22 जनवरी 2026, Patna के मसौढ़ी में फिल्मी स्टाइल का एनकाउंटर: बिहार की राजधानी पटना से सटे मसौढ़ी इलाके में गुरुवार तड़के सुबह पुलिस और कुख्यात अपराधी के बीच जोरदार मुठभेड़ हुई। यह एनकाउंटर पूरी तरह बॉलीवुड फिल्मों की एक्शन सीक्वेंस जैसा था—तेज रफ्तार पीछा, अचानक फायरिंग की तड़तड़ाहट और अंत में अपराधी का गिर पड़ना। लॉरेंस बिश्नोई गैंग का बिहार में प्रमुख हैंडलर माने जाने वाले परमानंद यादव को पुलिस की जवाबी फायरिंग में पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया।
घटना का पूरा विवरण
मुठभेड़ की शुरुआत और पीछा
यह पूरी घटना बुधवार देर रात से शुरू हुई। पटना के बेउर थाना पुलिस ने कुछ अपराधियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में इन अपराधियों ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सक्रिय सदस्य परमानंद यादव की लोकेशन बताई। सूचना मिलते ही पटना पुलिस और बिहार एसटीएफ की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन शुरू कर दिया। गुप्त जानकारी थी कि परमानंद मसौढ़ी की ओर भाग रहा है और कोई बड़ी वारदात करने की योजना बना रहा है।
पटना पूर्वी के सिटी एसपी परिचय कुमार के नेतृत्व में टीम ने मसौढ़ी थाना क्षेत्र के एनएच-22 पर लाला बीघा मोड़ के पास घेराबंदी कर दी। सुबह करीब 4 बजे वाहन चेकिंग के दौरान एक बाइक सवार को रोकने का इशारा किया गया। संदिग्ध ने रुकने के बजाय स्पीड बढ़ाई, लेकिन घेराबंदी देखकर बाइक असंतुलित हो गई और वह गिर पड़ा। खुद को घिरा देख अपराधी ने पिस्टल निकाली और पुलिस पार्टी पर कई राउंड फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई और गिरफ्तारी
आत्मरक्षा में पुलिस ने भी फायरिंग की। गोलीबारी में परमानंद यादव के दाहिने पैर में गोली लगी और वह मौके पर गिर पड़ा। स्थानीय लोगों ने दूर से गोली की तेज आवाजें सुनीं, जिससे इलाके में कुछ देर के लिए दहशत फैल गई। पुलिस ने तुरंत उसे काबू में लिया और नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। उसकी हालत स्थिर है।
पुलिस ने उसके पास से 9 एमएम पिस्टल और कई जिंदा कारतूस बरामद किए। एसटीएफ की टीम ने पटना से मसौढ़ी तक करीब 20 किलोमीटर तक उसका पीछा किया था। पूरी घटना किसी फिल्मी चेज सीक्वेंस से कम नहीं थी।
परमानंद यादव का अपराधी प्रोफाइल
गैंग कनेक्शन और क्रिमिनल रिकॉर्ड
परमानंद यादव झारखंड के लातेहार जिले का निवासी है। वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग का बिहार प्रभारी माना जाता है और राहुल सिंह गैंग से भी जुड़ा हुआ है। उसके खिलाफ बिहार और झारखंड में तीन दर्जन से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, हत्या का प्रयास, रंगदारी, लूट और आर्म्स एक्ट की गंभीर धाराएं शामिल हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, परमानंद बिश्नोई गैंग की ओर से बिहार में रंगदारी वसूली, ठेके हथियाने और टारगेट किलिंग की साजिशें रचता था। वह विदेश भी जा चुका है। हाल के दिनों में वह किसी बड़ी वारदात की फिराक में था, जिसे पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया।
बिश्नोई गैंग पर बढ़ता शिकंजा
लॉरेंस बिश्नोई गैंग देशभर में हाई-प्रोफाइल टारगेट्स पर हमलों के लिए कुख्यात है। बिहार में इस गैंग का बढ़ता प्रभाव देखते हुए पुलिस पहले से अलर्ट थी। पिछले कुछ महीनों में कई सदस्यों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन परमानंद जैसे टॉप शूटर की गिरफ्तारी से गैंग को बड़ा झटका लगा है।
पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई
सिटी एसपी परिचय कुमार ने कहा, “गुप्त सूचना पर कार्रवाई की गई। अपराधी ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके बाद आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग करनी पड़ी। आरोपी लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा है और उसके खिलाफ गंभीर मामले दर्ज हैं। यह बिहार में गैंगस्टर नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में बड़ी सफलता है।”
घटना के बाद इलाके में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। स्थानीय लोग राहत महसूस कर रहे हैं, लेकिन गोलीबारी की आवाजें अभी भी याद आ रही हैं। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “सुबह-सुबह इतनी गोलीबारी सुनकर लगा जैसे कोई फिल्म की शूटिंग चल रही हो। बाद में पता चला कि पुलिस ने बड़े गैंगस्टर को पकड़ा है।”
पुलिस अब परमानंद से कड़ी पूछताछ कर रही है। गैंग के अन्य सदस्यों और संभावित साजिशों की जानकारी जुटाई जा रही है। बिहार पुलिस का लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ अभियान जारी है और जल्द ही और गिरफ्तारियां होने की उम्मीद है।
यह एनकाउंटर बिहार में अपराध नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। राज्य में गैंगवार और संगठित अपराध पर लगाम कसने के लिए पुलिस की ऐसी कार्रवाइयां सराहनीय हैं।
Sources: हिंदुस्तान