2 फरवरी 2026, Bhagalpur के नवगछिया में बर्ड फ्लू की पुष्टि: बिहार के भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लुएंजा H5N1) की आधिकारिक पुष्टि हो गई है। 11 जनवरी को अनुमंडल कार्यालय के सामने कचहरी मैदान में एक ही जगह पर 150 से अधिक कौओं के मृत मिलने की घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। अब भोपाल और पटना की लैबोरेट्री से आई जांच रिपोर्ट में H5N1 वायरस की मौजूदगी कन्फर्म हो गई है।
यह घटना तब सामने आई जब स्थानीय लोग सुबह मॉर्निंग वॉक पर पहुंचे और मैदान में पेड़ों के नीचे तथा जमीन पर बड़ी संख्या में कौओं के शव बिखरे देखे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इससे पहले कभी इतनी बड़ी संख्या में पक्षियों की एक साथ मौत नहीं देखी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग और पशुपालन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सैंपल कलेक्ट किए।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई रिपोर्ट आते ही जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया। नवगछिया के प्रभावित क्षेत्र से 10 किमी के दायरे में बड़े पैमाने पर सैनिटाइजेशन अभियान शुरू किया गया है। पशुपालन विभाग की टीमें आसपास के पोल्ट्री फार्मों पर निगरानी रख रही हैं और मुर्गियों के ब्लड सैंपल लिए जा रहे हैं। जिला पशुपालन पदाधिकारी ने कहा कि अभी तक पोल्ट्री फार्मों में संक्रमण की कोई पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियातन सभी फार्म मालिकों को स्वच्छता बनाए रखने और किसी भी असामान्य लक्षण की तुरंत सूचना देने को कहा गया है।
मृत कौओं को वैज्ञानिक तरीके से गड्ढा खोदकर दफनाया गया। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मृत पक्षियों को हाथ न लगाएं और किसी भी संदिग्ध मौत की जानकारी तुरंत अधिकारियों को दें।
बर्ड फ्लू क्या है और कितना खतरनाक? बर्ड फ्लू या एवियन इन्फ्लुएंजा एक वायरल संक्रमण है जो मुख्य रूप से पक्षियों में फैलता है। H5N1 स्ट्रेन सबसे घातक माना जाता है। यह वायरस जंगली पक्षियों, विशेषकर प्रवासी पक्षियों के माध्यम से फैलता है। कौवे जैसे पक्षी इसे आसानी से कैरी कर सकते हैं।
मानव संक्रमण दुर्लभ है, लेकिन संक्रमित पक्षियों के सीधे संपर्क या अधपके मांस/अंडे से खतरा हो सकता है। लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में दर्द, सांस लेने में तकलीफ और निमोनिया शामिल हैं। यदि इलाज न हो तो यह घातक साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अच्छी तरह पका हुआ चिकन और अंडा (70 डिग्री सेल्सियस से ऊपर) खाने से कोई खतरा नहीं है।
पोल्ट्री इंडस्ट्री पर असर नवगछिया और आसपास के क्षेत्रों में कई छोटे-बड़े पोल्ट्री फार्म हैं। बर्ड फ्लू की पुष्टि से किसानों में घबराहट है। यदि संक्रमण पोल्ट्री तक पहुंचा तो बड़े पैमाने पर मुर्गियों को नष्ट करना पड़ सकता है, जिससे आर्थिक नुकसान होगा। पड़ोसी जिले कटिहार के कुरसेला में भी दर्जनों कौओं की संदिग्ध मौत की खबरें आई हैं, जिससे चिंता बढ़ गई है।
बिहार में बर्ड फ्लू का इतिहास बिहार में इससे पहले भी बर्ड फ्लू के मामले सामने आ चुके हैं। हाल के महीनों में दरभंगा, मुंगेर और अन्य जिलों में कौओं की सामूहिक मौत की घटनाएं दर्ज की गईं। विशेषज्ञों का मानना है कि सर्दी और प्रवासी पक्षियों का आगमन इसका मुख्य कारण है। राज्य सरकार ने सभी जिलों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
लोगों के लिए सलाह
- मृत पक्षियों से दूर रहें।
- चिकन और अंडा पूरी तरह पकाकर खाएं।
- पोल्ट्री फार्म में काम करने वाले मास्क और दस्ताने पहनें।
- किसी भी लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
प्रशासन का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्कता जरूरी है। यदि समय रहते कदम उठाए गए तो संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।
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