10 दिसंबर 2025 – उत्तर प्रदेश पुलिस ने राज्य में फैले एक विशाल कोडीन-आधारित कफ सिरप तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जो नशीली दवाओं के अवैध कारोबार का केंद्र बन चुका था। सोनभद्र जिले में एक ट्रक की तलाशी से शुरू हुई कार्रवाई में 3.5 लाख बोतलें (लगभग 4.5 करोड़ रुपये मूल्य की) जब्त की गईं, जबकि कुल मूल्यांकन 425 करोड़ रुपये से अधिक का अनुमान है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है, जो नेपाल और बांग्लादेश से दवाओं की तस्करी के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की पड़ताल करेगा।
पुलिस को 20 दिनों पहले सोनभद्र में एक संदिग्ध ट्रक मिला, जिसमें हजारों कफ सिरप की बोतलें भरी थीं। इसकी जांच से रांची (झारखंड) में दूसरा ट्रक बरामद हुआ, जहां से नेटवर्क का सुराग मिला। वाराणसी के दो व्यापारियों – रामू सिंह और राजेश यादव – पर मुख्य आरोप है, जिन्होंने किंगपिन के पिता से 5 लाख वायल्स खरीदे और 7 करोड़ रुपये में बेच दिए। ये दवाएं मुख्य रूप से युवाओं और नशेड़ियों को सस्ते दामों पर बेची जा रही थीं, जो कोडीन की लत का कारण बन रही हैं। अब तक 32 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं, जिनमें मेडिकल स्टोर मालिक, तस्कर और वितरक शामिल हैं।
डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) प्रज्ञा मलिक ने बताया कि प्रारंभिक जांच में नेपाल और बांग्लादेश से दवाओं की आपूर्ति का खुलासा हुआ है। “यह नेटवर्क संगठित अपराध का रूप ले चुका था, जो स्वास्थ्य को गंभीर खतरा पैदा कर रहा था।” SIT के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है, जो पिछले नवंबर के 37 लाख बोतलों (57 करोड़ रुपये) वाले मामले से जुड़े लिंक की जांच करेगी। लखनऊ कोर्ट ने दो मुख्य आरोपीयों की न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ा दी है।
कोडीन युक्त कफ सिरप, जो मूल रूप से खांसी के इलाज के लिए है, अवैध रूप से नशीला पदार्थ बन गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह युवाओं में लत, लीवर क्षति और मौत का कारण बन रहा है। उत्तर प्रदेश में पिछले वर्ष 500 से अधिक मौतें कोडीन ओवरडोज से जुड़ी पाई गईं। यह रैकेट ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में फैला था, जहां मेडिकल स्टोरों से बिना प्रिस्क्रिप्शन बिक्री हो रही थी। पुलिस ने 12 मेडिकल स्टोर मालिकों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
मुख्यमंत्री योगी ने इसे “नशा मुक्ति अभियान” का हिस्सा बताते हुए कड़े कदमों का ऐलान किया। “हम किसी भी कीमत पर युवा पीढ़ी को नशे के जाल से बचाएंगे।” SIT को 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय सहयोग की मांग भी शामिल है। यह कार्रवाई न केवल UP बल्कि पूरे देश के लिए मिसाल बनेगी, जहां कोडीन तस्करी का कारोबार सालाना 1,000 करोड़ का है। स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी जारी की है कि बिना डॉक्टरी सलाह के कफ सिरप न लें। कुल मिलाकर, यह पर्दाफाश नशीले पदार्थों के खिलाफ युद्ध में एक बड़ा झटका है, जो कानून व्यवस्था को मजबूत करेगा।