21 दिसंबर 2025, South Africa, Johannesburg: South Africa की आर्थिक राजधानी Johannesburg के दक्षिण-पश्चिमी इलाके बेकर्सडाल टाउनशिप में आज सुबह एक भयावह गोलीबारी ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। स्थानीय समयानुसार रविवार को करीब 1 बजे क्वानोक्सोलो टैवर्न में लगभग 12 अज्ञात बंदूकधारियों ने अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें 9 लोग मारे गए और 10 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना दिसंबर 2025 की दूसरी बड़ी सामूहिक हत्या है, जो South Africa की जड़ें गहरी हिंसा और अपराध की समस्या को उजागर करती है। शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 10 बताई गई थी, लेकिन पुलिस ने बाद में इसे 9 कर संशोधित किया।
घटना का विवरण रोंगटे खड़े कर देने वाला है। हमलावर दो वाहनों – एक सफेद कोम्बी (मिनीबस) और एक चांदी के रंग की सेडान – में सवार होकर टैवर्न पहुंचे। वे पहले अंदर मौजूद ग्राहकों पर गोली चलाने लगे, जहां लोग रविवार की रात को थोड़ी मस्ती और राहत के पल बिता रहे थे। इसके बाद वे बाहर निकले और भागते हुए लोगों पर रैंडम फायरिंग करने लगे, जिससे सड़कों पर खौफ फैल गया। दक्षिण अफ्रीकी पुलिस सेवा (SAPS) की प्रांतीय प्रवक्ता ब्रिगेडियर अथलेन्दा माथे ने बताया, “कुछ पीड़ित सड़कों पर रैंडम तरीके से गोलीबारी के शिकार हुए। हमलावरों ने टैवर्न के ग्राहकों पर फायरिंग की और फिर भागते हुए लोगों पर भी गोली चलाई।” घटनास्थल पर पहुंची पुलिस टीमों ने 9 शव बरामद किए, जबकि घायलों को नजदीकी अस्पतालों – जैसे रोएडपोोर्ट और जोहान्सबर्ग जनरल – में भर्ती कराया गया। कई घायलों की हालत नाजुक है, और चिकित्सकों का अनुमान है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
मृतकों में एक ई-हेलिंग (राइड-हेलिंग) ड्राइवर भी शामिल है, जो हमले के समय टैवर्न के बाहर इंतजार कर रहा था। उसकी पहचान थाबो मंगवेन्या के रूप में हुई है, जो 32 वर्षीय पिता थे और परिवार का इकलौता कमाने वाले थे। मंगवेन्या की पत्नी, नोम्पिलो, ने अस्पताल के बाहर रोते हुए कहा, “वह बस एक राइड के इंतजार में था। हमारे दो बच्चों का भविष्य अब अंधेरा हो गया। ये लोग कौन हैं जो बिना वजह निर्दोषों को मारते हैं?” स्थानीय निवासी लिसा नकुबो, जो घायलों में से एक हैं, ने बताया कि वे दोस्तों के साथ जश्न मना रही थीं जब अचानक गोलियां चलने लगीं। “हम भागे, लेकिन सड़क पर भी गोलियां आ रही थीं। यह मौत का जाल था।” परिवारजन और दोस्त अस्पतालों के बाहर सैकड़ों की संख्या में इकट्ठा हो गए, जहां शोक और गुस्से की लहर दौड़ रही है। बेकर्सडाल के सामुदायिक नेता जॉन मोजो ने कहा, “यह हमारी जिंदगी का हिस्सा बन गया है – हर रात डर। लेकिन अब हम चुप नहीं रहेंगे।”
पुलिस ने तत्काल मैनहंट शुरू कर दिया है। गौतेंग प्रांत के पुलिस प्रमुख मेजर जनरल फ्रेड केकाना ने एसएबीसी टेलीविजन को बताया, “हमारे पास 12 संदिग्धों के वाहनों की जानकारी है। फोरेंसिक क्राइम सीन मैनेजमेंट, क्राइम इंटेलिजेंस और प्रांतीय डिटेक्टिव टीम साइट पर हैं।” अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस ने जोहान्सबर्ग के पूरे इलाके में छापेमारी तेज कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला है कि हमलावर गैंग से जुड़े हो सकते हैं, हालांकि मोटिव स्पष्ट नहीं है। बेकर्सडाल, जोहान्सबर्ग से 40 किमी दूर एक गरीब टाउनशिप है, जो प्रमुख गोल्ड माइंस के पास स्थित है। यहां बेरोजगारी दर 40% से ऊपर है, और अवैध खनन, ड्रग ट्रैफिकिंग और गैंगवार आम हैं। 2013 में यहां सेवा वितरण पर विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़की थी, जिसमें कई मौतें हुईं। विशेषज्ञों का कहना है कि टैवर्न जैसे अनौपचारिक व्यवसायों पर गैंग्स का कब्जा होता है, जो शराब की अवैध बिक्री और सुरक्षा रैकेट चलाते हैं।
यह घटना दिसंबर 2025 की दूसरी मास शूटिंग है। 6 दिसंबर को प्रिटोरिया के सॉल्सविले टाउनशिप में एक हॉस्टल टैवर्न पर हमले में 12 लोग मारे गए, जिसमें एक 3 वर्षीय बच्चा भी शामिल था। South Africa में हिंसा का आंकड़ा डराने वाला है। 2025 में अब तक 27,000 से अधिक हत्याएं दर्ज हो चुकी हैं, जो प्रति 100,000 लोगों पर 45 की दर है – दुनिया में सबसे ऊंची। टैवर्न शूटिंग्स में ही इस साल 150 से अधिक मौतें हुई हैं, ज्यादातर टाउनशिप्स में। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अवैध हथियारों की उपलब्धता और कमजोर कानून प्रवर्तन इस चक्र को बढ़ावा दे रहे हैं। अपराध विशेषज्ञ गैरेथ न्यूहैम कहते हैं, “ये हमले रैंडम नहीं लगते; ये संगठित अपराध का हिस्सा हैं, जहां गैंग्स टेरिटरी पर कब्जा जमाने के लिए हिंसा का सहारा लेते हैं।”
राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रिया तेज आई। राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने शोक संदेश जारी कर कहा, “यह अमानवीय कृत्य हमारे समाज की चेतावनी है। हम हिंसा के खिलाफ जीरो टॉलरेंस अपनाएंगे और कानून प्रवर्तन को मजबूत करेंगे।” विपक्षी दलों, जैसे डेमोक्रेटिक अलायंस, ने सरकार की आलोचना की, दावा करते हुए कि अपराध दर में 25% की वृद्धि हुई है। गौतेंग प्रांत की प्रीमियर पुमला मोकोयाने ने आपात बैठक बुलाई, जहां सामुदायिक सुरक्षा पर चर्चा हुई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दक्षिण अफ्रीका से तत्काल जांच की मांग की, जबकि अमेरिकी दूतावास ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी।
बेकर्सडाल के निवासी अब और अधिक डरे हुए हैं। स्थानीय चर्चों ने शोक सभाएं आयोजित की हैं, और युवा संगठन शांति मार्च की योजना बना रहे हैं। एक बुजुर्ग निवासी, एलिजाबेथ थुको, ने कहा, “हम रेनबो नेशन हैं, लेकिन रंगों में खून ही दिख रहा है। नेल्सन मंडेला की विरासत को बचाने के लिए हमें एकजुट होना होगा।” विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि समाधान सामुदायिक पुनर्वास, नौकरियों का सृजन, हथियार नियंत्रण और गैंग डिसरप्शन प्रोग्राम्स में है। दक्षिण अफ्रीकी इंस्टीट्यूट फॉर सिक्योरिटी स्टडीज की रिपोर्ट के अनुसार, यदि सरकार 2026 तक 10,000 अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात करे, तो अपराध 15% कम हो सकता है।
यह दुखद घटना South Africa की गहरी सामाजिक असमानता को दर्शाती है। अपार्टहाइड के 30 साल बाद भी, टाउनशिप्स गरीबी और हिंसा के जाल में फंसे हैं। क्या यह हमला एक टर्निंग पॉइंट बनेगा? सरकार की प्रतिक्रिया और सामाजिक एकजुटता ही जवाब देगी। बेकर्सडाल से निकलने वाली यह चीख न सिर्फ South Africa, बल्कि पूरी दुनिया को सोचने पर मजबूर करती है कि शांति कैसे लाई जाए।
Sources: द गार्जियन, अल जजीरा