SAHARA जमाकर्ताओं के लिए बड़ी राहत: सहारा इंडिया ग्रुप की विभिन्न कोऑपरेटिव सोसाइटीज में निवेश करने वाले लाखों जमाकर्ताओं के लिए लंबे इंतजार के बाद एक महत्वपूर्ण अपडेट आया है। केंद्र सरकार के सहयोग मंत्रालय और सेंट्रल रजिस्ट्रार ऑफ कोऑपरेटिव सोसाइटीज (CRCS) द्वारा संचालित रिफंड प्रक्रिया में अब 10 लाख रुपये तक के क्लेम दोबारा सबमिट करने का विकल्प उपलब्ध है। यह सुविधा 19 नवंबर 2025 से शुरू की गई है, जिसके तहत पहले रिजेक्ट हुए या डेफिशिएंसी वाले क्लेम्स को सुधार कर री-सबमिट किया जा सकता है। कई प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स (आज तक, टाइम्स नाउ हिंदी, लाइव हिंदुस्तान आदि) के अनुसार, सफल री-सबमिशन के बाद राशि 45 कार्य दिवसों के भीतर जमाकर्ता के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में सीधे क्रेडिट हो सकती है। यह अपडेट उन करोड़ों निवेशकों के लिए बड़ी उम्मीद की किरण है, जिनका पैसा सालों से अटका हुआ है।
SAHARA रिफंड की पृष्ठभूमि
सहारा इंडिया की चार प्रमुख कोऑपरेटिव सोसाइटीज—सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी लिमिटेड, हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड और स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड—में करोड़ों लोगों ने छोटी-छोटी रकम जमा की थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद 2023 में CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल लॉन्च किया गया था। शुरुआत में क्लेम लिमिट 10,000 रुपये थी, जो बाद में बढ़ाकर 50,000 और अब 10 लाख रुपये तक कर दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने सहारा-SEBI रिफंड अकाउंट से 5,000 करोड़ रुपये CRCS को ट्रांसफर करने का निर्देश दिया था, ताकि वैध जमाकर्ताओं को पारदर्शी तरीके से रिफंड मिल सके। अब तक लाखों क्लेम प्रोसेस हो चुके हैं, लेकिन कई मामलों में दस्तावेजों की कमी, गलत जानकारी या अन्य कारणों से क्लेम रिजेक्ट या पेंडिंग रह गए। इसी समस्या को दूर करने के लिए री-सबमिशन पोर्टल को अपडेट किया गया है।
नया अपडेट: 10 लाख तक क्लेम दोबारा कैसे करें
26 फरवरी 2026 की लेटेस्ट रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब 10 लाख रुपये तक के एग्रीगेट क्लेम (सभी सोसाइटीज मिलाकर) के लिए री-सबमिशन संभव है। मुख्य बातें:
- पात्रता: जिन जमाकर्ताओं का क्लेम पहले रिजेक्ट हुआ, डेफिशिएंसी बताई गई, या भुगतान नहीं हुआ, वे अब दोबारा अप्लाई कर सकते हैं। क्लेम सबमिट करने के 45 दिन पूरे होने के बाद री-सबमिशन का विकल्प खुलता है।
- प्रक्रिया:
- आधिकारिक री-सबमिशन पोर्टल पर जाएं (mocresubmit.crcs.gov.in/resubmission)।
- लॉगिन करें (मोबाइल नंबर और आधार से ई-केवाईसी)।
- क्लेम डिटेल्स चेक करें, कमियां दूर करें (दस्तावेज अपलोड जैसे पासबुक, सर्टिफिकेट, आधार, पैन, बैंक डिटेल्स)।
- फॉर्म सबमिट करें और रेफरेंस नंबर नोट करें।
- समय सीमा: री-सबमिट क्लेम 45 कार्य दिवसों में प्रोसेस होंगे। वेरिफिकेशन के बाद एसएमएस/पोर्टल से सूचना मिलेगी, और राशि आधार-लिंक्ड बैंक अकाउंट में ट्रांसफर हो जाएगी। कोई फीस नहीं लगती।
- ध्यान देने योग्य: सभी सोसाइटीज के क्लेम एक ही फॉर्म में सबमिट करें। गलत जानकारी देने पर क्लेम फिर अटक सकता है।
यह अपडेट उन निवेशकों के लिए खास तौर पर फायदेमंद है, जिनका क्लेम पहले 50,000 या कम लिमिट के कारण पूरा नहीं हुआ। अब बड़ी रकम वाले भी लाभ उठा सकते हैं।
रिफंड प्रक्रिया में कितना समय लगता है?
पोर्टल के अनुसार, क्लेम सबमिशन के बाद:
- 30 दिनों में वेरिफिकेशन।
- 15 दिनों में एसएमएस/पोर्टल से डिसीजन।
- कुल 45 कार्य दिवसों में राशि क्रेडिट।
फंड उपलब्धता के आधार पर प्रक्रिया चलती है। अब तक कई जमाकर्ताओं को रिफंड मिल चुका है, लेकिन कुल देनदारी 3.5 लाख करोड़ से ज्यादा बताई जाती है, इसलिए प्रक्रिया चरणबद्ध है।
जमाकर्ताओं के लिए सलाह और सावधानियां
- आधिकारिक पोर्टल ही इस्तेमाल करें: मुख्य या री-सबमिशन।
- फेक मैसेज/स्कैम से बचें: कोई भी फोन/मैसेज पर पैसे न दें।
- दस्तावेज तैयार रखें: पासबुक, सर्टिफिकेट, आधार, पैन, बैंक पासबुक।
- स्टेटस चेक करें: पोर्टल पर लॉगिन कर ट्रैक करें।
- हेल्पलाइन: 011-20909044 / 011-20909045 पर संपर्क करें (45 दिन बाद)।
यह अपडेट सहारा जमाकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो लंबे संघर्ष के बाद राहत दे रहा है। सरकार की पारदर्शी प्रक्रिया से करोड़ों लोगों का भरोसा बहाल हो सकता है। अगर आप प्रभावित हैं, तो जल्दी पोर्टल पर जाकर क्लेम री-सबमिट करें। ज्यादा जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट या न्यूज सोर्स चेक करें। यह न केवल व्यक्तिगत राहत है, बल्कि वित्तीय न्याय की दिशा में बड़ा सुधार भी है।
Sources: आज तक