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26 दिसंबर 2025, Malaysia: Malaysia की न्यायिक व्यवस्था ने आज एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रजाक को 1MDB (1मलेशिया डेवलपमेंट बर्हड) घोटाले से जुड़े मामलों में दोषी ठहराया। हाई कोर्ट के जज कोलिन लॉरेंस सेक्वेराह ने नजीब को चार शक्ति दुरुपयोग के आरोपों पर प्रत्येक में 15 वर्ष की कैद तथा 21 मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों पर प्रत्येक में 5 वर्ष की सजा का ऐलान किया। कुल जुर्माना 135 अरब रिंगिट (लगभग 28 अरब डॉलर) निर्धारित किया गया है, जो घोटाले से जुड़े फंड्स की राशि का पांच गुना है। यह सजा नजीब की वर्तमान 6 वर्ष की सजा (जो 2028 में समाप्त होगी) के बाद प्रभावी होगी, जिससे उनकी कुल कैद अवधि 21 वर्ष से अधिक हो सकती है।

नजीब के वकीलों ने फैसले पर तत्काल अपील दायर करने की घोषणा की, जबकि अभियोजन पक्ष ने इसे “भ्रष्टाचार के खिलाफ न्याय की अभूतपूर्व जीत” करार दिया। नजीब ने कोर्ट में कहा, “मैं निर्दोष हूं और यह राजनीतिक प्रतिशोध का परिणाम है।” 1MDB घोटाला, जो 2009 से 2015 के बीच नजीब के कार्यकाल में उजागर हुआ, Malaysia के आर्थिक इतिहास का सबसे बड़ा कांड माना जाता है। इस फंड से लगभग 45 अरब डॉलर की हेराफेरी का आरोप है, जिसमें अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार 4.5 अरब डॉलर से अधिक की राशि नजीब के व्यक्तिगत खातों में ट्रांसफर हुई। इन फंड्स का इस्तेमाल लक्जरी यॉट, हीरे, कला संग्रह और हॉलीवुड फिल्म ‘द वुल्फ ऑफ वॉल स्ट्रीट’ जैसी परियोजनाओं में किया गया। नजीब की पत्नी रोस्माह मंसोर पर भी 7 करोड़ डॉलर के हीरों और लग्जरी बैग्स खरीदने के आरोप लगे हैं।

घोटाले का उद्भव और जांच की लंबी प्रक्रिया

1MDB की स्थापना 2009 में नजीब ने ही की थी, जिसका उद्देश्य Malaysia की आर्थिक विकास परियोजनाओं को फंड प्रदान करना था। लेकिन जल्द ही यह फंड एक वैश्विक हेराफेरी का केंद्र बन गया। स्विस, अमेरिकी और सिंगापुर की जांच एजेंसियों ने खुलासा किया कि फंड्स को जटिल वित्तीय सौदों के माध्यम से सऊदी अरब, दुबई और अमेरिका में ट्रांसफर किया गया। नजीब पर आरोप था कि उन्होंने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर फंड के बोर्ड को निर्देश दिए, जिससे अरबों डॉलर का नुकसान हुआ। 2015 में वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट ने घोटाले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उजागर किया, जिसके बाद नजीब की सरकार पर दबाव बढ़ा।

2018 के आम चुनाव में इस घोटाले ने निर्णायक भूमिका निभाई। नजीब की बारिसन नासिनल गठबंधन को हार का सामना करना पड़ा, और महाथिर मोहम्मद की उम्मीदों वाली गठबंधन सरकार सत्ता में आई। नजीब को गिरफ्तार कर लिया गया, और 2020 में पहली सजा—12 वर्ष की कैद—मिली, जो मलेशिया के राजा द्वारा क्षमादान बोर्ड की सिफारिश पर 2021 में 6 वर्ष कर दी गई। लेकिन यह नया मुकदमा 2022 से चल रहा था, जिसमें 25 नए आरोप लगाए गए थे। अभियोजन पक्ष ने साबित किया कि नजीब ने 42 करोड़ रिंगिट (9 करोड़ डॉलर) को मनी लॉन्ड्रिंग के माध्यम से छिपाया। FBI और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के सहयोग से सबूत जुटाए गए, जिसमें बैंक ट्रांजेक्शन और ईमेल रिकॉर्ड शामिल थे। नजीब ने बचाव में दावा किया कि फंड सऊदी शाही परिवार से उपहार थे, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।

राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव: मलेशिया में नया दौर

यह फैसला Malaysia की राजनीति में भूचाल ला सकता है। नजीब अभी भी यूनाइटेड मलेशियन नेशनल ऑर्गनाइजेशन (UMNO) के प्रभावशाली नेता हैं, जो वर्तमान प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा है। UMNO के अंदर असंतोष बढ़ सकता है, और नजीब के समर्थक इसे “राजनीतिक साजिश” बताकर सड़क प्रदर्शन कर सकते हैं। अनवर सरकार, जो भ्रष्टाचार विरोधी अभियान पर जोर दे रही है, को इससे मजबूती मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला UMNO को कमजोर करेगा, जिससे गठबंधन में बदलाव हो सकता है।

आर्थिक रूप से, 1MDB ने Malaysia को 45 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष नुकसान पहुंचाया, जिसकी वसूली अभी 10 अरब डॉलर से कम हुई है। गोल्डमैन सैक्स और अन्य बैंकों ने Malaysia को 25 करोड़ डॉलर का समझौता भुगतान किया, लेकिन अधिकांश फंड अभी भी गायब हैं। यह सजा विदेशी निवेशकों का भरोसा बहाल कर सकती है, खासकर तेल और गैस क्षेत्र में, जहां मलेशिया पहले से ही चुनौतियों का सामना कर रहा है। वैश्विक स्तर पर, अमेरिका और स्विट्जरलैंड में चल रही जांच तेज हो सकती है, जहां 1MDB के फंड ट्रेस हो रहे हैं। दक्षिण-पूर्व एशिया में यह फैसला कॉर्पोरेट गवर्नेंस और पारदर्शिता के मानकों को ऊंचा उठाएगा, जो इंडोनेशिया और थाईलैंड जैसे देशों के लिए उदाहरण बनेगा।

नजीब का भविष्य और मलेशिया की चुनौतियां

73 वर्षीय नजीब, जो 2009 से 2018 तक प्रधानमंत्री रहे, अब 2034 तक जेल में रहेंगे। उनकी अपील प्रक्रिया वर्षों चल सकती है, लेकिन कोर्ट ने सजा को “अंतिम” करार दिया है। नजीब की बेटी नूरलाकमाला ने फैसले पर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी, “पिता निर्दोष हैं, न्याय होगा।” अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इसे “एशिया के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक का अंत” बताया। लेकिन सवाल उठता है: क्या यह सजा वास्तव में भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकेगी?

Malaysia को अभी लंबी लड़ाई लड़नी है। 1MDB के बोर्ड में अन्य सदस्यों के खिलाफ मुकदमे चल रहे हैं, और गोल्डमैन सैक्स के पूर्व बैंकर टिमोथी ले चाई जैसे विदेशी आरोपी भी शामिल हैं। अनवर सरकार ने 2026 के बजट में भ्रष्टाचार विरोधी फंड की घोषणा की है, लेकिन जनता का विश्वास बहाल करने के लिए पारदर्शी वसूली जरूरी है। यह फैसला न केवल नजीब के करियर का अंत है, बल्कि Malaysia के लोकतंत्र के लिए एक सबक भी—शक्ति का दुरुपयोग कभी बचा नहीं रहता। जैसा कि जज सेक्वेराह ने कहा, “न्याय देरी से आया, लेकिन आया तो सख्त।” Malaysia अब एक नई शुरुआत की ओर बढ़ रहा है, जहां कानून सभी के लिए बराबर हो।

Sources: अल जज़ीरा

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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