Smart Meter Fraud Alert by BSPHCLSmart Meter Fraud Alert by BSPHCL

27 जनवरी 2026, Smart Meter अपडेट के नाम पर साइबर ठगी का बढ़ता जाल: बिहार के सीमांचल क्षेत्र में स्मार्ट प्रीपेड मीटर के बढ़ते उपयोग के साथ ही साइबर ठगों ने नया हथियार ढूंढ लिया है। स्मार्ट मीटर अपडेट, KYC या रिचार्ज के नाम पर फर्जी SMS, व्हाट्सएप मैसेज और कॉल के जरिए लोगों को ठगने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। पूर्णिया और किशनगंज जिलों में पिछले कुछ महीनों में दर्जनों शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिसमें लाखों रुपये की ठगी हो चुकी है। पुलिस ने साइबर सेल को अलर्ट कर दिया है और कई मामलों में FIR दर्ज की गई है। बिजली विभाग ने भी उपभोक्ताओं से सतर्क रहने की अपील की है कि कोई भी अपडेट आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से ही करें, अनजान लिंक पर क्लिक न करें।

यह ठगी का तरीका बेहद शातिराना है। ठग खुद को उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) या दक्षिण बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी का कर्मचारी बताते हैं। वे कहते हैं कि आपका स्मार्ट मीटर अपडेट नहीं है, बिजली कट जाएगी या बकाया बिल हो गया है। फिर एक फर्जी लिंक भेजते हैं, जिसमें क्लिक करने पर फेक ऐप डाउनलोड होती है या फिशिंग पेज खुलता है। यहां बैंक डिटेल्स, OTP या आधार नंबर मांगकर खातों से पैसे ट्रांसफर कर लिए जाते हैं। कई मामलों में तो छोटी राशि (10-100 रुपये) का रिचार्ज करवाकर विश्वास जीतने के बाद बड़ी रकम उड़ा ली जाती है।

सीमांचल में बढ़ते मामले

पूर्णिया और किशनगंज में यह ठगी विशेष रूप से बढ़ी है। दिसंबर 2025 में पूर्णिया के मधुबनी थाना क्षेत्र में दीपक कुमार झा से स्मार्ट मीटर अपडेट के नाम पर 98 हजार रुपये की ठगी हुई। इसी जिले में एक अन्य व्यक्ति से 1.92 लाख रुपये उड़ा लिए गए। जनवरी 2026 में पूर्णिया में भाजपा के एक बड़े नेता का खाता खाली कर दिया गया, जिसमें 85 हजार रुपये से अधिक की राशि गायब हो गई। ठगों ने उन्हें मीटर अपडेट का लिंक भेजा और OTP लेकर पूरी रकम ट्रांसफर कर ली।

किशनगंज में भी हालात कम गंभीर नहीं हैं। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यहां फर्जी लिंक से बैंक खातों से पैसे उड़ाने की शिकायतें लगातार आ रही हैं। ठग रिचार्ज या बकाया बिल का बहाना बनाकर लोगों को फंसाते हैं। भागलपुर, मधुबनी और अन्य जिलों से भी इसी तरह के मामले सामने आए हैं। भागलपुर में एक व्यवसायी से 70 हजार, जबकि नवगछिया में 87 हजार रुपये की ठगी हुई। पूरे बिहार में 2025-26 में स्मार्ट मीटर से जुड़ी साइबर ठगी के सैकड़ों मामले दर्ज हो चुके हैं, जिनमें सीमांचल क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित है।

बिजली विभाग के अनुसार, स्मार्ट मीटर की स्थापना 2025 तक पूरे बिहार में पूरी होनी है, लेकिन इसी के साथ ठगी के मामले भी बढ़े हैं। NBPDCL ने बार-बार चेतावनी जारी की है कि विभाग कभी भी SMS या कॉल से अपडेट के लिए लिंक नहीं भेजता। रिचार्ज केवल आधिकारिक ऐप ‘बिहार उर्जा स्मार्ट मीटर’ या वेबसाइट से ही करें। विभाग ने कहा कि बैलेंस खत्म होने पर भी कुछ दिनों की ग्रेस पीरियड मिलती है, लेकिन ठग इसी डर का फायदा उठाते हैं।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

पूर्णिया और किशनगंज पुलिस ने साइबर सेल को सक्रिय कर दिया है। कई मामलों में FIR दर्ज की गई और जांच शुरू हो गई है। साइबर थाना प्रभारी ने बताया कि ठग ज्यादातर उत्तर प्रदेश, राजस्थान या विदेशी नंबरों से ऑपरेट करते हैं। वे AnyDesk या TeamViewer जैसे ऐप्स का इस्तेमाल कर मोबाइल को कंट्रोल कर लेते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कोई भी अनजान कॉल पर पर्सनल डिटेल्स न शेयर करें और तुरंत 1930 हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।

पटना साइबर पुलिस के अनुसार, पिछले एक साल में स्मार्ट मीटर ठगी से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी हुई है। कई गिरोहों का पता चला है जो इसी मॉड्यूल पर काम करते हैं। हाल के मामलों में ठग फ्री बिजली योजना (125 यूनिट तक) का भी बहाना बना रहे हैं।

उपभोक्ताओं पर असर और सतर्कता के उपाय

यह ठगी आम लोगों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को प्रभावित कर रही है। कई लोग डिजिटल लेन-देन से अनजान होने के कारण आसानी से फंस जाते हैं। एक पीड़ित ने बताया, “कॉल आया कि मीटर अपडेट करो वरना बिजली कट जाएगी। लिंक क्लिक किया और खाते से पैसे गायब हो गए।” इससे न केवल आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि लोगों में डर भी फैल रहा है।

सतर्क रहने के लिए:

  • अनजान नंबर से आए कॉल या मैसेज को इग्नोर करें।
  • कोई लिंक या APK डाउनलोड न करें।
  • OTP कभी शेयर न करें, बैंक खुद कभी नहीं मांगता।
  • बैलेंस चेक केवल आधिकारिक ऐप से करें।
  • ठगी होने पर तुरंत बैंक को ब्लॉक करें और पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं।

जागरूकता ही बचाव

स्मार्ट मीटर ने बिजली बिलिंग को आसान बनाया है, लेकिन साइबर ठगों ने इसे अपना हथियार बना लिया है। पूर्णिया-किशनगंज जैसे क्षेत्रों में जहां डिजिटल साक्षरता कम है, वहां यह समस्या और गंभीर है। बिजली विभाग और पुलिस की मुहिम से कुछ हद तक नियंत्रण हो रहा है, लेकिन अंतिम बचाव उपभोक्ताओं की जागरूकता में है। अगर हर व्यक्ति सतर्क रहे, तो ठगों का यह जाल टूट सकता है। आने वाले दिनों में और सख्त कार्रवाई की उम्मीद है, ताकि सीमांचल के लोग सुरक्षित रहें।

Sources: दैनिक भास्कर

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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