28 जनवरी 2026,भ्रष्टाचार पर डिप्टी CM की बड़ी कार्रवाई: बिहार के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक बार फिर भू-माफिया और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। गया जिले के बोधगया में आयोजित भूमि सुधार जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान जनता की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्होंने आमस अंचल के सर्कल ऑफिसर (CO) को मंच से ही निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई जमीन संबंधी मामलों में लापरवाही, रिश्वतखोरी और संभावित भू-माफिया से मिलीभगत के आरोपों पर आधारित बताई जा रही है। इस घटना से पूरे राज्य में राजस्व विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है, जबकि आम जनता में राहत की लहर है।
कार्यक्रम में क्या हुआ?
बोधगया कन्वेंशन हॉल में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में सैकड़ों किसान और पीड़ित परिवार पहुंचे थे। यहां जमीन दाखिल-खारिज, परिमार्जन, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण और भू-माफिया की दबंगई से जुड़ी शिकायतें दर्ज की गईं। डिप्टी CM विजय सिन्हा ने मंच से ही लोगों की फरियाद सुनी और अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
एक शिकायत में आमस अंचल के CO पर गंभीर आरोप लगे। पीड़ितों ने बताया कि CO जमीन संबंधी मामलों में रिश्वत मांगते हैं, लापरवाही बरतते हैं और भू-माफियाओं के साथ मिलकर सरकारी या गरीबों की जमीन हड़पने में मदद करते हैं। शिकायतों से नाराज विजय सिन्हा ने बिना देरी किए CO को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दे दिया। उन्होंने कहा, “मेरा मकसद भौकाल बनाना नहीं है, बल्कि जनता की जमीन सुरक्षित करना है। जो अफसर जनता को परेशान करेंगे या माफिया का साथ देंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।”
इसके अलावा, कार्यक्रम में कई अन्य शिकायतों पर भी तुरंत एक्शन लिया गया। कुछ राजस्व कर्मियों को चेतावनी दी गई और जांच के आदेश दिए गए। डिप्टी CM ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकारी जमीन निगलने वालों और रिश्वत लेने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।
विजय सिन्हा का ‘एक्शन मोड’ और भू-माफिया के खिलाफ अभियान
विजय कुमार सिन्हा पिछले कुछ महीनों से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार और भू-माफिया के खिलाफ ‘युद्ध’ स्तर पर अभियान चला रहे हैं। पद संभालते ही उन्होंने घोषणा की थी कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों और उनके मददगार अधिकारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
पिछले दिनों कई जिलों में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां मंच से ही अधिकारियों की क्लास लगाई गई और कुछ को सस्पेंड किया गया। उदाहरण के लिए, दिसंबर 2025 में मुजफ्फरपुर और अन्य जिलों में भी इसी तरह की कार्रवाइयां हुईं। पप्पू यादव जैसे नेताओं ने भी CO स्तर पर रिश्वतखोरी के आरोप लगाए थे, जिसके बाद विजय सिन्हा ने पूरे विभाग को अलर्ट मोड में डाल दिया।
राज्य में भू-माफिया की समस्या लंबे समय से चली आ रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बिहार में लाखों एकड़ सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा है। कई मामलों में CO और राजस्व कर्मी फर्जी दस्तावेज बनवाकर या म्यूटेशन गलत तरीके से करके माफियाओं की मदद करते पाए गए हैं। विजय सिन्हा ने सभी जिलाधिकारियों को टॉप भू-माफियाओं की कुंडली पटना भेजने का निर्देश दिया है, ताकि केंद्रीकृत एक्शन लिया जा सके।
उन्होंने यह भी ऐलान किया है कि फर्जी कागजातों से जमीन हड़पने वालों पर FIR अनिवार्य होगी और उनकी संपत्ति जब्त की जाएगी। अच्छा काम करने वाले अधिकारियों को पुरस्कृत करने की भी बात कही गई है।
जनता और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
इस कार्रवाई से पीड़ित किसानों और आम जनता में खुशी की लहर है। बोधगया कार्यक्रम में मौजूद कई लोगों ने कहा कि वर्षों से उनकी शिकायतें अनसुनी हो रही थीं, लेकिन डिप्टी CM के आने से उम्मीद जगी है। एक पीड़ित किसान ने कहा, “अब लगता है कि हमारी जमीन वापस मिल सकती है। CO साहब रिश्वत मांगते थे और माफियाओं का साथ देते थे।”
विपक्षी दलों ने भी इस कदम का स्वागत किया है, हालांकि कुछ ने कहा कि यह सिर्फ दिखावा है और पूरे सिस्टम को सुधारने की जरूरत है। RJD और कांग्रेस के नेताओं ने पुरानी सरकारों के समय के मामलों की भी जांच की मांग की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभियान अगर लगातार चला तो बिहार में जमीन संबंधी विवादों में कमी आएगी। लेकिन चुनौती बड़ी है, क्योंकि कई प्रभावशाली लोग भू-माफिया से जुड़े हैं।
आगे की चुनौतियां और उम्मीदें
बिहार में भूमि सुधार एक जटिल मुद्दा है। बिहारभूमि पोर्टल पर ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में दलाल और अधिकारी मिलकर भ्रष्टाचार कर रहे हैं। विजय सिन्हा ने 15 जनवरी तक कई मामलों के निपटारे का अल्टीमेटम दिया था, जो अब और सख्त हो रहा है।
सरकार का दावा है कि इस अभियान से न केवल सरकारी जमीन मुक्त होगी, बल्कि गरीबों के हक की रक्षा भी होगी। आने वाले दिनों में और बड़ी कार्रवाइयां होने की उम्मीद है।
डिप्टी CM विजय सिन्हा का यह ‘डैशिंग अवतार’ जनता के बीच लोकप्रिय हो रहा है। गया की यह घटना एक मिसाल है कि अब भ्रष्टाचार और भू-माफिया पर जीरो टॉलरेंस की नीति लागू हो रही है। यदि यह सिलसिला जारी रहा तो बिहार में भूमि सुधार की दिशा में बड़ा बदलाव आएगा।
Sources: प्रभात खबर