22 जनवरी 2026, Kishanganj में भीषण सड़क हादसा: बिहार के किशनगंज जिले में रफ्तार का कहर एक बार फिर सामने आया। ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के एनएच-327ई पर सोमवार दोपहर डंपर और ट्रक की आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भयावह थी कि दोनों वाहन तुरंत आग की लपेट में आ गए और धू-धूकर जलने लगे। इस हादसे में तीन लोगों की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई। घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और हाईवे पर लंबा जाम लग गया।
घटना का पूरा विवरण
टक्कर और आग का तांडव
हादसा ठाकुरगंज प्रखंड के गंभीर गढ़ चौक के पास एनएच-327ई पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक तेज रफ्तार ट्रक और विपरीत दिशा से आ रहा डंपर आमने-सामने भिड़ गए। टक्कर की आवाज दूर तक सुनाई दी। टक्कर के तुरंत बाद दोनों वाहनों में आग लग गई। लपटें 10 फीट ऊंची और धुएं का गुबार 20 फीट तक फैल गया।
के बिन में फंसे चालक और खलासी बाहर निकलने की कोशिश करते रहे, लेकिन आग ने उन्हें निगल लिया। स्थानीय लोग दूर से यह मंजर देखकर सहम गए। कई लोगों ने बचाव की कोशिश की, लेकिन आग की तीव्रता के कारण पास जाना मुश्किल हो गया।
राहत और बचाव कार्य
सूचना मिलते ही ठाकुरगंज पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तब तक दोनों वाहन पूरी तरह जलकर राख हो चुके थे। शवों को बाहर निकालना भी चुनौतीपूर्ण रहा। पुलिस ने क्रेन की मदद से वाहनों को हटवाया और यातायात बहाल कराया। एसडीपीओ मंगलेश कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
मृतकों की जानकारी
तीनों की जलकर हुई मौत
हादसे में मारे गए तीनों लोग ट्रक और डंपर में सवार थे:
- ट्रक चालक धर्मेंद्र सिंह (35 वर्ष)
- डंपर चालक
- खलासी
तीनों की मौके पर ही जलकर मौत हो गई। शव इतनी बुरी तरह झुलस चुके थे कि पहचान मुश्किल हो रही थी। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा। मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
हादसे के संभावित कारण
तेज रफ्तार और लापरवाही
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि दोनों वाहन तेज रफ्तार में थे। ओवरटेकिंग की कोशिश या चालक की लापरवाही कारण हो सकती है। एनएच-327ई पर भारी वाहनों की आवाजाही ज्यादा रहती है और आए दिन हादसे होते रहते हैं। सड़क की स्थिति और ड्राइवरों की थकान भी बड़ा कारण मानी जा रही है।
पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है और चालकों की लापरवाही की जांच की जा रही है। अगर कोई जीवित होता तो आर्म्स एक्ट या अन्य धाराओं में मामला दर्ज होता, लेकिन सभी की मौत होने से मामला दुर्घटना का दर्ज किया गया है।
इलाके में मचा हड़कंप और प्रतिक्रियाएं
स्थानीय लोगों में दहशत
हादसे के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि इस हाईवे पर बड़े वाहनों की रफ्तार बेकाबू हो गई है। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “आग की लपटें देखकर लगा जैसे कोई बम फटा हो। तीन लोग जिंदा जल गए, बहुत दर्दनाक था।”
राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने हादसे पर दुख जताया है। कुछ लोगों ने सड़क सुरक्षा के लिए स्पीड लिमिट और चेकिंग की मांग की है।
सड़क सुरक्षा पर बड़ा सवाल
यह हादसा बिहार में सड़क सुरक्षा की स्थिति पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। पिछले कुछ महीनों में किशनगंज और सीमांचल क्षेत्र में कई बड़े हादसे हो चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भारी वाहनों पर सख्ती, ड्राइवरों की ट्रेनिंग और सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार जरूरी है।
पुलिस और प्रशासन अब इस हादसे की गहन जांच कर रहा है। मृतकों के परिजनों को सरकारी मदद की उम्मीद है। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि रफ्तार कितनी खतरनाक हो सकती है।
Sources: हिंदुस्तान