5 फरवरी 2026, भारतीय Share Market में भारी बिकवाली: भारतीय शेयर बाजार में आज भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे तीन दिन की तेजी पर ब्रेक लग गया। बीएसई सेंसेक्स 504 अंक की गिरावट के साथ 83,314 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी करीब 133 अंक लुढ़ककर 25,643 पर बंद हुआ। सभी सेक्टर्स लाल निशान में रहे, खासकर आईटी, बैंकिंग और मेटल शेयरों में भारी दबाव दिखा। प्रॉफिट बुकिंग के साथ-साथ ग्लोबल मार्केट के कमजोर संकेतों ने निवेशकों का सेंटीमेंट खराब किया।
बाजार की शुरुआत और इंट्रा-डे मूवमेंट
बाजार की शुरुआत फ्लैट रही, लेकिन जल्द ही बिकवाली हावी हो गई। सेंसेक्स दिन के उच्चतम स्तर 83,947 से गिरकर निचले स्तर 83,152 तक पहुंचा और अंत में 503.76 अंक (0.60%) की गिरावट के साथ बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी ने 25,818 का हाई और 25,564 का लो छुआ, अंत में 133.20 अंक (0.52%) नीचे बंद हुआ। ब्रॉडर मार्केट में भी कमजोरी दिखी, जहां मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.5-1% की गिरावट दर्ज की गई।
सेक्टोरल परफॉर्मेंस: सभी सेक्टर लाल निशान में
आज बाजार में कोई भी सेक्टर हरे निशान में नहीं रहा। सबसे ज्यादा नुकसान आईटी और मेटल सेक्टर को हुआ, जहां इंडेक्स 2-3% तक गिरे। बैंकिंग शेयरों में भी भारी बिकवाली हुई, निफ्टी बैंक इंडेक्स 1% से ज्यादा नीचे बंद हुआ। अन्य सेक्टर जैसे ऑटो, एफएमसीजी, रियल्टी और फार्मा में भी 0.5-1.5% की गिरावट रही। विशेषज्ञों का कहना है कि हाल की तेजी के बाद प्रॉफिट बुकिंग स्वाभाविक थी, लेकिन ग्लोबल अनिश्चितता ने इसे और बढ़ावा दिया।
प्रमुख कंपनियों के नतीजों का असर
आज कई बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजों ने बाजार पर दबाव डाला। भारती एयरटेल का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 55% गिरकर ₹6,630 करोड़ रह गया, हालांकि रेवेन्यू 20% बढ़ा और ARPU ₹259 तक पहुंच गया। कंपनी के शेयर 2% तक गिरे। दूसरी ओर, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ने जेएलआर में साइबर अटैक और कमजोर बिक्री के कारण ₹3,486 करोड़ का नेट लॉस पोस्ट किया। रेवेन्यू 26% गिरकर ₹70,108 करोड़ रहा। टाटा मोटर्स के शेयरों में भी 2-4% की गिरावट देखी गई। इन नतीजों ने ऑटो और टेलीकॉम सेक्टर पर अतिरिक्त दबाव डाला।
ग्लोबल संकेतों का प्रभाव
ग्लोबल मार्केट से कमजोर संकेतों ने भारतीय बाजार को प्रभावित किया। अमेरिकी बाजारों में टेक सेल-ऑफ जारी रहा, जबकि एशियाई मार्केट जैसे निक्केई, हैंग सेंग और शंघाई कंपोजिट भी लाल निशान में बंद हुए। अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर सकारात्मक खबरें थीं, जहां टैरिफ 50% से घटकर 18% हो सकता है, लेकिन फिलहाल यह बाजार को सपोर्ट नहीं दे पाई। इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और डॉलर इंडेक्स की मजबूती ने भी सेंटीमेंट खराब किया।
टॉप गेनर्स और लूजर्स
आज बहुत कम शेयर हरे निशान में रहे। कुछ डिफेंसिव स्टॉक जैसे एचयूएल और नेस्ले में हल्की बढ़त दिखी, लेकिन ज्यादातर बड़े शेयर गिरावट में रहे। टॉप लूजर्स में टाटा स्टील, एशियन पेंट्स, इंफोसिस, टीसीएस और रिलायंस शामिल रहे। ब्रॉड मार्केट में भी बिकवाली हावी रही, जहां एडवांस-डिक्लाइन रेशियो निगेटिव रहा।
निवेशकों पर असर और आगे की दिशा
इस गिरावट से निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर हुआ है। रिटेल निवेशक जो हाल की तेजी में उत्साहित थे, अब सतर्क हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कल आरबीआई की पॉलिसी मीटिंग महत्वपूर्ण होगी, जहां रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होने की उम्मीद है, लेकिन गवर्नर के कमेंट्स पर नजर रहेगी। भारत-अमेरिका ट्रेड डील की प्रोग्रेस भी पॉजिटिव फैक्टर हो सकती है।
तकनीकी रूप से निफ्टी का सपोर्ट 25,500-25,600 के आसपास है, जबकि रेजिस्टेंस 25,800-26,000 पर। अगर ग्लोबल मार्केट स्थिर होते हैं तो बाजार में रिकवरी आ सकती है, लेकिन फिलहाल सतर्कता बरतने की सलाह है। लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह डिप खरीदारी का मौका हो सकता है, लेकिन शॉर्ट टर्म में वोलेटिलिटी बनी रहेगी।
यह गिरावट बाजार की सामान्य करेक्शन का हिस्सा लग रही है, लेकिन ग्लोबल और घरेलू फैक्टर्स पर नजर रखना जरूरी है। निवेशक अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें।
Sources: NSE वेबसाइट, BSE वेबसाइट