JamuiJamui

28 दिसंबर 2025, Jamui: बिहार के Jamui जिले में शनिवार रात एक बड़ा रेल हादसा हो गया। दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर सीमेंट से लदी एक मालगाड़ी के करीब 12 डिब्बे पटरी से उतर गए, जिनमें से तीन डिब्बे पास बह रही बडुआ नदी में समा गए। यह घटना लाहाबोन और सिमुलतला रेलवे स्टेशनों के बीच सिमुलतला के टेलवा बाजार हॉट के पास करीब रात 11:25 बजे हुई। सौभाग्य से इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन दिल्ली-हावड़ा रूट पर रेल यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। रेलवे प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिया है, लेकिन पटरी बहाली में कम से कम 24 घंटे लग सकते हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग और रेलवे कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे। वीडियो फुटेज में दिख रहा है कि मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतरते हुए एक-दूसरे से टकरा रहे हैं, और नदी में गिरे डिब्बों से सीमेंट का धुंधला बादल उठ रहा है। आसनसोल मंडल के अंतर्गत आने वाले इस खंड पर ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित होने से दर्जनों पैसेंजर और मालगाड़ियां रुकी हुई हैं। पूर्व रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, हादसे के कारण अप और डाउन दोनों लाइनों पर यातायात बाधित है, जिससे कोलकाता, पटना और दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को परेशानी हो रही है।

हादसे का पूरा विवरण: अचानक पटरी से उतरी मालगाड़ी

मालगाड़ी नंबर 13281, जो आसनसोल से दिल्ली की ओर जा रही थी, सीमेंट से लदी हुई थी। यह गाड़ी जसीडीह-झाझा रेलखंड पर चल रही थी, जो देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में से एक है। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रात के अंधेरे में अचानक गाड़ी के इंजन के पीछे के डिब्बे झटके के साथ पटरी से उतरने लगे। पहले चार डिब्बे पलटे, फिर चेन रिएक्शन की तरह बाकी डिब्बे भी बेपटरी हो गए। कुल 12 डिब्बों में से आठ पटरी के किनारे लेट गए, जबकि तीन डिब्बे बडुआ नदी के तेज बहाव में धकेल दिए गए। एक डिब्बा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ, लेकिन इंजन सुरक्षित बच गया।

साक्ष्य के तौर पर स्थानीय निवासियों ने बताया कि हादसे से पहले पटरी के पास तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी थी। टेलवा बाजार के एक दुकानदार रामेश्वर पासवान ने कहा, “रात के करीब 11:30 बजे जोरदार आवाज आई, मानो कोई विस्फोट हो गया हो। हम बाहर निकले तो देखा कि रेलवे ट्रैक पर धुंध उड़ रही है और नदी में डिब्बे तैर रहे हैं।” Jamui जिले के सांसद और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव कार्यों का जायजा लिया। रेलवे ने एक विशेष राहत ट्रेन भेजी, जिसमें क्रेन और कटिंग मशीनें लादी गई हैं।

विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, डिब्बों की संख्या में थोड़ी भिन्नता है। कुछ स्रोत 8 डिब्बे बता रहे हैं, तो कुछ 19 तक। लेकिन आधिकारिक पूर्व रेलवे प्रेस रिलीज में 12 डिब्बों का उल्लेख है। नदी में गिरे डिब्बों से पर्यावरणीय चिंता भी बढ़ गई है, क्योंकि सीमेंट का रिसाव नदी के जल को प्रदूषित कर सकता है। स्थानीय पर्यावरणविदों ने प्रशासन से तत्काल सफाई की मांग की है।

कारण अज्ञात, लेकिन सुरक्षा चूक की आशंका

हादसे के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चला है। प्रारंभिक जांच में रेलवे अधिकारियों ने पटरी की खराबी या डिब्बों के अधिक भार को संभावित कारण बताया है। पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिरुद्ध कुमार ने कहा, “हमारी टीम घटनास्थल पर पहुंच चुकी है। प्रारंभिक रिपोर्ट में कोई साजिश या तोड़फोड़ के निशान नहीं मिले। लेकिन विस्तृत जांच के बाद ही अंतिम कारण स्पष्ट होगा।” विशेषज्ञों का मानना है कि यह रेलवे ट्रैक की पुरानी स्थिति या रखरखाव की कमी का नतीजा हो सकता है। बिहार में रेल हादसों का इतिहास रहा है, जैसे 2024 में छपरा में हुए डिरेलमेंट, जो इसी तरह के कारणों से हुए थे।

राष्ट्रीय रेलवे सुरक्षा आयोग (RSC) ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया है और एक उच्च स्तरीय जांच टीम गठित की है। टीम में रेलवे इंजीनियर, सेफ्टी एक्सपर्ट और फॉरेंसिक विशेषज्ञ शामिल हैं। जांच में ट्रैक की मजबूती, डिब्बों की लोडिंग और सिग्नल सिस्टम की जांच होगी। यदि मानवीय भूल पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।

रेल यातायात पर गहरा असर: 9 ट्रेनें रद्द, दर्जनों डायवर्ट

यह हादसा दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर एक बड़ा झटका है, जो दैनिक 200 से अधिक ट्रेनों का आवागमन देखता है। हादसे के बाद पूर्व रेलवे ने तत्काल 9 पैसेंजर ट्रेनों को रद्द कर दिया, जिनमें हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, कोलकाता-दिल्ली दुरंतो और पटना-हावड़ा मेल शामिल हैं। इसके अलावा, 15 से अधिक ट्रेनों को वैकल्पिक रूटों पर डायवर्ट किया गया है, जैसे गया-मुगलसराय लाइन। यात्रियों को स्टेशनों पर फंसना पड़ा, और कई को बसों से वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी।

Jamui स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई। एक यात्री ने बताया, “हम कोलकाता से दिल्ली जा रहे थे, लेकिन अब रात भर स्टेशन पर इंतजार कर रहे हैं। खाने-पीने की व्यवस्था भी अपर्याप्त है।” रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर 139 जारी किया है, जहां यात्री अपनी ट्रेन की स्थिति चेक कर सकते हैं। माल ढुलाई पर भी असर पड़ा है; सीमेंट जैसे आवश्यक सामग्री की सप्लाई बाधित हो गई, जो निर्माण उद्योग को प्रभावित करेगी। अनुमान है कि इस हादसे से रेलवे को करोड़ों का नुकसान होगा।

स्थानीय प्रभाव और प्रशासन की प्रतिक्रिया

Jamui जिले के सिमुलतला क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों को हादसे का सबसे ज्यादा असर पड़ा है। नदी में गिरे डिब्बों से बहाव बाधित हो गया, और आसपास के खेतों में सीमेंट का कचरा फैल गया। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि ने कहा, “नदी का पानी गंदा हो गया है, जो हमारी खेती को नुकसान पहुंचाएगा। प्रशासन को तुरंत सफाई करनी चाहिए।” बिहार सरकार ने जिला प्रशासन को राहत कार्यों के लिए निर्देश दिए हैं, जिसमें प्रभावित क्षेत्रों में बिजली और पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करना शामिल है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हादसे पर शोक व्यक्त किया और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से बात की। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “Jamui हादसे की जानकारी मिली। कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, राहत की बात है। लेकिन रेलवे को तत्काल बहाली सुनिश्चित करनी होगी।” केंद्र सरकार ने भी उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है, जहां रेल सुरक्षा पर चर्चा होगी। विपक्षी दलों ने इसे रेलवे की लापरवाही बताया और संसद में चर्चा की मांग की है।

भविष्य की चुनौतियां: रेल सुरक्षा पर सवाल

यह हादसा भारतीय रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। पिछले दो वर्षों में बिहार में 15 से अधिक डिरेलमेंट हो चुके हैं, जिनमें अधिकांश रखरखाव की कमी से जुड़े हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कवच सिस्टम (ऑटोमेटिक ट्रेन कंट्रोल) का विस्तार और ट्रैक मॉनिटरिंग में ड्रोन का उपयोग जरूरी है। रेलवे ने 2025 के बजट में सुरक्षा पर 20% अधिक फंड आवंटित किया था, लेकिन कार्यान्वयन में देरी हो रही है।

अंत में, यह घटना यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए एक चेतावनी है। रेलवे को न केवल पटरी बहाल करनी है, बल्कि भविष्य के हादसों को रोकने के लिए कदम उठाने होंगे। अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट पर बने रहें।

Sources: एनडीटीवी

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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