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27 दिसंबर 2025, Bihar– Bihar में सर्दी ने अब पूरे रंग चढ़ा लिए हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के अधिकांश जिलों के लिए शीतलहर (कोल्ड वेव) का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें 31 दिसंबर तक न्यूनतम तापमान में 4-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट का अनुमान है। घने कोहरे और ठंडी हवाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है, खासकर नए साल की पूर्व संध्या पर यात्रा योजनाओं पर पानी फेर दिया है। यह अलर्ट न केवल स्वास्थ्य को खतरे में डाल रहा है, बल्कि परिवहन, कृषि और दैनिक जीवन को भी ठप कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जेट स्ट्रीम और पश्चिमी ठंडी हवाओं के कारण यह शीतलहर लंबे समय तक बनी रहेगी।

अलर्ट की पृष्ठभूमि: सर्दी का असर क्यों बढ़ा?

Bihar में शीतलहर का यह दौर सामान्य नहीं है। दिसंबर की शुरुआत से ही तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही थी, लेकिन 26 दिसंबर से स्थिति गंभीर हो गई। IMD के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और Bihar पर दबाव क्षेत्र के कारण ठंडी हवाएं तेज हो गई हैं। राज्य के 38 जिलों में से 29 पर ऑरेंज अलर्ट लागू है, जिसमें पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, पटना, भोजपुर, रोहतास, कैमूर, गया, नालंदा, जहानाबाद, अरवल, औरंगाबाद, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, बेगूसराय, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा और पूर्णिया जैसे जिले शामिल हैं।

IMD की प्रेस रिलीज के मुताबिक, 27 और 28 दिसंबर को अलग-अलग स्थानों पर कोल्ड डे की स्थिति बनेगी, जो 31 दिसंबर तक जारी रहेगी। न्यूनतम तापमान 8-10 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क सकता है, जबकि अधिकतम तापमान भी सामान्य से 4-5 डिग्री नीचे रहेगा। घना कोहरा (दृश्यता 50-200 मीटर) 29 दिसंबर तक व्यापक रहेगा, उसके बाद अलग-अलग जेबों में बनेगा। यह पूर्वानुमान जेट स्ट्रीम की मजबूती पर आधारित है, जो हिमालय से ठंडी हवाओं को तेजी से नीचे धकेल रही है।

प्रभाव: जनजीवन ठप, यात्रा पर ब्रेक

इस शीतलहर का सबसे बड़ा असर परिवहन पर पड़ा है। पटना, गया और मुजफ्फरपुर एयरपोर्ट पर उड़ानें विलंबित हो रही हैं, जबकि रेलवे ट्रैक पर कोहरे के कारण ट्रेनें औसतन 2-3 घंटे लेट हैं। सड़क मार्ग पर हादसे बढ़ गए हैं – 26 दिसंबर को ही 15 से अधिक दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 8 लोगों की मौत हुई। नए साल की छुट्टियों पर दिल्ली, कोलकाता और मुंबई जाने वाले लाखों यात्री फंस गए हैं। IMD ने रेड अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि कोहरा और ठंड यात्रा को बुरी तरह बाधित करेगी।

कृषि क्षेत्र भी चपेट में है। रबी फसलों जैसे गेहूं और सरसों की बुआई प्रभावित हो रही है, जबकि सब्जियों की पैदावार में 20-30% की कमी का अनुमान है। पशुपालन में ठंड से हजारों पशुओं की मौत की आशंका है। ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है, क्योंकि ठंड से ट्रांसफॉर्मर फेल हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सांस की बीमारियां, फ्लू और हाइपोथर्मिया के केस 50% बढ़ गए हैं। पटना एम्स में पिछले 24 घंटों में 300 से अधिक मरीज भर्ती हुए।

सरकारी प्रतिक्रिया: राहत कार्य और सावधानियां

Bihar सरकार ने त्वरित कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्कूलों में 1 से 8वीं तक छुट्टी घोषित करें और आश्रय गृहों में गर्म कपड़े व भोजन उपलब्ध कराएं। आपदा प्रबंधन विभाग ने 500 से अधिक हेल्पलाइन नंबर सक्रिय किए हैं। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा, “हमने 10,000 अतिरिक्त बेड तैयार रखे हैं और दवाओं का स्टॉक बढ़ाया है।” IMD की सलाह पर आधारित, सरकार ने अलाव जलाने की व्यवस्था की है, लेकिन प्रदूषण की चिंता से इलेक्ट्रिक हीटर पर जोर दिया जा रहा है।

विपक्ष ने सरकार की तैयारी पर सवाल उठाए हैं। RJD नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया, “ठंड से जनता त्रस्त है, लेकिन सरकार सोई हुई है।” वहीं, JDU ने इसे प्राकृतिक आपदा बताते हुए केंद्र से अतिरिक्त सहायता की मांग की।

सुरक्षा टिप्स: ठंड से कैसे बचें?

IMD और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, ठंड से बचाव के लिए ये उपाय अपनाएं:

  • कपड़े: तीन परतों वाले गर्म कपड़े पहनें – अंदर सूती, बीच ऊनी, बाहर वाटरप्रूफ।
  • आहार: गर्म भोजन, अदरक वाली चाय और प्रोटीन युक्त आहार लें।
  • स्वास्थ्य: बच्चों और बुजुर्गों को घर में रखें; फ्रॉस्टबाइट के लक्षण (त्वचा का सफेद पड़ना) दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
  • यात्रा: कोहरे में धीमी गति से ड्राइव करें, फॉग लाइट्स ऑन रखें।
  • घर: कमरों को बंद रखें, दरवाजे-खिड़कियां सील करें।

ये सावधानियां जान बचा सकती हैं। विशेषज्ञ चेताते हैं कि लंबे समय तक ठंड में रहने से हृदय रोगियों को खतरा बढ़ जाता है।

निष्कर्ष: सर्दी का सामना मजबूती से

Bihar की यह शीतलहर न केवल मौसम की मार है, बल्कि जलवायु परिवर्तन का संकेत भी। IMD का पूर्वानुमान बताता है कि जनवरी 2026 तक यह सिलसिला जारी रहेगा, लेकिन 2-3 दिनों बाद तापमान में मामूली वृद्धि हो सकती है। राज्य सरकार और नागरिकों को मिलकर इस चुनौती का सामना करना होगा। नए साल की खुशियां ठंड की ठिठुरन में न डूबें, इसके लिए सतर्कता ही एकमात्र हथियार है। यदि सही कदम उठाए गए, तो यह सर्दी Bihar के लिए अवसर भी साबित हो सकती है – सौर ऊर्जा और इंसुलेशन जैसी योजनाओं को मजबूत करने का। बिहारवासी, गर्म रहें, सुरक्षित रहें।

Sources: हिंदुस्तान टाइम्स

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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