IDFC First Bank scamIDFC First Bank scam

25 फरवरी 2026, IDFC फर्स्ट बैंक घोटाला: IDFC फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ ब्रांच से जुड़ा ₹590 करोड़ का बड़ा घोटाला सामने आया है, जो बैंकिंग सेक्टर में इनसाइडर फ्रॉड का एक गंभीर उदाहरण बन गया है। यह मामला हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों के खातों से जुड़ा है, जहां सरकारी फंड्स को फर्जी तरीके से डायवर्ट किया गया। बैंक ने 22 फरवरी 2026 को इस फ्रॉड का खुलासा किया, जिसके बाद हरियाणा के स्टेट विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो (SV & ACB) ने तेज जांच शुरू की। 24 फरवरी की शाम को मास्टरमाइंड समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया, और CM नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में दावा किया कि पूरा पैसा (प्रिंसिपल ₹556 करोड़ + इंटरेस्ट ₹22 करोड़ सहित) 24 घंटे के अंदर रिकवर कर लिया गया और सरकारी खातों में क्रेडिट कर दिया गया। यह रिकवरी बैंकिंग सिस्टम में दुर्लभ सफलता मानी जा रही है।

घोटाले का बैकग्राउंड

फ्रॉड मुख्य रूप से IDFC फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ ब्रांच में हुआ, जहां हरियाणा सरकार के MMGAY-2.0 (मुख्यमंत्री मुक्त ग्रामीण योजना या समान योजना) जैसे स्कीम्स के तहत खाते थे। सितंबर 2025 में दो नए अकाउंट्स IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक में खोले गए थे। जांच में पता चला कि 391 ट्रांजेक्शन्स और 170 अकाउंट्स से जुड़े अनधिकृत ट्रांसफर्स किए गए। मुख्य तरीका: फर्जी चेक, मैनुअल एंट्रीज, और शेल कंपनियों का इस्तेमाल। आरोपियों ने सरकारी फंड्स को प्राइवेट अकाउंट्स में ट्रांसफर किया, जिसमें से करीब ₹300 करोड़ एक कंपनी में गए, जो आरोपी रिभव ऋषि की पत्नी स्वाति सिंगला और उनके भाई अभिषेक सिंगला की पार्टनरशिप फर्म से जुड़ी थी।

बैंक ने कहा कि यह फ्रॉड “स्टाफ कोल्यूजन” (कर्मचारियों की मिलीभगत) से हुआ, जिसमें पूर्व कर्मचारी शामिल थे। बैंक ने चार कर्मचारियों को सस्पेंड किया और जांच में पूरा सहयोग करने का दावा किया।

मास्टरमाइंड कौन? रिभव ऋषि की भूमिका

घोटाले का मुख्य आरोपी रिभव ऋषि (Ribhav Rishi) है, जो IDFC फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ ब्रांच में ब्रांच मैनेजर थे। गिरफ्तारी के समय वे AU स्मॉल फाइनेंस बैंक में काम कर रहे थे। जांचकर्ताओं के अनुसार, रिभव ने पूरी साजिश रची:

  • शेल फर्म्स बनाईं।
  • बैंकिंग प्रोसेस को मैनिपुलेट किया।
  • फर्जी दस्तावेजों से ट्रांजेक्शन्स अप्रूव कराए।
  • सरकारी खातों से फंड्स को प्राइवेट अकाउंट्स में डायवर्ट किया।

उनकी पत्नी स्वाति सिंगला और साले अभिषेक सिंगला की कंपनी में बड़े अमाउंट ट्रांसफर हुए। पूर्व रिलेशनशिप मैनेजर अभय कुमार भी शामिल थे, जो ट्रांजेक्शन्स को आसान बनाने में मदद करते थे। कुल चार गिरफ्तार: रिभव ऋषि, अभय कुमार, स्वाति सिंगला, अभिषेक सिंगला। कुछ रिपोर्ट्स में पांचवीं गिरफ्तारी का जिक्र है, लेकिन मुख्य चार की पुष्टि हुई।

पुलिस ने रिभव के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया था ताकि वे देश छोड़कर भाग न सकें। गिरफ्तारियां 24 फरवरी शाम 6 बजे के आसपास हुईं, और 25 फरवरी को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया।

फंड्स रिकवरी: कैसे संभव हुआ?

हरियाणा CM नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में बताया कि बैंक ने तुरंत कार्रवाई की और फ्रॉड अमाउंट को फ्रीज/रिवर्स कर लिया।

  • प्रिंसिपल अमाउंट: ₹556 करोड़
  • इंटरेस्ट/अतिरिक्त: ₹22-34 करोड़ (रिपोर्ट्स में थोड़ा अंतर)
  • कुल: लगभग ₹590 करोड़ सरकारी खातों में वापस क्रेडिट। यह रिकवरी 24 घंटे में हुई, जो बैंकिंग सिस्टम की सतर्कता और त्वरित रिस्पॉन्स दिखाती है। हालांकि, विपक्ष (कांग्रेस) ने CBI जांच की मांग की है, दावा करते हुए कि सिर्फ रिकवरी से जांच पूरी नहीं होती।

जांच की स्थिति और निहितार्थ

  • SV & ACB SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) का विस्तार कर रही है।
  • सरकारी कर्मचारियों की संलिप्तता की जांच जारी।
  • बैंक ने इंटरनल ऑडिट और सिस्टम अपग्रेड का वादा किया।
  • यह मामला बैंकिंग सेक्टर में इनसाइडर थ्रेट्स, KYC कमजोरियों और सरकारी फंड मैनेजमेंट पर सवाल उठाता है।

यह घोटाला दिखाता है कि कैसे एक पूर्व बैंक मैनेजर ने मिलीभगत से सरकारी फंड्स को लूटने की कोशिश की, लेकिन तेज जांच और रिकवरी से बड़ा नुकसान टला। गिरफ्तारियां और फंड्स वापसी सकारात्मक हैं, लेकिन पूरी सच्चाई सामने आने में समय लगेगा। अगर सरकारी कर्मचारी शामिल पाए गए, तो मामला और बड़ा हो सकता है। बैंकिंग रेगुलेटर RBI भी नजर रख रहा है, और ऐसे मामलों में सख्त गाइडलाइंस की जरूरत बढ़ गई है।

Sources: एनडीटीवी

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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