22 जनवरी 2026, Siwan में अवैध पटाखा निर्माण इकाई में जोरदार विस्फोट: बिहार के सिवान जिले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया। हुसैनगंज थाना क्षेत्र के बादराम गांव में अवैध रूप से चल रही पटाखा निर्माण इकाई में जोरदार विस्फोट हो गया। इस हादसे में 50 वर्षीय मुर्तुजा अंसारी की मौत हो गई, जबकि उनके परिवार के तीन सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। धमाका इतना तेज था कि आसपास के मकान क्षतिग्रस्त हो गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। यह घटना CM के कार्यक्रम स्थल से मात्र 7 किलोमीटर दूर हुई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
घटना का विवरण घटना दोपहर के समय हुई, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सिवान में समृद्धि यात्रा के तहत विकास योजनाओं की समीक्षा और शिलान्यास कर रहे थे। बादराम गांव में मुर्तुजा अंसारी के घर में अवैध रूप से पटाखा या विस्फोटक सामग्री बनाई जा रही थी। अचानक हुए ब्लास्ट से पूरा मकान ध्वस्त हो गया। धमाके की आवाज 2 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। मृतक मुर्तुजा अंसारी का शव क्षत-विक्षत हालत में मिला, जबकि घायलों में उनकी पत्नी, बच्चे या अन्य परिवारजन शामिल हैं। घायलों को तुरंत सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि गांव में लंबे समय से अवैध पटाखा निर्माण का काम चल रहा था। त्योहारों के सीजन में मांग बढ़ने से ऐसे अवैध इकाइयां सक्रिय हो जाती हैं। ब्लास्ट के बाद मौके पर ईंट-पत्थर और पटाखा सामग्री के अवशेष बिखरे मिले। आसपास के घरों की दीवारें दरक गईं और खिड़कियां टूट गईं।
समृद्धि यात्रा के दौरान हादसा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उस समय सिवान में जनसंवाद कार्यक्रम में व्यस्त थे। वे जिले में 40 योजनाओं का शिलान्यास और 31 का उद्घाटन कर रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर रवाना हुई। SP और अन्य वरीय अधिकारी CM के कार्यक्रम में मौजूद थे, इसलिए स्थानीय थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। FSL (फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी) टीम को जांच के लिए बुलाया गया है। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि CM के कार्यक्रम में भी कुछ देर के लिए हलचल मच गई।
प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई जिला प्रशासन ने पूरे इलाके को सील कर दिया है। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है। अवैध पटाखा निर्माण में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। DM और SP ने घटना पर दुख जताया और घायलों के इलाज का निर्देश दिया। पुलिस का कहना है कि अवैध विस्फोटक सामग्री रखने और निर्माण पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। बिहार में पटाखा निर्माण पर लाइसेंस अनिवार्य है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध इकाइयां आम हैं।
अवैध पटाखा फैक्टरियों की समस्या बिहार में त्योहारों के मौसम में अवैध पटाखा निर्माण एक बड़ी समस्या है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी से ऐसे हादसे होते रहते हैं। पिछले वर्षों में भी कई जिलों में इसी तरह के ब्लास्ट हो चुके हैं, जिसमें कई जानें गईं। विशेषज्ञों का मानना है कि गरीबी और बेरोजगारी के कारण लोग इस खतरनाक काम में लग जाते हैं। सरकार ने कई बार कार्रवाई की है, लेकिन जमीनी स्तर पर निगरानी की कमी रहती है। इस हादसे ने फिर से अवैध इकाइयों पर सख्ती की मांग तेज कर दी है।
स्थानीय लोगों और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं गांववासियों में गुस्सा और डर का माहौल है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “हम जानते थे कि यहां पटाखा बन रहा है, लेकिन डर के मारे किसी ने शिकायत नहीं की। अब एक परिवार बर्बाद हो गया।” विपक्षी दलों ने सरकार पर सुरक्षा चूक का आरोप लगाया है। एक नेता ने कहा कि CM की यात्रा के दौरान ही इतना बड़ा हादसा होना प्रशासन की लापरवाही दिखाता है।
आगे की राह यह हादसा बिहार में अवैध पटाखा निर्माण की गंभीर समस्या को उजागर करता है। प्रशासन को न केवल कार्रवाई करनी चाहिए, बल्कि जागरूकता अभियान और वैकल्पिक रोजगार भी प्रदान करने चाहिए। घायलों के परिवार को सहायता और मृतक के परिजनों को मुआवजा दिए जाने की मांग उठ रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद और कार्रवाई की उम्मीद है।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी भयावह हो सकती है। सिवान की यह त्रासदी पूरे राज्य के लिए सबक है।
Sources: आज तक