24 फरवरी 2026, शेयर बाजार में भारी गिरावट, Sensex 1,069 अंक टूटा, Nifty 25,425 पर बंद: भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई, जिसमें BSE Sensex 1,069 अंकों से अधिक टूटकर बंद हुआ और NSE Nifty 25,425 के स्तर पर समाप्त हुआ। बाजार में भारी बिकवाली रही, जिससे पिछले दो दिनों की तेजी टूट गई और चार दिनों में सबसे खराब सत्र दर्ज हुआ। BSE Sensex 1,068.74 अंक (1.28%) गिरकर 82,225.92 पर बंद हुआ, जबकि NSE Nifty 288.35 अंक (1.12%) गिरकर 25,424.65 पर। इंट्राडे में Sensex 1,359.93 अंक तक नीचे गया (81,934.73 पर), और Nifty 385.4 अंक गिरकर 25,327.60 तक पहुंचा। निवेशकों को लाखों करोड़ का नुकसान हुआ, और बाजार में रिस्क-ऑफ मूड पूरी तरह हावी रहा।
बाजार का अवलोकन
सुबह बाजार कमजोर खुला। Sensex शुरुआत में ही 781 अंक गिरकर 82,513 पर था, लेकिन दिन चढ़ने के साथ गिरावट बढ़ती गई। Nifty भी 25,450 के नीचे फिसल गया। क्लोजिंग पर Sensex 82,225.92 और Nifty 25,424.65 पर बंद हुए। ब्रॉडर मार्केट भी प्रभावित रहा – Nifty Midcap 0.32% और Smallcap 0.55% गिरे। BSE पर 2,802 शेयर लाल निशान में रहे, जबकि केवल 1,422 हरे। NSE पर Nifty के 32 स्टॉक गिरे। कुल मिलाकर बाजार में भारी बिकवाली देखी गई, जो F&O एक्सपायरी के दिन और ग्लोबल अनिश्चितता से जुड़ी थी।
गिरावट के प्रमुख कारण
- आईटी सेक्टर में भयंकर बिकवाली और AI डिसरप्शन का डर Nifty IT इंडेक्स 4.74% गिरकर 30,053.50 पर बंद हुआ, जो 30-महीने का निचला स्तर है। फरवरी में इंडेक्स 21% गिर चुका है, जो 2008 के बाद सबसे खराब मासिक प्रदर्शन है। Tech Mahindra (-6.3%), HCL Tech (-5.8%), Infosys (-3.6%), TCS (-3.5%) जैसे बड़े स्टॉक्स सबसे ज्यादा प्रभावित। Anthropic के नए Claude AI टूल्स से लेगेसी सिस्टम्स (जैसे COBOL) को अपग्रेड करने में AI की भूमिका बढ़ी, जिससे पारंपरिक आईटी सर्विसेज पर खतरा मंडराया। भारतीय IT ADRs भी कमजोर रहे, सेक्टर में $68.5 बिलियन से ज्यादा वैल्यूएशन घटी।
- ट्रंप के नए 15% ग्लोबल टैरिफ का डर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने टैरिफ रद्द करने के फैसले के बाद Section 122 के तहत 15% टेम्पररी ग्लोबल टैरिफ लगाए। ट्रंप ने ट्रेड डील्स से पीछे हटने वाले देशों को चेतावनी दी। इससे ग्लोबल ट्रेड अनिश्चितता बढ़ी। भारत जैसे एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड सेक्टर (IT, ऑटो) पर असर पड़ा। एशियाई बाजार भी गिरे, वॉल स्ट्रीट से नेगेटिव cues आए।
- क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें और जियोपॉलिटिकल टेंशन US-ईरान तनाव से क्रूड ऑयल (Brent) कीमतें बढ़ीं। हाई ऑयल प्राइस से इंफ्लेशन का डर बढ़ा। भारतीय रुपये में कमजोरी (90.95 पर) आई, जो FII आउटफ्लो का खतरा बढ़ाती है।
- F&O एक्सपायरी और प्रॉफिट बुकिंग आज मासिक F&O एक्सपायरी थी, जिससे वोलेटिलिटी बढ़ी। दो दिन की तेजी के बाद निवेशक प्रॉफिट बुक कर रहे थे।
- ग्लोबल cues US मार्केट में टेक सेलऑफ, मजबूत डॉलर और एशियाई बाजारों में गिरावट ने दबाव बढ़ाया।
सेक्टर-वाइज प्रदर्शन
- सबसे ज्यादा गिरावट: Nifty IT (-4.74%), Realty (-2.54%)
- कुछ हद तक मजबूत: Nifty Metal, Oil & Gas, Power, PSU Bank, FMCG, Healthcare हरे निशान में रहे।
- टॉप लूजर्स: Tech Mahindra, HCL Tech, Infosys, TCS।
- टॉप गेनर्स: NTPC, Hindustan Unilever जैसे डिफेंसिव स्टॉक्स में हल्की तेजी।
निवेशकों पर असर
इस गिरावट से कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन में कई लाख करोड़ की कमी आई। IT सेक्टर में Rs 6.2 ट्रिलियन से ज्यादा वैल्यू घटी। ब्रॉडर मार्केट (Midcap, Smallcap) भी प्रभावित।
आगे
कल ट्रंप के स्टेट ऑफ द यूनियन स्पीच पर नजर रहेगी। यदि टैरिफ पर सकारात्मक संकेत मिले या AI फियर कम हुआ, तो रिकवरी संभव। लेकिन अनिश्चितता बनी रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि IT में दबाव जारी रह सकता है, जबकि मेटल, एनर्जी और PSU सेक्टर सपोर्ट दे सकते हैं। निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए और लॉन्ग-टर्म फंडामेंटल्स पर फोकस करना चाहिए।
Sources: NSE वेबसाइट, BSE वेबसाइट