Aerial firing in the glare of the reelAerial firing in the glare of the reel

27 जनवरी 2026, Reel की चकाचौंध में हवाई फायरिंग: सोशल मीडिया पर वायरल होने की ललक में एक युवक ने सरेआम अवैध हथियार लहराया और हवाई फायरिंग कर दी। यह घटना बिहार के कटिहार जिले में हुई, जहां पुलिस ने वीडियो वायरल होने के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से देसी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। यह घटना एक बार फिर सोशल मीडिया रील्स की अंधी दौड़ में युवाओं के खतरनाक स्टंट की कड़ी निंदा कर रही है, जो न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि समाज के लिए गंभीर खतरा भी बन रहा है।

घटना कटिहार शहर के व्यस्त इलाके में हुई। आरोपी युवक, जिसकी पहचान मोहम्मद शाहबाज (उम्र करीब 22 वर्ष) के रूप में हुई है, वह स्थानीय निवासी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शाहबाज ने इंस्टाग्राम रील बनाने के लिए दोपहर के समय सड़क किनारे खड़े होकर देसी कट्टा निकाला, हवा में लहराया और दो राउंड हवाई फायरिंग की। इस दौरान उसके साथी ने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड किया। वीडियो में युवक कट्टा लहराते हुए पोज देता नजर आ रहा है और फायरिंग की आवाज स्पष्ट सुनाई दे रही है। यह वीडियो कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी।

कटिहार पुलिस ने वीडियो की सत्यता जांचने के बाद तुरंत एक्शन लिया। एसपी सौरभ कुमार के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें साइबर सेल की भी मदद ली गई। वीडियो के बैकग्राउंड और लोकेशन से आरोपी की पहचान की गई। रात तक पुलिस ने छापेमारी कर शाहबाज को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में उसके पास से एक देसी कट्टा (देशी पिस्तौल) और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने रील वायरल करने और “कूल” दिखने के लिए यह स्टंट किया था। उसने बताया कि हथियार उसने अवैध रूप से खरीदा था और पहले भी कुछ रील्स में इसका इस्तेमाल किया था।

सोशल मीडिया का खतरनाक ट्रेंड

यह कोई पहली घटना नहीं है। बिहार सहित पूरे देश में सोशल मीडिया रील्स और शॉर्ट वीडियो की होड़ में युवा खतरनाक स्टंट कर रहे हैं। हवाई फायरिंग, बाइक स्टंट, ट्रेन सर्फिंग या अवैध हथियार दिखाना जैसे ट्रेंड तेजी से फैल रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इंस्टाग्राम, यूट्यूब शॉर्ट्स और टिकटॉक जैसे प्लेटफॉर्म पर लाइक्स, फॉलोअर्स और व्यूज की चाहत युवाओं को अपराध की राह पर ले जा रही है। कटिहार में ही पिछले साल भी दो-तीन ऐसे मामले सामने आए थे, जहां रील बनाने के चक्कर में युवकों ने हथियार लहराए और गिरफ्तार हुए।

हवाई फायरिंग का खतरा बेहद गंभीर है। गोली हवा में ऊपर जाती है और फिर नीचे गिरती है, जो किसी को भी लग सकती है। कई मामलों में इससे निर्दोष लोगों की मौत हो चुकी है। शादियों या उत्सवों में होने वाली हवाई फायरिंग पर पहले से ही सख्त कानून हैं, लेकिन अब रील्स के लिए यह ट्रेंड शहरी इलाकों में फैल रहा है। पुलिस का कहना है कि ऐसे वीडियो वायरल होने से अपराधियों को प्रोत्साहन मिलता है और समाज में भय का माहौल बनता है।

कानूनी कार्रवाई और सजा के प्रावधान

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट 1959 की धारा 25, 26 और 27 के तहत मामला दर्ज किया है। इन धाराओं में अवैध हथियार रखने, प्रदर्शन करने और फायरिंग करने पर 7 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा सार्वजनिक स्थान पर खतरा पैदा करने के लिए IPC की धारा 336 (लापरवाही से खतरा) और 188 (सरकारी आदेश उल्लंघन) भी लगाई जा सकती हैं। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अब उसके हथियार सप्लाई चेन की जांच कर रही है और उसके साथियों से भी पूछताछ कर रही है।

कटिहार एसपी सौरभ कुमार ने प्रेस को बताया, “सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले ऐसे वीडियो पर हमारी नजर है। साइबर सेल लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। हम युवाओं से अपील करते हैं कि ऐसे खतरनाक स्टंट न करें। यह न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि आपकी जिंदगी और दूसरों की जान को भी खतरे में डालता है।” पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसे वीडियो देखते ही शेयर करने की बजाय पुलिस को रिपोर्ट करें।

समाज और अभिभावकों की जिम्मेदारी

यह घटना अभिभावकों और समाज के लिए भी चेतावनी है। ग्रामीण और शहरी इलाकों में अवैध हथियारों की आसानी से उपलब्धता एक बड़ी समस्या है। सीमांचल क्षेत्र में नेपाल बॉर्डर होने के कारण हथियार तस्करी आम है। युवा आसानी से देसी कट्टा खरीद लेते हैं और सोशल मीडिया पर दिखावा करते हैं। मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि कम उम्र में सोशल मीडिया की लत और पीयर प्रेशर युवाओं को गलत रास्ते पर ले जाता है। स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान और अभिभावकों की निगरानी जरूरी है।

पिछले कुछ सालों में बिहार पुलिस ने ऐसे सैकड़ों मामलों में कार्रवाई की है। 2025 में ही पटना, भागलपुर और पूर्णिया में रील फायरिंग के कई केस दर्ज हुए। सरकार ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से ऐसे कंटेंट हटाने की अपील की है।

जागरूकता ही समाधान

कटिहार की यह घटना बताती है कि वर्चुअल दुनिया की चमक में रीयल लाइफ के खतरे को नजरअंदाज करना कितना महंगा पड़ सकता है। एक रील के लिए जेल जाना और जीवन बर्बाद करना किसी भी लाइक्स से ज्यादा कीमत है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन असली समाधान जागरूकता, शिक्षा और सख्त कानून प्रवर्तन में है। युवाओं को समझना होगा कि असली कूलनेस कानून का पालन करने और सकारात्मक काम करने में है, न कि हथियार लहराने में। उम्मीद है कि यह मामला दूसरों के लिए सबक बनेगा।

Sources: दैनिक भास्कर

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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