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10 जनवरी 2026, अररिया में उत्पाद विभाग की दुर्घटना: Araria जिले में शुक्रवार रात एक दुखद घटना घटी जब उत्पाद विभाग की टीम शराब तस्करों का पीछा कर रही थी। टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि एक टेम्पू वाहन में भारी मात्रा में अवैध शराब की तस्करी हो रही है। पीछा करने के दौरान विभाग की स्कॉर्पियो गाड़ी बेकाबू होकर सड़क से उतर गई और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इस हादसे में 2-3 जवान घायल हो गए, जबकि शराब से लदा टेम्पू तस्करों सहित फरार हो गया। यह घटना बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी के बावजूद नेपाल सीमा से सटे इलाकों में चल रही अवैध शराब तस्करी की चुनौतियों को उजागर करती है।

बिहार में 2016 से शराबबंदी लागू है, लेकिन नेपाल की सीमा से सटे जिलों जैसे Araria, किशनगंज और पूर्णिया में तस्करी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। उत्पाद विभाग की टीमें लगातार छापेमारी और गश्त कर रही हैं, लेकिन तस्करों की चालाकी और तेज रफ्तार वाहनों के कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं। इस रिपोर्ट में हम इस घटना के विस्तृत विवरण, पृष्ठभूमि, प्रभाव और संभावित समाधानों पर चर्चा करेंगे।

घटना का विस्तृत विवरण

घटना नगर थाना क्षेत्र के महिषाकोल के समीप रात करीब 9 बजे हुई। उत्पाद विभाग की टीम रूटीन रेड पर थी जब उन्हें सूचना मिली कि एक टेम्पू में नेपाल से लाई गई अवैध शराब ले जाई जा रही है। टीम ने तुरंत पीछा शुरू किया, लेकिन तेज गति और संभवतः सड़क की खराब स्थिति के कारण स्कॉर्पियो बेकाबू हो गई। गाड़ी सड़क से उतरकर खाई में जा गिरी, जिससे उसका आगे का हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया।

घायल जवानों को तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूत्रों के अनुसार, चोटें मामूली हैं—कुछ में खरोंच और मोच आई है, लेकिन कोई गंभीर चोट नहीं है। उत्पाद अधीक्षक निरंजन कुमार झा ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा, “हमारी टीम अवैध शराब तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए प्रतिबद्ध है। दुर्भाग्य से, पीछा के दौरान गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई और तस्कर फरार हो गए।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि टीम के सदस्य सुरक्षित हैं और जांच जारी है।

यह पहली बार नहीं है जब ऐसी घटना हुई हो। पिछले कुछ महीनों में Araria में कई बार उत्पाद विभाग की टीमें तस्करों से भिड़ी हैं। उदाहरण के लिए, हाल ही में फुलकाहा थाना क्षेत्र में 261 लीटर नेपाली शराब जब्त की गई थी, जहां एक तस्कर गिरफ्तार हुआ लेकिन दूसरा फरार हो गया। इसी तरह, नरपतगंज में एक ट्रक से 1574 लीटर अंग्रेजी शराब पकड़ी गई। ये घटनाएं दर्शाती हैं कि तस्कर कितने संगठित हैं।

बिहार में शराबबंदी की पृष्ठभूमि

बिहार में शराबबंदी 5 अप्रैल 2016 से लागू है, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसे महिलाओं और बच्चों के हित में एक क्रांतिकारी कदम बताया था। इस कानून के तहत शराब का उत्पादन, बिक्री, भंडारण और सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित है। उत्पाद विभाग को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो पुलिस के साथ मिलकर अभियान चलाता है। हालांकि, नेपाल की खुली सीमा के कारण तस्करी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। नेपाल से सस्ती शराब लाकर बिहार में ऊंचे दामों पर बेची जाती है, जिससे तस्करों को मुनाफा होता है।

Araria जैसे सीमावर्ती जिलों में यह समस्या और गंभीर है। जिला नेपाल की सीमा से सटा है, जहां कई नाके हैं लेकिन तस्कर जंगलों और ग्रामीण रास्तों से माल लाते हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2025 में अकेले Araria में हजारों लीटर शराब जब्त की गई, और सैकड़ों तस्कर गिरफ्तार हुए। लेकिन ऐसी दुर्घटनाएं विभाग के मनोबल पर असर डालती हैं।

चुनौतियां और जोखिम

उत्पाद विभाग के जवानों को कई जोखिमों का सामना करना पड़ता है। तेज रफ्तार पीछा, खराब सड़कें, और तस्करों की हिंसक प्रतिक्रिया आम हैं। इस घटना में हालांकि कोई गोलीबारी नहीं हुई, लेकिन पिछले मामलों में तस्करों ने हमला किया है। उदाहरण के लिए, 2025 में किशनगंज में एक टीम पर पथराव हुआ था।

इसके अलावा, विभाग को संसाधनों की कमी का सामना है। पुरानी गाड़ियां, अपर्याप्त स्टाफ और तकनीकी सहायता की कमी से काम प्रभावित होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रोन, सीसीटीवी और बेहतर वाहनों से तस्करी पर अंकुश लगाया जा सकता है। साथ ही, नेपाल के साथ बेहतर समन्वय जरूरी है, क्योंकि अधिकांश शराब वहां से आती है।

घटना से स्थानीय लोगों में भी चिंता है। महिषाकोल क्षेत्र के निवासियों ने बताया कि रात में तेज गाड़ियों की वजह से दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। एक स्थानीय किसान ने कहा, “शराब तस्करी से गांवों में अपराध बढ़ रहा है। सरकार को और सख्ती बरतनी चाहिए।”

आधिकारिक प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई

उत्पाद अधीक्षक निरंजन कुमार झा ने आश्वासन दिया कि ऐसी घटनाओं से विभाग पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा, “हमारी टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। इस घटना की जांच की जा रही है, और तस्करों को पकड़ने के प्रयास तेज किए जाएंगे।” जिला प्रशासन ने भी घायल जवानों को सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया है।

बिहार सरकार ने हाल ही में शराबबंदी को मजबूत करने के लिए नए उपाय घोषित किए हैं, जैसे अधिक चेकपोस्ट और इनाम स्कीम तस्करों की सूचना देने वालों के लिए। Araria पुलिस ने भी संयुक्त अभियान चलाने की योजना बनाई है। एसपी ने कहा कि पिछले 24 घंटों में जिले से कई अभियुक्त गिरफ्तार किए गए हैं।

निष्कर्ष और सुझाव

यह दुर्घटना बिहार में शराबबंदी की सफलता और चुनौतियों दोनों को दर्शाती है। एक ओर जहां विभाग की मेहनत से हजारों लीटर शराब जब्त हो रही है, वहीं तस्करों की चालाकी से ऐसी घटनाएं हो रही हैं। सरकार को विभाग को मजबूत करने, सीमा सुरक्षा बढ़ाने और जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।

स्थानीय समुदाय की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। अगर लोग सूचना दें, तो तस्करी पर अंकुश लग सकता है। अंत में, उम्मीद है कि घायल जवान जल्द स्वस्थ होंगे और विभाग अपनी मुहिम जारी रखेगा। यह घटना हमें याद दिलाती है कि कानून प्रवर्तन कितना जोखिम भरा है, और समाज को उनका समर्थन करना चाहिए।

Sources: दैनिक भास्कर

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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