Ashutosh DwivediAshutosh Dwivedi

17 दिसंबर 2025: बिहार के कटिहार जिले में नवनियुक्त जिलाधिकारी DM Ashutosh Dwivedi ने पदभार ग्रहण करने के महज नौ दिनों के भीतर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कड़े कदम उठाए हैं। सोमवार को उन्होंने बरारी, समेली, कुर्सेला और कोढ़ा प्रखंडों सहित अंचलों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) का विस्तृत भौतिक निरीक्षण किया। इस दौरान DM ने शासन व्यवस्था को दक्ष, पारदर्शी और जन-केंद्रित बनाने पर जोर देते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कार्यालयों में अव्यवस्था, लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोपों पर नकेल कसने का संकेत दिया, जिससे स्थानीय स्तर पर एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है। यह निरीक्षण न केवल जमीनी हकीकत को परखने का माध्यम बना, बल्कि आम जनता के बीच न्याय की उम्मीद भी जगाई। एक फरियादी ने तो निरीक्षण के दौरान ही DM के चरण पकड़कर जमीनी विवाद में न्याय की गुहार लगाई, जो इस अभियान की तात्कालिकता को दर्शाता है।

DM Ashutosh Dwivedi का यह दौरा बिहार सरकार की ‘सुशासन’ नीति का हिस्सा है, जो नई सरकार के गठन के बाद पूरे राज्य में चल रही है। 8 दिसंबर को पूर्व DM मनेश कुमार मीणा के स्थान पर द्विवेदी को नियुक्ति मिली, और उन्होंने तुरंत जमीनी स्तर पर सक्रियता दिखाई। निरीक्षण की शुरुआत सुबह 9 बजे बरारी प्रखंड से हुई, जहां उन्होंने कार्यालय की फाइलों का सत्यापन किया, कर्मचारियों की उपस्थिति चेक की और जन शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करने के आदेश दिए। बरारी PHC में पहुंचे DM ने डॉक्टरों और स्टाफ से मरीजों की सुविधाओं पर चर्चा की, जहां उन्होंने दवाओं की उपलब्धता और सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए। “प्रशासन का मूल मंत्र जनता की सेवा है। पारदर्शिता के बिना सुशासन संभव नहीं,” DM ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा।

समेली प्रखंड में निरीक्षण के दौरान DM ने पंचायत स्तर के कार्यों की समीक्षा की। यहां मनरेगा योजनाओं के तहत चली निर्माण परियोजनाओं का जायजा लिया गया, जहां कुछ स्थानों पर धन का दुरुपयोग मिला। उन्होंने बीडीओ को निर्देश दिए कि सभी फंडिंग का ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम लागू करें, ताकि भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश न रहे। “हर रुपया जनता का है, इसका हिसाब-किताब पारदर्शी होना चाहिए। RTI के तहत जानकारी तुरंत उपलब्ध कराएं,” उनका सख्त लहजा था। इसी क्रम में कुर्सेला प्रखंड पहुंचे, जहां अंचल कार्यालय में फाइलों की धूल झाड़ते हुए DM ने लंबित मामलों को दो सप्ताह में निपटाने का अल्टीमेटम दिया। एक दिलचस्प घटना तब घटी जब स्थानीय निवासी छोटू कुमार सिंह ने जमीनी विवाद में फंसकर DM के पैर पकड़ लिए। सिंह ने बताया कि दो साल से चली आ रही जमीन हड़पने की कोशिश में पुलिस और तहसील ने कोई कार्रवाई नहीं की। DM ने तुरंत SP और तहसीलदार को बुलाकर मामले की सुनवाई की और न्याय का भरोसा दिलाया। यह वाकया सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जहां #DMJusticeKatihar ट्रेंड करने लगा।

कोढ़ा प्रखंड में निरीक्षण सबसे सख्त रहा। यहां पदभार ग्रहण के दूसरे ही दिन DM ने औचक चेकिंग की थी, और सोमवार को दोबारा जाकर प्रगति की पड़ताल की। कार्यालय में अव्यवस्था—जैसे फाइलों का बिखरा होना, कर्मचारियों की अनुपस्थिति और कंप्यूटर सिस्टम की खराबी—पर DM ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा, “लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। डिजिटल इंडिया के दौर में पेपरलेस गवर्नेंस लागू करें।” निर्देशों में मुख्य रूप से ई-ऑफिस सिस्टम को पूरी तरह सक्रिय करने, जन शिकायतों के लिए व्हाट्सएप हेल्पलाइन शुरू करने और साप्ताहिक रिपोर्टिंग का प्रावधान शामिल था। DM ने जोर दिया कि प्रखंड स्तर पर ‘सुशासन मॉनिटरिंग कमिटी’ गठित की जाए, जिसमें स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि, NGO और जनता के प्रतिनिधि शामिल हों। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।

यह निरीक्षण कटिहार के प्रशासनिक परिदृश्य को बदलने का संकेत है। जिला, जो कोसी क्षेत्र में आता है, लंबे समय से बाढ़, गरीबी और प्रशासनिक सुस्ती की मार झेल रहा है। पूर्व DM मनेश मीणा के कार्यकाल में कई सकारात्मक कदम उठे थे, जैसे बाढ़ राहत और शिक्षा सुधार, लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपों ने छवि धूमिल की। नई नियुक्ति के बाद द्विवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि “कटिहार को डिजिटल और पारदर्शी प्रशासन का मॉडल बनाएंगे।” सोमवार के निरीक्षण में उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास योजनाओं पर विशेष फोकस किया। उदाहरणस्वरूप, PHC में दवा स्टॉक का ऑडिट कराया गया, जहां 20% दवाओं की कमी पाई गई। DM ने तुरंत मेडिकल ऑफिसर को स्टॉक रिचार्ज करने और मासिक ऑडिट का आदेश दिया। शिक्षा के मोर्चे पर प्रखंड स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति चेक की, और अनुपस्थित शिक्षकों पर कार्रवाई की चेतावनी दी।

बरारी के एक किसान रामेश्वर यादव ने कहा, “DM साहब का आना जैसे ताजा हवा का झोंका है। पहले शिकायतें दब जाती थीं, अब लगता है न्याय मिलेगा।” वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता रानी देवी ने बताया कि महिलाओं की शिकायतों के लिए विशेष हेल्पडेस्क की मांग लंबे समय से थी, जिस पर DM ने सहमति जताई। निरीक्षण के दौरान DM ने प्रखंड विकास अधिकारी (BDO) और अंचल अधिकारी (CO) के साथ बैठक की, जहां उन्होंने KPI (की परफॉर्मेंस इंडिकेटर्स) सेट किए। हर प्रखंड को अगले महीने तक 100% ई-गवर्नेंस लागू करने का लक्ष्य दिया गया। इसके अलावा, भ्रष्टाचार निवारण के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ पॉलिसी की घोषणा की, जिसमें व्हिसलब्लोअर प्रोटेक्शन शामिल है।

कटिहार जिला वेबसाइट पर भी इस निरीक्षण की जानकारी अपलोड की गई है, जहां DM के निर्देशों का विस्तृत दस्तावेज उपलब्ध है। यह कदम बिहार सरकार की ‘सात निश्चय’ योजना से जुड़ा है, जो पारदर्शी शासन पर जोर देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि द्विवेदी का यह अभियान जिले के 16 प्रखंडों में फैलेगी, जहां मनरेगा, पीएम आवास और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं में अनियमितताएं आम हैं। पटना से राजनीतिक विश्लेषक डॉ. सुनील कुमार ने कहा, “नए DM की सक्रियता बिहार के प्रशासनिक सुधार का उदाहरण बनेगी। लेकिन निरंतरता जरूरी है, वरना यह सिर्फ शोपीस बनकर रह जाएगा।” सोशल मीडिया पर #KatiharDMInspection हैशटैग से हजारों पोस्ट हो चुके हैं, जहां लोग अपनी शिकायतें शेयर कर रहे हैं।

निरीक्षण का समापन DM की प्रेस कॉन्फ्रेंस से हुआ, जहां उन्होंने कहा, “कटिहार का हर नागरिक प्रशासन का साझेदार है। पारदर्शिता से ही विकास संभव है।” उन्होंने आगामी दिनों में सभी 16 प्रखंडों का दौरा करने का ऐलान किया। यह अभियान न केवल प्रशासनिक मशीनरी को झकझोर रहा है, बल्कि जनता में विश्वास भी जगा रहा है। यदि निर्देशों का पालन हुआ, तो कटिहार सुशासन का नया अध्याय लिख सकता है।

निष्कर्षतः DM Ashutosh Dwivedi का यह निरीक्षण शासन व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रतीक है। बिहार जैसे राज्य में, जहां ग्रामीण स्तर पर भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी हैं, ऐसे कदम आवश्यक हैं। उम्मीद है कि यह शुरुआत सार्थक परिणाम देगी, और कटिहारवासी न्यायपूर्ण शासन का लाभ उठा सकेंगे। जिला प्रशासन को बधाई, और आगे की सफलताओं की कामना!

By SHAHID

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