7 मार्च 2026, Bihar में नया मुख्यमंत्री: बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ आ गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है, जिससे उनका 20 साल से ज्यादा का मुख्यमंत्री कार्यकाल (10 बार शपथ) अब समाप्त होने वाला है। नीतीश कुमार ने 5 मार्च को पटना में नामांकन दाखिल किया, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन मौजूद थे। राज्यसभा चुनाव 16 मार्च को है, और इसके बाद बिहार में नई सरकार बनेगी—जिसमें पहली बार BJP का अपना मुख्यमंत्री होगा।
नीतीश कुमार ने कहा, “मैं बिहार नहीं छोड़ रहा हूं, मार्गदर्शन जारी रहेगा। नई सरकार को पूरा सहयोग मिलेगा।” लेकिन राजनीतिक हलकों में यह स्पष्ट है कि NDA में BJP अब सबसे बड़ी पार्टी (89 विधायक) होने के कारण CM पद पर दावा कर रही है। JDU (85 सीटें) अब सहयोगी की भूमिका में है। BJP का फोकस OBC (Other Backward Classes) चेहरे पर है, क्योंकि बिहार में OBC- EBC- दलित वोट बैंक निर्णायक हैं। पिछले 4 दशकों से OBC नेता (लालू यादव, राबड़ी देवी, नीतीश कुमार) सत्ता में रहे हैं, अब BJP OBC से ही CM चुनकर सामाजिक संतुलन बनाए रखना चाहती है।
CM रेस में 5 बड़े नाम
BJP आलाकमान (नरेंद्र मोदी-अमित शाह) अंतिम फैसला लेगा, लेकिन पटना और दिल्ली में 5 नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं:
- सम्राट चौधरी — सबसे मजबूत दावेदार। वर्तमान उपमुख्यमंत्री, गृह मंत्री और BJP विधायक दल के नेता। कुशवाहा (कोइरी) समुदाय से OBC चेहरा। मुंगेर से मजबूत पकड़। पार्टी में संगठनात्मक क्षमता और आक्रामक छवि के लिए जाने जाते हैं। अमित शाह का “निवेश” माने जाते हैं। कई स्रोतों (News18, Indian Express, India Today) में उन्हें फ्रंट-रनर बताया गया है। उनकी RJD-JDU बैकग्राउंड कुछ विरोध पैदा कर सकती है, लेकिन OBC समीकरण मजबूत है।
- नित्यानंद राय — केंद्रीय गृह राज्य मंत्री। यादव समुदाय से OBC चेहरा (लालू यादव जैसी जाति)। उजियारपुर से मजबूत। BJP में लंबे समय से सक्रिय, केंद्रीय स्तर पर अच्छी पहुंच। यादव वोट बैंक में BJP की पैठ बढ़ाने के लिए उपयुक्त। कई रिपोर्ट्स में उन्हें मजबूत दावेदार माना गया है, खासकर अगर BJP यादव- OBC गठजोड़ को मजबूत करना चाहे।
- दिलीप जायसवाल — राज्य के उद्योग मंत्री, पूर्व BJP प्रदेश अध्यक्ष। OBC बैकग्राउंड। संगठन में मजबूत पकड़। पटना और दिल्ली में अच्छी लॉबिंग। AajTak और Navbharat Times जैसी रिपोर्ट्स में उनका नाम प्रमुखता से। अनुभवी नेता, लेकिन सम्राट जितनी आक्रामक छवि नहीं।
- विजय कुमार सिन्हा — उपमुख्यमंत्री (दूसरे), लखीसराय से विधायक। BJP में वरिष्ठ, पूर्व स्पीकर। OBC/EBC बैकग्राउंड। लंबे समय से सक्रिय, लेकिन कुछ रिपोर्ट्स में उनका नाम कम चर्चा में। Rediff और India.com में शामिल।
- गिरिराज सिंह — केंद्रीय मंत्री (पशुपालन आदि)। भागलपुर से मजबूत। राजपूत (सवर्ण) बैकग्राउंड, लेकिन OBC-EBC में भी प्रभाव। आक्रामक बयानबाजी के लिए मशहूर। कुछ स्रोतों में नाम, लेकिन OBC फोकस के कारण कम प्राथमिकता।
अन्य नाम जैसे संजय जायसवाल, जनक राम, मंगल पांडे भी चर्चा में हैं, लेकिन टॉप 5 में ये प्रमुख हैं। BJP OBC चेहरे पर जोर दे रही है ताकि RJD (Tejashwi Yadav) को “सोशल जस्टिस” एजेंडा पर काउंटर कर सके।
राजनीतिक प्रभाव और भविष्य
नीतीश के राज्यसभा जाने से JDU में असमंजस है। नीतीश ने विधायकों से कहा, “मैं बिहार में ही रहूंगा।” उनके बेटे निशांत कुमार आज JDU में शामिल हो रहे हैं, जो उत्तराधिकार की योजना का हिस्सा लगता है—शायद उप-CM बन सकते हैं। RJD ने इसे “BJP का ब्लैकमेल” बताया। Tejashwi Yadav ने कहा, “नीतीश को इस्तीफा देने पर मजबूर किया गया, अब BJP का रबर स्टैंप CM आएगा।”
BJP के लिए यह मौका है बिहार में मजबूत आधार बनाने का। 2025 विधानसभा चुनाव में NDA ने 202 सीटें जीतीं, BJP 89 पर। नया CM OBC से चुनकर EBC- दलित वोट को जोड़ेगा। लेकिन फैसला दिल्ली से होगा—अगर सम्राट चौधरी बने तो OBC संतुलन, नित्यानंद राय बने तो यादव पैठ।
नीतीश युग का अंत बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव है। BJP पहली बार CM बनाकर OBC चेहरे से सत्ता संभालेगी। सम्राट चौधरी सबसे आगे हैं, लेकिन अंतिम फैसला मोदी-शाह करेंगे। अगले कुछ दिनों में ऐलान संभावित। बिहार के विकास और सामाजिक समीकरण पर इसका गहरा असर पड़ेगा।
Sources: news18