1 जनवरी 2026, Bihar: नए साल की शुरुआत के साथ Bihar में कई बड़े बदलावों का दौर शुरू हो गया है। Bihar सरकार की नीतियों और आर्थिक फैसलों से आम जीवन पर गहरा असर पड़ेगा। जमीन की रजिस्ट्री दरों में 300-400% की बढ़ोतरी, महिलाओं के लिए रोजगार योजना में 2 लाख तक की सहायता, बिजली दरों में वृद्धि, कारों की कीमतों में इजाफा और राजनीतिक स्तर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को राजनीति में लाने की अटकलें—ये पांच प्रमुख बदलाव 2026 को बिहार के लिए परिवर्तनकारी वर्ष बना देंगे। हाल ही में नालंदा जिले में नीतीश कुमार की यात्रा और निशांत से कथित मुलाकात ने इन अटकलों को हवा दी है। यह रिपोर्ट इन बदलावों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करती है, जो राज्य की विकास यात्रा को नई दिशा देंगे।
पहला बड़ा बदलाव जमीन की कीमतों से जुड़ा है। 10 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद Bihar सरकार ने सर्कल रेट (मार्केट वैल्यू रेट – MVR) में भारी संशोधन किया है, जो अप्रैल 2026 से लागू होगा। इससे रजिस्ट्री शुल्क 300% तक बढ़ सकता है, और कुछ इलाकों में जमीन की कीमतें चार गुना तक उछल सकती हैं। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अनुसार, यह कदम भूमि मूल्यों को बाजार दरों के अनुरूप करने के लिए उठाया गया है, ताकि कालाबाजारी और अंडर-रिपोर्टिंग पर अंकुश लगे। पटना, मुजफ्फरपुर और भागलपुर जैसे शहरों में शहरी भूमि की दरें 3-4 गुना बढ़ेंगी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 2-3 गुना। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे रियल एस्टेट बाजार में उछाल आएगा, लेकिन छोटे किसानों और खरीदारों पर बोझ बढ़ेगा। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, “यह सुधार पारदर्शिता लाएगा, लेकिन प्रभावितों के लिए राहत पैकेज पर विचार किया जा रहा है।” 1 जनवरी 2026 से ही डिजिटल भूमि रिकॉर्ड सिस्टम पूरी तरह लागू हो गया है, जिससे प्रमाणित दस्तावेज केवल ऑनलाइन जारी होंगे।
दूसरा बदलाव महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़ा है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना (मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना) के तहत प्रत्येक परिवार की एक महिला को स्वरोजगार के लिए प्रारंभिक 10,000 रुपये की सहायता मिलेगी, जो सफलता के आधार पर 2 लाख रुपये तक बढ़ाई जा सकेगी। सितंबर 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च की गई इस योजना का लाभ अब 1.56 करोड़ से अधिक महिलाओं को पहुंच चुका है, और 2026 में विस्तार की योजना है। योजना का उद्देश्य महिलाओं को उद्यमिता के क्षेत्र में प्रोत्साहित करना है, जिसमें सिलाई, खाद्य प्रसंस्करण और छोटे व्यवसाय शामिल हैं। 7,500 करोड़ रुपये की सब्सिडी पहले ही वितरित हो चुकी है, लेकिन पुरुष लाभार्थियों को गलती से फंड ट्रांसफर होने पर जांच शुरू हो गई है। सामाजिक कार्यकर्ता रानी श्रीवास्तव ने कहा, “यह योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए वरदान है, लेकिन प्रशिक्षण और मार्केट लिंकेज की जरूरत है।” 2026 में योजना को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा, ताकि आवेदन और मॉनिटरिंग आसान हो।
तीसरा और चौथा बदलाव ऊर्जा और परिवहन क्षेत्र में है। बिजली दरों में मामूली लेकिन महसूस होने वाली वृद्धि प्रस्तावित है—घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट 7.42 रुपये से बढ़कर 7.77 रुपये हो सकता है, हालांकि 1.18 रुपये प्रति यूनिट सब्सिडी जारी रहेगी। Bihar स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (BSSEB) के अनुसार, यह बढ़ोतरी रिन्यूएबल एनर्जी टैरिफ को बढ़ावा देने और घाटे को कम करने के लिए है। 2025 में 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली की घोषणा के बावजूद, औद्योगिक और व्यावसायिक दरें भी 5-7% बढ़ेंगी। इसके साथ ही, कारों की कीमतों में जनवरी 2026 से 2-3% की बढ़ोतरी की घोषणा प्रमुख ऑटोमेकर्स जैसे रेनॉल्ट, एमजी मोटर और बायडी ने कर दी है। इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) पर फोकस के बीच बायडी सीलियन 7 की कीमत बढ़ेगी, हालांकि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि EV कीमतें पेट्रोल कारों के बराबर हो जाएंगी। Bihar में EV चार्जिंग स्टेशन बढ़ाने की योजना से लंबे समय में फायदा होगा, लेकिन तात्कालिक बढ़ोतरी उपभोक्ताओं के लिए चुनौती है।
पांचवां बदलाव राजनीतिक पटरी पर है—क्या नीतीश कुमार अपने बेटे निशांत कुमार को राजनीति में प्रमोट कर रहे हैं? जनता दल (यूनाइटेड) के नेताओं की ओर से लगातार दबाव है। दिसंबर 2025 में जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय ज्हा ने कहा कि पार्टी निशांत के प्रवेश के लिए उत्सुक है। हाल ही में नालंदा जिले के कल्याणबिग्हा गांव में नीतीश कुमार की यात्रा के दौरान निशांत से निजी मुलाकात की खबरें आईं, जहां उन्होंने विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। यह गांव नीतीश का पैतृक स्थान है, और यहां की यात्रा को राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। जेडीयू कार्यकर्ताओं ने पोस्टर लगाकर निशांत का स्वागत किया, जबकि विपक्ष आरजेडी ने इसे ‘राजशाही’ करार दिया। नीतीश ने स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा, लेकिन मंत्री श्रवण कुमार ने पुष्टि की कि फैसला नीतीश का होगा। 2025 विधानसभा चुनावों के बाद जेडीयू की मजबूती के बीच निशांत का प्रवेश युवा वोट बैंक को मजबूत कर सकता है। राजनीतिक विश्लेषक प्रो. राजीव रंजन ने कहा, “यह कदम नीतीश की उत्तराधिकार योजना का हिस्सा लगता है, लेकिन पार्टी में असंतोष भी पैदा कर सकता है।”
ये बदलाव Bihar की अर्थव्यवस्था और समाज को नई आकृति देंगे। जमीन और बिजली की बढ़ती कीमतें मुद्रास्फीति को बढ़ावा दे सकती हैं, जबकि महिलाओं की योजना और EV फोकस सकारात्मक हैं। राजनीतिक स्तर पर निशांत का प्रवेश जेडीयू को नई ऊर्जा देगा, लेकिन पारिवारिक राजनीति पर सवाल उठेंगे। सरकार ने 428 विकास परियोजनाओं पर 50,000 करोड़ खर्च की योजना बनाई है, जो इन बदलावों को संतुलित करेगी। नए साल में बिहारवासियों को अनुकूलन की चुनौती है, लेकिन लंबे समय में ये कदम समृद्धि लाएंगे।