Heavy fall in stock market Sensex falls 1700-2300+ pointsHeavy fall in stock market Sensex falls 1700-2300+ points

9 मार्च 2026, Stock Market में भारी गिरावट: को भारतीय शेयर बाजार में एक दिन में भयंकर तबाही मची। बीएसई सेंसेक्स 1,700 से 2,300+ अंकों की भारी गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 500+ अंकों नीचे आ गया। दिन के दौरान सेंसेक्स 2,300-2,400 अंकों तक लुढ़का, निफ्टी 700+ अंकों की गिरावट के साथ 23,700-24,000 के बीच घूमता रहा। अंत में सेंसेक्स लगभग 1,350-2,100 अंकों की गिरावट के साथ 76,500-77,500 के आसपास बंद हुआ, और निफ्टी 400-700 अंकों नीचे 23,800-24,000 स्तर पर। निवेशकों की संपत्ति में 8-10 लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ, जिससे बाजार में पैनिक बिकवाली देखी गई।

गिरावट का मुख्य कारण: ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध ने वैश्विक बाजारों को हिला दिया है। अमेरिका-इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को प्रभावित किया, जहां दुनिया का 20% तेल निर्यात होता है। क्रूड ऑयल की कीमतें तेजी से बढ़कर $100-$120 प्रति बैरल के पार पहुंच गईं—कुछ रिपोर्ट्स में 66% तक की उछाल दर्ज की गई। भारत, जो अपनी 85% से अधिक तेल जरूरत आयात करता है, सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। ऊर्जा कीमतों में उछाल से मुद्रास्फीति का डर बढ़ा, जिससे निवेशक रिस्क ऑफ मोड में चले गए।

ग्लोबल मार्केट्स में भी हाहाकार मचा—एशियाई बाजारों (निक्केई, हैंग सेंग) में 3-5% गिरावट, यूरोपीय और अमेरिकी फ्यूचर्स में कमजोरी। FII (विदेशी संस्थागत निवेशक) ने भारी बिकवाली की, जिससे रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया (92.33/$ के आसपास)। भारत VIX (फियर इंडेक्स) 20+ स्तर पर पहुंचा, जो निवेशक चिंता का संकेत है।

सेक्टोरल प्रभाव: सभी बड़े सेक्टर लाल निशान में

  • ऑयल एंड गैस, OMC: इंडियन ऑयल, BPCL, HPCL जैसे शेयरों में 5-10% गिरावट, क्योंकि इनपुट कॉस्ट बढ़ने से मार्जिन दबाव में।
  • एविएशन: इंडिगो, स्पाइसजेट में 7-8% तक गिरावट, ईंधन खर्च बढ़ने से।
  • ऑटो, पेंट्स, टायर्स, केमिकल्स: टाटा मोटर्स, एशियन पेंट्स, MRF आदि में 4-7% नुकसान।
  • बैंकिंग और फाइनेंशियल: HDFC बैंक, ICICI बैंक में 2-4% गिरावट, क्योंकि उच्च मुद्रास्फीति से ब्याज दरें बढ़ने का डर।
  • मिडकैप और स्मॉलकैप: 2-6% तक गिरावट, अधिक संवेदनशील होने के कारण। कुछ डिफेंस स्टॉक (HAL, BEL) और अपस्ट्रीम ऑयल कंपनियां (ONGC) में मामूली तेजी देखी गई, लेकिन कुल मिलाकर बाजार में ब्रॉड-बेस्ड सेलिंग रही।

विश्लेषकों का आकलन और भविष्य की चिंताएं विश्लेषकों के अनुसार, यह गिरावट जियोपॉलिटिकल रिस्क, ऊर्जा संकट और FII आउटफ्लो का संयुक्त परिणाम है। गोल्डमैन सैक्स और सोसाइटी जनरल जैसी एजेंसियों ने चेतावनी दी कि भारत एशिया में सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में शामिल है, क्योंकि आयातित ऊर्जा पर निर्भरता अधिक है। यदि युद्ध लंबा खिंचा, तो मुद्रास्फीति 6-8% तक पहुंच सकती है, RBI को ब्याज दरें बढ़ानी पड़ सकती हैं, और GDP ग्रोथ प्रभावित हो सकती है।

कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह “पैनिक सेलिंग” है और यदि युद्ध में डी-एस्केलेशन हुआ, तो रिकवरी संभव है। लेकिन फिलहाल, बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। G7 और अन्य देश तेल रिजर्व रिलीज पर विचार कर रहे हैं, लेकिन Strait of Hormuz की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

निवेशकों के लिए सलाह

  • शॉर्ट टर्म में कैश पोजीशन बनाए रखें।
  • डिफेंस, अपस्ट्रीम ऑयल और गोल्ड से जुड़े एसेट्स में अवसर तलाशें।
  • लॉन्ग टर्म निवेशकों को फंडामेंटली मजबूत कंपनियों में डिप पर खरीदारी का मौका मानें।
  • युद्ध की खबरों पर नजर रखें—किसी भी डी-एस्केलेशन से तेज रिकवरी संभव।

यह गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा टेस्ट है। सरकार और RBI से ऊर्जा सुरक्षा, आयात विविधीकरण और मुद्रास्फीति नियंत्रण पर त्वरित कदम उठाने की उम्मीद है। बाजार अब युद्ध के अगले चरण और वैश्विक रिस्पॉन्स पर निर्भर है।

Sources: रेड्डिट

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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