Alert in Purnia regarding Bird FluAlert in Purnia regarding Bird Flu

21 फरवरी 2026, Bird Flu को लेकर पूर्णिया में स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट: पड़ोसी जिले कटिहार में H5N1 बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) की पुष्टि के बाद पूर्णिया जिले में स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गए हैं। कटिहार के कुर्सेला थाना क्षेत्र में पिछले दिनों सैकड़ों कौवों की रहस्यमयी मौत हुई थी, जिनके सैंपल कोलकाता की ईस्टर्न रीजनल डिजीज डायग्नोस्टिक लेबोरेटरी (ERDDL) में जांच के बाद H5N1 वायरस पॉजिटिव पाए गए। इस खबर ने सीमांचल क्षेत्र में दहशत फैला दी है, क्योंकि पूर्णिया कटिहार से सटा हुआ है और यहां पोल्ट्री फार्मिंग तथा प्रवासी पक्षियों का आवागमन आम है।

बर्ड फ्लू का प्रसार: कटिहार से शुरूआत

बिहार में इस साल जनवरी-फरवरी में कई जिलों (दरभंगा, भागलपुर, भगवानपुर, बेतिया, पटना और अब कटिहार) में कौवों तथा अन्य जंगली पक्षियों की सामूहिक मौत की घटनाएं सामने आई हैं। ईटीवी भारत और हिंदुस्तान की रिपोर्ट्स के अनुसार, राज्य भर में सैकड़ों मृत कौवों के सैंपल जांच में H5N1 की पुष्टि हुई है। कटिहार में कुर्सेला के उत्तरी मुरादपुर पंचायत और आसपास के इलाकों में 100 से अधिक कौवों की मौत की सूचना मिली थी, जिसके बाद वन विभाग और पशुपालन विभाग ने तुरंत सैंपल भेजे। रिपोर्ट आने के बाद जिला प्रशासन ने 10 किलोमीटर के दायरे में सर्विलांस जोन घोषित किया, जहां पोल्ट्री फार्म्स की जांच, पक्षियों की निगरानी और सफाई अभियान चलाए जा रहे हैं।

पूर्णिया में स्वास्थ्य विभाग ने इसे “नजदीकी खतरा” मानते हुए हाई अलर्ट जारी किया है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा, “कटिहार से पूर्णिया की सीमा सटी है। प्रवासी पक्षी और पोल्ट्री ट्रेड के कारण वायरस फैलने का जोखिम है। हमने सभी ब्लॉक स्तर पर टीमों को सक्रिय किया है।”

पूर्णिया में उठाए गए कदम

  • निगरानी बढ़ाई गई: जिले के सभी पोल्ट्री फार्म्स, बाजारों और ग्रामीण इलाकों में पक्षियों की मौत की रिपोर्टिंग अनिवार्य कर दी गई है। किसी भी असामान्य मौत पर तुरंत सैंपल लेने की व्यवस्था।
  • पोल्ट्री फार्म्स की जांच: स्वास्थ्य और पशुपालन टीमों ने बड़े फार्म्स पर सैंपलिंग शुरू की। बायोसिक्योरिटी उपाय जैसे डिसइन्फेक्शन, बाड़बंदी और कर्मचारियों को PPE (पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट) का इस्तेमाल अनिवार्य।
  • जागरूकता अभियान: लोगों को अपील की गई है कि मृत या बीमार पक्षियों को हाथ न लगाएं, तुरंत स्थानीय प्रशासन या पशुपालन विभाग को सूचित करें। बाजारों में मुर्गी-मुर्गे की बिक्री पर निगरानी बढ़ाई गई।
  • सफाई और कंटेनमेंट: प्रभावित इलाकों में मृत पक्षियों का सुरक्षित निपटान (डीप बरियल या इंसिनरेशन) और क्षेत्र की सफाई। 10 किमी रेडियस में सर्विलांस जोन बनाया जा सकता है।
  • मानव स्वास्थ्य पर फोकस: अस्पतालों में बुखार, खांसी, सांस की तकलीफ वाले मरीजों की जांच तेज। अभी तक बिहार में कोई मानव संक्रमण नहीं रिपोर्ट हुआ है, लेकिन रिस्क ग्रुप (पोल्ट्री वर्कर्स, बच्चे, बुजुर्ग) पर विशेष ध्यान।

बर्ड फ्लू के लक्षण, जोखिम और सावधानियां

बर्ड फ्लू मुख्य रूप से पक्षियों से पक्षियों में फैलता है, लेकिन H5N1 जैसे स्ट्रेन मनुष्यों में संक्रमित हो सकते हैं। मनुष्यों में लक्षण:

  • तेज बुखार, खांसी, गले में खराश
  • मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द
  • गंभीर मामलों में निमोनिया, सांस की विफलता

जोखिम: संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने वाले लोग, पोल्ट्री फार्म वर्कर्स, बाजार में बिक्री करने वाले। अभी तक बिहार में कोई मानव केस नहीं, लेकिन वैश्विक स्तर पर H5N1 घातक साबित हुआ है।

सावधानियां:

  • मृत या बीमार पक्षियों को न छुएं।
  • मुर्गी-मांस अच्छी तरह पकाकर खाएं (70°C से ऊपर तापमान वायरस नष्ट करता है)।
  • हाथ धोएं, PPE इस्तेमाल करें।
  • किसी भी संदिग्ध मौत की रिपोर्ट करें।

विशेषज्ञों की राय और भविष्य की चुनौतियां

विशेषज्ञों का कहना है कि बिहार में जंगली पक्षियों (कौवे) में H5N1 का प्रसार चिंताजनक है, क्योंकि कौवे प्रवासी पक्षियों के साथ संपर्क में रहते हैं। मौसम विभाग के अनुसार, सर्दियों में प्रवासी पक्षियों का आना बढ़ता है, जो वायरस फैलाने का माध्यम बन सकते हैं। राज्य सरकार ने सभी जिलों में अलर्ट जारी किया है, और केंद्र से सहायता मांगी गई है।

पूर्णिया प्रशासन का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है। अगर समय रहते कदम उठाए गए तो बड़े पैमाने पर फैलाव रोका जा सकता है।

Sources: हिंदुस्तान

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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