KATIHARKATIHAR

26 दिसंबर 2025, Katihar: बिहार के Katihar जिले में शीतलहर का प्रकोप चरम पर पहुंच गया है। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को पूरी तरह ठप कर दिया है। ऐसे में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और बरारी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व महागठबंधन प्रत्याशी तौकीर आलम ने जिला प्रशासन के ध्यानाकर्षण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। उन्होंने जिलाधिकारी (DM) को एक मांगपत्र सौंपा, जिसमें ठंड से प्रभावित लोगों के लिए तत्काल राहत उपायों की मांग की गई है। आलम ने कहा कि यह मुद्दा सीधे जनहित और लोक-सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए प्रशासन को इसमें किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतनी चाहिए।

Katihar में पिछले तीन दिनों से सूरज की किरणें नहीं दिखी हैं। न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस तक गिर चुका है, जो सामान्य से काफी नीचे है। उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं और कोहरे के कारण दृश्यता मात्र 50 मीटर तक सीमित हो गई है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। जिले के ग्रामीण और शहरी इलाकों में गरीब परिवार, मजदूर, वृद्धजन, महिलाएं और बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हैं। कई जगहों पर लोग खुले आकाश के नीचे रातें गुजारने को मजबूर हैं, जो जानलेवा साबित हो सकता है। स्थानीय अस्पतालों में सर्दी-खांसी, बुखार और श्वास संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि तापमान और गिरा, तो हाइपोथर्मिया (शीतलहरीजन्य ठंड लगना) के मामले बढ़ सकते हैं।

तौकीर आलम का यह कदम न केवल स्थानीय स्तर पर एक जागरूकता पैदा करने वाला प्रयास है, बल्कि यह बिहार की राजनीति में कांग्रेस की जन-केंद्रित छवि को भी मजबूत करता है। आलम ने मांगपत्र में विशेष रूप से बरारी और प्राणपुर विधानसभा क्षेत्रों का जिक्र किया, जहां ग्रामीण आबादी अधिक होने के कारण स्थिति और गंभीर है। उन्होंने कहा, “ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। गरीब और असहाय लोग सबसे अधिक पीड़ित हैं। खुले में सोना अब जान का खतरा बन गया है। प्रशासन को तुरंत अलाव, कंबल वितरण और रैन बसेरों की व्यवस्था करनी चाहिए।” मांगपत्र में प्रमुख बिंदुओं में जिले के सभी चौक-चौराहों, हाट-बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर लकड़ी व जलावन की नियमित आपूर्ति शामिल है। साथ ही, जरूरतमंद परिवारों के बीच कंबल, गर्म कपड़े और दवाओं का वितरण तत्काल सुनिश्चित करने की अपील की गई। आलम ने जिलाधिकारी से शीघ्र निर्देश जारी कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।

तौकीर आलम Katihar जिले के एक प्रमुख राजनीतिक चेहरे हैं। 42 वर्षीय आलम पोस्ट ग्रेजुएट हैं और उनका पैतृक निवास कठोटिया (जगदीशपुर, बरारी थाना) में है। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के राष्ट्रीय सचिव हैं और उत्तर प्रदेश इकाई के प्रभारी भी। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में वे प्राणपुर सीट से महागठबंधन के टिकट पर उतरे थे, लेकिन रणनीतिक कारणों से नामांकन वापस ले लिया। इससे पहले, वे बरारी विधानसभा से भी सक्रिय रहे। आलम का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ, जहां वे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से जुड़े रहे। उनका ट्विटर हैंडल @AlamTauquirJNU पर वे सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं। कांग्रेस के अंदर वे युवा नेतृत्व का प्रतीक माने जाते हैं, जो पर्यावरण, शिक्षा और गरीबी उन्मूलन जैसे मुद्दों पर मुखर रहते हैं। इस घटना से स्पष्ट है कि आलम केवल चुनावी मोर्चे तक सीमित नहीं, बल्कि जनसेवा को प्राथमिकता देते हैं।

Katihar में शीतलहर का प्रभाव व्यापक है। जिले के कोसी-सीमांचल क्षेत्र में नदियों का जलस्तर गिरने से सिंचाई प्रभावित हुई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई। स्कूलों में सुबह की कक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं, और DM ने बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विशेष आदेश जारी किए हैं। एक वीडियो में DM ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और अलाव व रैन बसेरों की व्यवस्था की जा रही है। हालांकि, आलम के अनुसार, ये उपाय अभी अपर्याप्त हैं। जिले के फाल्गुनगंज, मनीहरगंज और बारसोई जैसे इलाकों में लोग सुबह 10 बजे तक घर से बाहर नहीं निकल पा रहे। कोहरे के कारण ट्रेनें लेट हो रही हैं, और सड़क यातायात बाधित है। एक स्थानीय निवासी ने बताया, “रातें काटना मुश्किल हो गया है। अलाव तो हैं, लेकिन लकड़ी की कमी है।”

बिहार स्तर पर स्थिति और चिंताजनक है। मौसम विभाग (IMD) ने 26 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें कटिहार भी शामिल है। पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, बांका और रोहतास जैसे जिलों में तापमान 8-10 डिग्री तक गिरा है। अगले तीन दिनों तक शीतलहर जारी रहने की चेतावनी है, और धूप की उम्मीद नहीं। राज्य सरकार ने रैन बसेरों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में क्रियान्वयन की कमी है। विपक्षी दल इसे सरकार की विफलता बता रहे हैं।

तौकीर आलम का यह प्रयास निश्चित रूप से प्रशासन को झकझोरने वाला है। यदि मांगें पूरी हुईं, तो हजारों परिवारों को राहत मिलेगी। लेकिन सवाल यह है कि क्या ठंड का मौसम खत्म होने तक इंतजार करेंगे, या पूर्वानुमानित कदम उठाएंगे? Katihar जैसे पिछड़े जिले में ऐसी पहलें जनता को आश्वासन देती हैं कि नेता सत्ता के बजाय सेवा के लिए हैं। आलम की अपील सभी राजनीतिक दलों के लिए एक संदेश है: विपत्ति में एकजुट होकर काम करें। अंततः, यह जनता की आवाज ही है जो बदलाव लाती है।

Sources: तौकीर आलम फसबू प्रोफाइल

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *