी गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
यह घटना बिहार में कानून-व्यवस्था और अवैध हथियारों के मुद्दे को एक बार फिर उजागर करती है। सरकार और पुलिस को ग्रामीण इलाकों में छिपी ऐसी फैक्ट्रियों को जड़ से खत्म करने के लिए और सख्त कदम उठाने होंगे। भागलपुर जैसे शहर, जो शिक्षा, व्यापार और संस्कृति के केंद्र हैं, ऐसे अपराधों से मुक्त होने की जरूरत है ताकि युवा सुरक्षित और प्रगतिशील भविष्य की ओर बढ़ सकें।
Sources: न्यूज़ नेशन