Bihar Rajya Sabha Elections 2026Bihar Rajya Sabha Elections 2026

21 फरवरी 2026, Bihar राज्यसभा चुनाव 2026: बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च 2026 को होने वाले चुनाव ने राजनीतिक दलों को जोड़-तोड़ की मेज पर ला खड़ा किया है। चुनाव आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के तहत नामांकन 26 फरवरी से शुरू होंगे और मतदान 16 मार्च को होगा। इन पांच सीटों पर जेडीयू के दो, आरजेडी के दो और आरएलएम के एक सांसदों का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है।

चुनावी गणित: एनडीए की मजबूत स्थिति

बिहार विधानसभा में कुल 243 सदस्य हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए न्यूनतम 41 प्राथमिक वोट (कुल सदस्यों के आधार पर गणना) जरूरी हैं।

एनडीए गठबंधन के पास वर्तमान में करीब 202 विधायकों का समर्थन है:

  • भाजपा: 89
  • जेडीयू: 85
  • एलजेपी(आर): 19
  • हम: 5
  • आरएलएम: 4
  • अन्य सहयोगी/समर्थक

इस मजबूत बहुमत के कारण एनडीए को चार सीटें लगभग पक्की मानी जा रही हैं। भाजपा और जेडीयू को दो-दो सीटें मिलना तय है। एनडीए का फोकस अब पांचवीं सीट पर है, जहां वह पूर्ण सफाया चाहता है।

पांचवीं सीट पर छोटे दलों की दावेदारी

एनडीए के छोटे सहयोगी दल पांचवीं सीट पर अपना दावा ठोक रहे हैं:

  • चिराग पासवान की एलजेपी(आर) ने मजबूत उम्मीदवार की मांग की है और कुछ नामों को पहले ही खारिज कर दिया।
  • जीतन राम मांझी की हम पार्टी पुराने वादों और दलित प्रतिनिधित्व का हवाला दे रही है।
  • उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएम भी कुशवाहा समाज के आधार पर दबाव बना रही है।

एनडीए शीर्ष नेतृत्व इन दावों को संतुलित करने की कोशिश में जुटा है ताकि गठबंधन में कोई फूट न पड़े। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, अंतिम फैसला दिल्ली से आएगा और संभवतः किसी एक छोटे दल को समायोजित किया जाएगा।

महागठबंधन की चुनौतियां और बिखराव

महागठबंधन (इंडिया ब्लॉक) के पास कुल करीब 35 विधायक हैं:

  • आरजेडी: 25
  • कांग्रेस: 6
  • वाम दल और आईआईपी: शेष

एक सीट बचाने के लिए महागठबंधन को AIMIM (5 विधायक) और बसपा (1 विधायक) का समर्थन चाहिए। लेकिन AIMIM ने पहले ही खुद उम्मीदवार उतारने का ऐलान कर दिया है। बिहार AIMIM अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने कहा, “हम बिहार में अपनी राजनीतिक मौजूदगी दिखाना चाहते हैं।”

इससे महागठबंधन की उम्मीदें लगभग खत्म हो गई हैं। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा है कि पार्टी अकेले भी मैदान में उतरेगी, लेकिन गणित साफ तौर पर उनके खिलाफ है।

राजनीतिक प्रभाव और भविष्य

यह चुनाव बिहार की राजनीति में एनडीए की प्रभुत्व को मजबूत करने का अवसर है। अगर एनडीए पांचों सीटें जीत लेता है, तो महागठबंधन के लिए राज्यसभा में प्रतिनिधित्व का संकट गहरा जाएगा। दूसरी ओर, महागठबंधन के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है।

जातीय समीकरण, व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाएं और पुराने समझौते इस बार भी खेल बदल सकते हैं। नामांकन शुरू होने तक बिहार की राजनीति में मीटिंग्स, गुप्त बातचीत और जोड़-घटाव का दौर और तेज होगा।

Sources: नवभारत टाइम्स

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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