27 फरवरी 2026, Stock Market में भारी गिरावट: भारतीय शेयर बाजार में आज भारी बिकवाली देखी गई, जिससे बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट दर्ज हुई। बीएसई सेंसेक्स 961.42 अंक (1.17%) गिरकर 81,287.19 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 317.90 अंक (1.25%) लुढ़ककर 25,178.65 पर आ गया। यह फरवरी 2026 की तीसरी सबसे बुरी साप्ताहिक गिरावट रही और पोस्ट-बजट सभी लाभ मिट गए। निवेशकों को करीब 5 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जिससे कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन घटकर लगभग 4.63 लाख करोड़ रुपये रह गया।
बाजार का प्रदर्शन और इंट्राडे मूवमेंट
सत्र की शुरुआत ही कमजोर रही। सेंसेक्स 250+ अंकों की गिरावट के साथ खुला और दिन भर दबाव में रहा। इंट्राडे में सेंसेक्स 1,089.46 अंक (1.32%) तक गिरकर 81,159.15 के निचले स्तर पर पहुंचा। निफ्टी भी 25,141 के लो पर गया। क्लोजिंग पर 27 में से 30 सेंसेक्स स्टॉक्स लाल निशान में बंद हुए, जबकि निफ्टी में 45 स्टॉक्स गिरे। ब्रॉडर मार्केट भी प्रभावित रहा – निफ्टी मिडकैप 1.14% और स्मॉलकैप 1.10% नीचे बंद हुए।
सेक्टर-वाइज देखें तो रियल्टी (-2.3%), फाइनेंशियल सर्विसेज (-2.1%), ऑटो, मेटल और FMCG सबसे ज्यादा टूटे। IT सेक्टर में कुछ सपोर्ट मिला, जहां Infosys और HCL Tech जैसे स्टॉक्स में मामूली तेजी रही, लेकिन कुल मिलाकर IT इंडेक्स फरवरी में 19%+ गिरा – सितंबर 2008 के बाद सबसे खराब मासिक प्रदर्शन।
गिरावट के प्रमुख कारण
- भू-राजनीतिक तनाव और US-ईरान टॉक्स फेल: US-ईरान न्यूक्लियर डील में कोई प्रगति नहीं हुई, जिससे मिडिल ईस्ट में संघर्ष की आशंका बढ़ी। निवेशक रिस्क-ऑफ मोड में चले गए, सेफ-हेवन एसेट्स की ओर रुख किया। ग्लोबल मार्केट्स में भी इसी वजह से गिरावट देखी गई – Nasdaq और Dow में कमजोरी।
- FII की भारी बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने लगातार बिकवाली की। फरवरी में FII आउटफ्लो से बाजार पर दबाव बढ़ा। यह लगातार तीसरा महीना रहा जहां FII सेलिंग प्रमुख कारक बनी।
- ग्लोबल और घरेलू संकेतों का मिश्रित प्रभाव: US टेक सेलऑफ (AI से जुड़ी अनिश्चितता) और मजबूत डॉलर से दबाव। घरेलू स्तर पर Q3 FY26 GDP डेटा (7.8% ग्रोथ) आने के बावजूद बाजार पर असर नहीं पड़ा। प्राइवेट कंजम्पशन मजबूत रहा, लेकिन गवर्नमेंट स्पेंडिंग और इन्वेस्टमेंट में सुस्ती से निवेशक सतर्क रहे।
- सेक्टोरल प्रॉफिट बुकिंग: ऑटो (Maruti, M&M), फार्मा (Sun Pharma, Dr Reddy’s) और बैंकिंग (ICICI Bank, Kotak Mahindra) में भारी गिरावट। टॉप लूजर्स में M&M, Maruti, Sun Pharma, Bharti Airtel और ICICI Bank शामिल।
टॉप गेनर्स और लूजर्स
- टॉप गेनर्स: IT सेक्टर में चुनिंदा स्टॉक्स जैसे Infosys (+0.8%), HCL Tech (+0.8%)।
- टॉप लूजर्स: M&M (-2.3%), Maruti (-2.5%), Sun Pharma, Bharti Airtel, ICICI Bank आदि। 255+ स्टॉक्स 52-वीक लो पर पहुंचे, जिनमें IRCTC, Suzlon Energy, IRFC, Ola Electric शामिल।
विश्लेषकों की राय और आगे का रुख
विश्लेषकों का कहना है कि बाजार में कंसॉलिडेशन जारी रहेगा। Geojit Investments के Vinod Nair ने कहा – “जियोपॉलिटिकल रिस्क और FII आउटफ्लो से सेंटिमेंट कमजोर है।” निफ्टी के लिए इमीडिएट सपोर्ट 25,100 और रेजिस्टेंस 25,270 पर है। सेंसेक्स के लिए सपोर्ट 81,000 के आसपास।
फरवरी महीना वोलेटाइल रहा – IT सेलऑफ ने कमाई और ट्रेड लिफ्ट को ओवरशैडो किया। मार्च में Q4 रिजल्ट्स, ग्लोबल इवेंट्स और FII फ्लो पर नजर रहेगी। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स घबराएं नहीं, लेकिन शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स सतर्क रहें।
यह गिरावट भारतीय बाजार की वैश्विक संवेदनशीलता को दर्शाती है। निवेशकों को अब GDP डेटा के बाद के रिएक्शन और ग्लोबल डेवलपमेंट्स पर नजर रखनी होगी।
Sources: NSE वेबसाइट, BSE वेबसाइट