Creative method of liquor smuggling caught in KishanganjCreative method of liquor smuggling caught in Kishanganj

13 मार्च 2026, Kishanganj में शराब तस्करी का क्रिएटिव तरीका पकड़ा: बिहार में शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने के बीच किशनगंज उत्पाद विभाग ने शराब तस्करी के एक नायाब और शातिराना तरीके का भंडाफोड़ किया है। गुप्त सूचना के आधार पर रामपुर चेकपोस्ट पर एक पिकअप वैन से 218.60 लीटर विदेशी शराब जब्त की गई, जो जेसीबी के बड़े टायरों के अंदर छिपाकर ले जाई जा रही थी। इस कार्रवाई में दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। यह घटना तस्करों की बढ़ती चालाकी और विभाग की सतर्कता को दर्शाती है, खासकर जब सीमांचल क्षेत्र में पश्चिम बंगाल से शराब की तस्करी आम है।

घटना का विस्तृत विवरण

12 मार्च 2026 की शाम को किशनगंज उत्पाद विभाग की टीम को गुप्त सूचना मिली कि पश्चिम बंगाल से बड़ी मात्रा में विदेशी शराब बिहार में तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पर रामपुर चेकपोस्ट (किशनगंज जिले में एक प्रमुख चेकपॉइंट) पर विशेष निगरानी बढ़ाई गई। टीम ने एक संदिग्ध पिकअप वैन को रोका, जो सतह पर जेसीबी के बड़े टायर लादे हुए दिख रहा था।

प्रथम दृष्टया वैन निर्माण सामग्री ले जा रही लग रही थी, लेकिन गहन तलाशी के दौरान अधिकारियों को हैरानी हुई। जेसीबी टायरों के अंदर विशेष रूप से बनाए गए छिपे हुए कम्पार्टमेंट्स में विभिन्न ब्रांडों की विदेशी शराब की बोतलें पैक की गई थीं। कुल 218.60 लीटर शराब बरामद हुई, जिसमें कई महंगे और लोकप्रिय ब्रांड शामिल थे। टायरों को काटकर या खोलकर शराब निकाली गई, जो तस्करों की क्रिएटिविटी का प्रमाण है।

मौके पर दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया:

  • मुंशी कुमार
  • गोलू कुमार

दोनों ने पूछताछ में कबूल किया कि वे इस खेप को पश्चिम बंगाल से लोड कर खगड़िया जिले ले जा रहे थे, जहां से आगे बिहार के अन्य हिस्सों में सप्लाई की योजना थी। उत्पाद विभाग ने बरामद शराब, पिकअप वैन और जेसीबी टायरों को जब्त कर लिया है।

कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया

गिरफ्तार तस्करों को सदर अस्पताल ले जाकर मेडिकल जांच कराई गई, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। उनके खिलाफ बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम, 2022 की धारा 30 (ए) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। विभाग ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है, जिसमें आगे की सप्लाई चेन, बैकवर्ड लिंकेज और अन्य संलिप्त लोगों की तलाश की जा रही है।

उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने कहा कि यह तरीका नया और चालाकी भरा है। पहले तस्कर शराब को गाड़ियों के बॉडी, टायरों या अन्य हिस्सों में छिपाते थे, लेकिन JCB जैसे बड़े टायरों का इस्तेमाल पहली बार पकड़ा गया। इससे पता चलता है कि तस्कर अब निर्माण वाहनों का सहारा ले रहे हैं ताकि चेकपोस्ट पर कम संदेह हो।

बिहार में शराब तस्करी का संदर्भ

बिहार में 2016 से शराबबंदी लागू है, लेकिन सीमावर्ती जिलों जैसे किशनगंज, अररिया, पूर्णिया में पश्चिम बंगाल और नेपाल से तस्करी जारी है। हाल के महीनों में कई बड़ी कार्रवाई हुई हैं:

  • मार्च की शुरुआत में किशनगंज में ही 171 लीटर शराब टोटो वाहनों से जब्त।
  • अन्य जिलों में 700-1000 लीटर की खेपें पकड़ी गईं।
  • उत्पाद विभाग ने विशेष अभियान चलाए, जिसमें चेकपोस्ट मजबूत किए गए और गुप्त सूचनाओं पर फोकस बढ़ाया।

यह कार्रवाई शराबबंदी को प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। किशनगंज DM और SP ने कहा कि ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस रहेगा और तस्करों की संपत्ति भी जब्त की जाएगी।

प्रभाव और विश्लेषण

यह घटना स्थानीय लोगों में चर्चा का विषय बनी है। सोशल मीडिया पर वीडियो और फोटो वायरल हो रहे हैं, जहां टायर काटते हुए शराब निकालते दिख रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि ऐसी क्रिएटिव तस्करी से निपटने के लिए तकनीकी मदद (जैसे स्कैनर, डॉग स्क्वाड) की जरूरत है।

किशनगंज जैसे सीमावर्ती जिले में तस्करी न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था पर भी असर डालती है। विभाग की यह सफलता अन्य जिलों के लिए उदाहरण बनेगी।

अगर कोई जानकारी या शिकायत है तो किशनगंज उत्पाद विभाग या पुलिस से संपर्क करें। स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

Sources: दैनिक भास्कर

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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