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1 जनवरी 2026, Bihar: Bihar में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को नई गति मिली है। राज्य के निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो – VIB) ने 2025 में अभूतपूर्व सफलता हासिल की, जब भ्रष्टाचार के 122 मामलों में कार्रवाई की गई। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 700% से अधिक की वृद्धि दर्शाती है, जो न केवल 25 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ती है, बल्कि नीतीश कुमार सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति की मजबूत प्रतिबद्धता को भी उजागर करती है। विजिलेंस के महानिदेशक जितेंद्र सिंह गंगवार ने घोषणा की है कि 2026 में भ्रष्टाचारियों को जल्दी सजा दिलाने के लिए विशेष ‘स्पीडी ट्रायल सेल’ और ‘स्पीडी डिपार्टमेंटल प्रोसीडिंग सेल’ गठित किए जाएंगे। यह कदम भ्रष्ट लोकसेवकों के लिए कड़ा संदेश है कि अब कोई छूट नहीं मिलेगी।

2025 को विजिलेंस के इतिहास में स्वर्णिम वर्ष कहा जा सकता है। ब्यूरो ने कुल 122 FIR दर्ज कीं, जिनमें 101 ट्रैप केस, 15 अप्राप्य संपत्ति (DA) के मामले और 7 पद के दुरुपयोग से जुड़े केस शामिल हैं। इन कार्रवाइयों में 107 भ्रष्ट लोकसेवक रंगे हाथों पकड़े गए, जिसमें 7 महिलाएं और 6 दलाल भी थे। बरामद रिश्वत की राशि 37.80 लाख रुपये से अधिक रही। दिसंबर 2025 में ही 20 FIR दर्ज की गईं, जबकि 2024 के दिसंबर में केवल 15 मामले दर्ज हुए थे। कुल मिलाकर, 2025 की FIR संख्या 2024 की 15 FIR की तुलना में आठ गुना अधिक है, जो लगभग 700% की उछाल को इंगित करती है। पिछले 25 वर्षों के औसत (वार्षिक 72-73 FIR) से भी यह संख्या दोगुनी से अधिक है।

विजिलेंस के इस अभियान ने विभिन्न विभागों में घुसपैठ की। ट्रैप ऑपरेशनों में सबसे अधिक कार्रवाई निर्माण, राजस्व-भूमि सुधार, ग्रामीण विकास और पुलिस विभागों में हुई। उदाहरण के तौर पर, 27 अगस्त 2025 को चार अलग-अलग जिलों में ट्रैप ऑपरेशन चलाए गए, जिसमें कई इंजीनियर और अधिकारी फंस गए। इसी प्रकार, 17 दिसंबर 2025 को दो ट्रैप और एक DA केस में कार्रवाई की गई। DA मामलों में 15 अधिकारियों पर शिकंजा कसा गया, जो 2024 के केवल 2 मामलों से सात गुना अधिक है। इनमें निर्माण विभाग के एक कार्यपालक इंजीनियर पर 2.74 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति का आरोप लगा, जबकि राजस्व विभाग से 4, ग्रामीण कार्य विभाग से 3 और पुलिस से 2 अधिकारियों को निशाना बनाया गया। इन कार्रवाइयों ने न केवल भ्रष्टाचार के नेटवर्क को तोड़ा, बल्कि आम जनता में विश्वास भी जगाया।

महानिदेशक जितेंद्र सिंह गंगवार ने कहा, “2025 में हमने भ्रष्टाचार पर सबसे बड़ा प्रहार किया। 122 FIR दर्ज कर हमने 25 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। अब 2026 में 175 FIR का लक्ष्य है।” उन्होंने बताया कि ये आंकड़े न केवल संख्या में वृद्धि दर्शाते हैं, बल्कि गुणवत्ता में भी सुधार को। रिश्वतखोरी के मामलों में महिलाओं और दलालों को पकड़ना एक नया आयाम है, जो दर्शाता है कि भ्रष्टाचार के हर स्तर पर नजर रखी जा रही है।

स्पीडी ट्रायल प्लान इस अभियान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। विजिलेंस ने दो विशेष सेल गठित करने का फैसला लिया है। पहला, ‘स्पीडी ट्रायल सेल’, जो DIG मृत्युंजय कुमार के नेतृत्व में काम करेगा। यह सेल चार्जशीट दाखिल करने से लेकर अदालती सुनवाई, गवाहों की गवाही और कानूनी प्रक्रिया तक की निगरानी करेगा। उद्देश्य है कि भ्रष्टाचार के आरोपी को निर्धारित समय के भीतर सजा मिले, ताकि न्याय में देरी न हो। दूसरा, ‘स्पीडी डिपार्टमेंटल प्रोसीडिंग सेल’, DIG नवीन चंद्र झा के नेतृत्व में होगा। यह सेल विभागीय जांच की गति बनाए रखेगा, अनावश्यक विलंब रोकेगा और संबंधित विभागों से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) प्राप्त कर अभियोजन सुनिश्चित करेगा। दोनों सेल एक IG रैंक के अधिकारी द्वारा निगरित होंगे। इसके अलावा, एक नया ‘डिजिटल टेक्नोलॉजी बिल्डिंग’ स्थापित किया जा रहा है, जहां आधुनिक डिजिटल संसाधनों से जांच की पारदर्शिता और सटीकता बढ़ाई जाएगी।

Bihar पुलिस मुख्यालय को अतिरिक्त स्टाफ की मांग भेजी गई है, जिसमें 4 एसपी, 9 डीएसपी, 30 इंस्पेक्टर और 20 सब-इंस्पेक्टर शामिल हैं। यह कदम 2026 में लक्ष्य हासिल करने के लिए आवश्यक है। गंगवार ने जोर दिया कि ये सेल न केवल मुकदमों की तेजी से निपटान सुनिश्चित करेंगे, बल्कि दोषियों को 2026 तक सजा दिलाने पर केंद्रित रहेंगे।

Bihar में भ्रष्टाचार लंबे समय से एक बड़ी समस्या रहा है। गरीबी, बेरोजगारी और विकास कार्यों की कमी के बीच भ्रष्ट अधिकारी विकास को बाधित करते रहे। नीतीश सरकार ने 2005 से ‘सतर्कता अभियान’ चलाया, लेकिन 2025 में यह चरम पर पहुंचा। विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने भी 27 FIR दर्ज कीं, जिनमें 95 लोकसेवकों की गिरफ्तारी हुई। हालांकि, VIB की 122 FIR कुल कार्रवाई का मुख्य आधार हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि खुफिया तंत्र की मजबूती और जनता की भागीदारी से संभव हुई। पटना हाईकोर्ट ने भी 20 दिसंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में स्पीडी ट्रायल के लिए दिशानिर्देश जारी किए, जो विजिलेंस के प्रयासों को मजबूत करेंगे।

इस अभियान का प्रभाव दूरगामी है। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां रिश्वतखोरी विकास योजनाओं को रोकती थी, वहां अब पारदर्शिता बढ़ेगी। स्थानीय निवासियों ने सराहना की है। पटना के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा, “विजिलेंस की यह कार्रवाई आम आदमी के लिए राहत है। अब अधिकारी डरेंगे।” हालांकि, चुनौतियां बाकी हैं। भ्रष्टाचार के बड़े नेटवर्क को तोड़ने के लिए अंतर-विभागीय समन्वय जरूरी है। सरकार ने 100 फास्ट-ट्रैक कोर्ट की घोषणा भी की है, जो 18 लाख लंबित मामलों को निपटाने में मदद करेगी।

कुल मिलाकर, Bihar विजिलेंस का 2025 का रिकॉर्ड भ्रष्टाचार उन्मूलन की दिशा में मील का पत्थर है। 700% FIR वृद्धि और स्पीडी ट्रायल प्लान से न केवल सजा की गति बढ़ेगी, बल्कि शासन में विश्वास भी मजबूत होगा। 2026 में 175 FIR का लक्ष्य हासिल करने से बिहार भ्रष्टाचार मुक्त राज्य की ओर अग्रसर होगा। यह केवल आंकड़ों की जीत नहीं, बल्कि ईमानदारी की विजय है।

Sources: हिंदुस्तान टाइम्स

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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