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15 जनवरी 2026, Supaul जिले में एक 16 वर्षीय छात्रा की मौत: बिहार के सुपौल जिले में एक 16 वर्षीय छात्रा की मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। अपेक्षा सिंह नाम की यह छात्रा 11वीं कक्षा में पढ़ रही थी और कथित तौर पर कोटा में कोचिंग के लिए तैयारी कर रही थी, जहां से वह हाल ही में घर लौटी थी। परिवार ने मौत को एक साधारण हादसा बताया, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने मामले को नया मोड़ दे दिया। रिपोर्ट में सीने में गोली लगने की पुष्टि हुई, जिससे पुलिस जांच तेज हो गई है। पड़ोसियों के अनुसार, अपेक्षा इंटरकास्ट शादी करना चाहती थी, जो परिवार के लिए विवाद का कारण बन सकता था। यह घटना 13 जनवरी 2026 को घटी, और अब पुलिस इसे हत्या का मामला मानकर जांच कर रही है। इस रिपोर्ट में हम घटना के सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे, जिसमें परिवार के बयान, चिकित्सकीय निष्कर्ष और पुलिस की कार्रवाई शामिल हैं।

पृष्ठभूमि और छात्रा का जीवन

अपेक्षा सिंह Supaul जिले के भीमनगर थाना क्षेत्र के वार्ड 11 में रहती थी। उसके पिता रूपेश सिंह उर्फ रॉकी सिंह जल संसाधन विभाग से जुड़े एक प्रभावशाली संवेदक हैं, और परिवार की इलाके में अच्छी पकड़ है। अपेक्षा के चाचा सुधीर सिंह करीब 20 वर्षों तक भीमनगर पंचायत के मुखिया रह चुके हैं। अपेक्षा एक होनहार छात्रा थी, जो 11वीं कक्षा में पढ़ रही थी। सूत्रों के अनुसार, वह इंजीनियरिंग या मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए कोटा जाने की योजना बना रही थी, जो भारत का प्रमुख कोचिंग हब है। कोटा में हर साल लाखों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन वहां तनाव और दबाव के कारण आत्महत्या के मामले भी बढ़ रहे हैं। अपेक्षा हाल ही में घर लौटी थी, और परिवार के मुताबिक वह सामान्य जीवन जी रही थी। हालांकि, पड़ोसियों का कहना है कि अपेक्षा किसी अन्य जाति के लड़के से प्रेम करती थी और शादी करना चाहती थी, जो परिवार को मंजूर नहीं था। यह दावा अभी सत्यापित नहीं हुआ है, लेकिन जांच में इसे शामिल किया जा रहा है।

घटना का विवरण

घटना मंगलवार शाम करीब 4-5 बजे की है। अपेक्षा घर के हॉल में बैठकर टीवी देख रही थी। अचानक गिरने की आवाज सुनकर उसके चाचा सुमित सिंह बाथरूम से बाहर आए। उन्होंने देखा कि अपेक्षा के नाक से खून बह रहा था। परिवार के सदस्यों ने उसे तुरंत वीरपुर अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार ने पुलिस को बताया कि अपेक्षा सीढ़ियों से गिर गई थी, जिससे चोट लगी और मौत हो गई। चाचा सुमित सिंह ने भीमनगर थाने में अनहोनी मौत (यूडी केस) दर्ज कराया। शुरुआत में मामला एक सामान्य दुर्घटना जैसा लग रहा था, लेकिन अस्पताल के डॉक्टर पंकज कुमार को संदेह हुआ। उन्होंने देखा कि मृतका के कपड़े बदले गए थे, और चोट के निशान सामान्य गिरावट से मेल नहीं खाते थे। डॉक्टर ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद रात करीब 1:30 बजे पुलिस टीम घर पहुंची और शव को कब्जे में लिया।

परिवार के बयान और संदेह

परिवार ने लगातार दावा किया है कि मौत गिरने से हुई। पिता रूपेश सिंह इस घटना से काफी संवेदनशील हैं और ज्यादा बात नहीं कर रहे। चाचा सुमित सिंह के आवेदन में भी इसे दुर्घटना बताया गया। हालांकि, पुलिस को लगता है कि परिवार कुछ छिपा रहा है। पोस्टमॉर्टम के बाद परिवार ने शव लिया और घर में शोक का माहौल है। परिवार के प्रभावशाली होने के कारण स्थानीय लोग खुलकर बोलने से हिचक रहे हैं। पड़ोसियों ने अनौपचारिक रूप से बताया कि अपेक्षा इंटरकास्ट शादी की जिद कर रही थी, जो परिवार के लिए समस्या थी। एक पड़ोसी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि अपेक्षा किसी लड़के से बात करती थी, और परिवार को यह पसंद नहीं था। यह दावा जांच में महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि बिहार में इंटरकास्ट विवाह अक्सर हिंसा का कारण बनते हैं।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और चिकित्सकीय निष्कर्ष

बुधवार को सदर अस्पताल Supaul में डॉक्टर ठाकुर प्रसाद ने पोस्टमॉर्टम किया। रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ: अपेक्षा के सीने के दाहिने हिस्से में गोली लगी थी, जो अंदर फंसी हुई थी। बाएं हिस्से से एक मेटल पिलेट बरामद हुई। मौत का कारण गोली लगना पुष्टि हुआ। डॉक्टरों को शरीर पर गोली के स्पष्ट निशान मिले, जो गिरावट से नहीं लग सकते। बुलेट को निकालने में मुश्किल हुई, और इसे पुलिस को सौंप दिया गया। यह रिपोर्ट परिवार के दावे को झुठलाती है, क्योंकि गिरने से गोली कैसे लग सकती है? फोरेंसिक जांच में बुलेट की जांच हो रही है, ताकि हथियार का पता लगाया जा सके। इस रिपोर्ट ने मामले को हत्या का रूप दे दिया है।

पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई

Supaul पुलिस अधीक्षक शरथ आरएस ने बताया कि यूडी केस 01/26 दर्ज है, लेकिन पोस्टमॉर्टम के बाद जांच हत्या की दिशा में बढ़ी है। पुलिस ने अपेक्षा का मोबाइल फोन जब्त किया है, जिसमें कॉल रिकॉर्ड और मैसेज जांचे जा रहे हैं। परिवार के सदस्यों से पूछताछ हो रही है, और संदेह है कि वे तथ्य छिपा रहे हैं। पुलिस यह पता लगा रही है कि गोली कैसे लगी – क्या यह हादसा था, आत्महत्या या हत्या? घर में हथियार की मौजूदगी की जांच हो रही है। एसपी ने कहा कि हर पहलू पर गहन जांच की जा रही है, और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। इलाके में शांति बनाए रखने की अपील की गई है। पड़ोसियों के बयान रिकॉर्ड किए जा रहे हैं, विशेषकर इंटरकास्ट शादी के दावे पर।

सामाजिक और मनोवैज्ञानिक पहलू

यह घटना बिहार में बढ़ते छात्र तनाव और पारिवारिक दबाव को उजागर करती है। कोटा जैसे शहरों में पढ़ाई का दबाव अक्सर छात्रों को प्रभावित करता है। अपेक्षा जैसी छात्राएं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लगी रहती हैं, लेकिन पारिवारिक मुद्दे जैसे इंटरकास्ट संबंध जीवन को जटिल बना देते हैं। बिहार में ऑनर किलिंग के मामले बढ़ रहे हैं, जहां जाति के नाम पर हिंसा होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में परिवार की भूमिका जांचनी जरूरी है। सरकार को छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए। इस घटना से सबक लेते हुए, अभिभावकों को बच्चों की भावनाओं को समझना चाहिए।

निष्कर्ष और सुझाव

अपेक्षा सिंह की मौत एक रहस्य बनी हुई है, जो हादसा, आत्महत्या या हत्या हो सकती है। पुलिस जांच से सच्चाई सामने आएगी। परिवार और पड़ोसियों के बयानों में विरोधाभास है, जो मामले को और जटिल बनाता है। समाज को इंटरकास्ट विवाह जैसे मुद्दों पर संवेदनशील होना चाहिए। इस रिपोर्ट से उम्मीद है कि न्याय मिलेगा।

Sources: हिंदुस्तान, आज तक

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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