Children found crying near their mother's body at Madhepura railway stationChildren found crying near their mother's body at Madhepura railway station

24 फरवरी 2026, Madhepura रेलवे स्टेशन पर मां की लाश के पास बच्चे रोते मिले: बिहार के मधेपुरा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। मंगलवार सुबह मधेपुरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर एक बेंच पर 25 वर्षीय महिला काजल कुमारी का शव संदिग्ध हालत में मिला। सबसे मार्मिक और दर्दनाक दृश्य यह था कि महिला के शव के दोनों तरफ उसकी दो मासूम बेटियां (उम्र लगभग 2 और 3 साल) बैठी रो रही थीं। बच्चियां मां को जगाने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन मां पहले ही मृत हो चुकी थीं। घटना के बाद स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई, यात्रियों और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। गोदी रेलवे पुलिस (GRP) ने तुरंत मामला संभाला और जांच शुरू की।

घटना का विवरण

सुबह करीब 6-7 बजे स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने देखा कि एक महिला RCC बेंच पर लेटी हुई है, उसके पैर और सिर के पास दो छोटी बच्चियां बैठी बिलख रही हैं। जब लोगों ने पास जाकर जांच की तो पता चला कि महिला की मौत हो चुकी है। बच्चियों के रोने की आवाज सुनकर स्टेशन स्टाफ और GRP ने तुरंत कार्रवाई की। बच्चियों से पूछताछ करने पर उन्होंने रोते हुए बताया कि उनका नाम शहनाज और दूसरी बेटी का नाम नहीं बताया जा सका (छोटी होने के कारण), मां का नाम काजल और पिता का नाम मोहम्मद मुर्शीद है। उनका घर जीतापुर गांव (मुरलीगंज ब्लॉक से 14 किमी दूर) है।

बच्चियों के बयान से खुलासा हुआ कि पिता मोहम्मद मुर्शीद ने रात में घर में मां को गला घोंटकर या फंदा लगाकर मार डाला। फिर शव को ऑटो में लादकर रेलवे स्टेशन लाए और बेंच पर रखकर बच्चियों के साथ छोड़कर फरार हो गए। एक बच्ची ने रोते हुए कहा, “पापा ने मम्मी को मार डाला और हमें यहां छोड़कर चले गए।” बच्चियों ने बताया कि रात को घर में झगड़ा हुआ था, और पिता ने मां को गले में फंदा लगा दिया।

महिला गर्भवती भी थीं, जिससे घटना और भी सनसनीखेज हो गई। शव के गले पर काले निशान मिले, जो गला घोंटने या फांसी लगाने की ओर इशारा करते हैं। प्रारंभिक जांच में हत्या की आशंका जताई गई है, हालांकि आत्महत्या की भी संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।

पुलिस जांच और कार्रवाई

GRP इंस्पेक्टर दिलीप कुमार ने बताया कि बच्चियों के बयान के आधार पर मोहम्मद मुर्शीद को मुख्य आरोपी माना जा रहा है। पुलिस ने जीतापुर गांव में छापेमारी शुरू की, लेकिन आरोपी फरार है। शव को पोस्टमार्टम के लिए मधेपुरा सदर अस्पताल भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत का सटीक कारण (हत्या या आत्महत्या) स्पष्ट होगा।

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज चेक करने, ऑटो ड्राइवर से पूछताछ और आसपास के गवाहों से बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की है। बच्चियों को सुरक्षित रखा गया है और उनके परिजनों को सूचना दी गई है। बच्चियों को चाइल्डलाइन या महिला एवं बाल विकास विभाग के हवाले करने की तैयारी है।

सामाजिक और मानवीय पहलू

यह घटना घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद और महिलाओं की असुरक्षा की गंभीर समस्या को उजागर करती है। बिहार में घरेलू हिंसा के मामले बढ़ रहे हैं, जहां छोटे-छोटे झगड़ों में महिलाओं की जान जा रही है। दो मासूम बच्चियों का मां के शव के पास रोना और पिता द्वारा छोड़कर भागना समाज के लिए शर्मनाक है। स्थानीय लोग और सामाजिक कार्यकर्ता इसे “घरेलू आतंकवाद” का उदाहरण बता रहे हैं।

महिला अधिकार संगठनों ने मांग की है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाए और बच्चों की सुरक्षा व शिक्षा सुनिश्चित की जाए। घटना ने पूरे जिले में आक्रोश पैदा किया है, और लोग न्याय की मांग कर रहे हैं।

यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि परिवारिक कलह, महिलाओं पर अत्याचार और मासूम बच्चों की बेबसी की कहानी है। पुलिस को जल्द से जल्द आरोपी को पकड़ना होगा, ताकि न्याय मिले और ऐसी घटनाओं पर लगाम लगे। मधेपुरा जैसे छोटे शहरों में ऐसी घटनाएं समाज को झकझोर रही हैं। उम्मीद है कि जांच से सच्चाई सामने आएगी और दो मासूम बच्चियों को सुरक्षित भविष्य मिलेगा।

Sources: दैनिक जागरण

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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