13 फरवरी 2026, बांग्लादेश चुनाव 2026, BNP की ऐतिहासिक जीत: बांग्लादेश में 12 फरवरी को हुए आम चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने प्रचंड बहुमत हासिल कर लिया है। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के पुत्र तारिक रहमान की अगुवाई वाली BNP ने 300 सीटों वाली संसद में दो-तिहाई से अधिक सीटें जीतकर 20 वर्ष बाद सत्ता में वापसी की है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, BNP ने 209 से अधिक सीटें हासिल की हैं, जिससे तारिक रहमान का प्रधानमंत्री बनना लगभग तय हो गया है।
यह चुनाव बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। 2024 में छात्रों के नेतृत्व में हुए आंदोलन के बाद शेख हसीना की अवामी लीग सरकार का पतन हुआ था। हसीना भारत भाग गईं और नोबेल विजेता मुहम्मद यूनुस की अगुवाई में अंतरिम सरकार बनी। इस अंतरिम सरकार ने लोकतंत्र की बहाली के लिए चुनाव कराने का वादा किया था, जो अब पूरा हो गया है।
चुनाव की पृष्ठभूमि और प्रक्रिया
2024 की क्रांति के बाद बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता चरम पर थी। अवामी लीग पर दमनकारी नीतियों के आरोप लगे, जिसके चलते पार्टी इस चुनाव में शामिल नहीं हुई। मुख्य मुकाबला BNP और जमात-ए-इस्लामी के गठबंधन के बीच था। हालांकि, मतदाताओं ने BNP पर भारी भरोसा जताया। वोटिंग शांतिपूर्ण रही और मतदान प्रतिशत उच्च रहा।
तारिक रहमान, जिन्हें ‘डार्क प्रिंस’ भी कहा जाता है, 17 वर्षों से लंदन में निर्वासन में थे। भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण वे देश से बाहर थे, लेकिन क्रांति के बाद वापस लौटे और पार्टी की कमान संभाली। उनकी वापसी को BNP समर्थकों ने उत्साह के साथ स्वागत किया।
परिणामों का विश्लेषण
अनौपचारिक परिणामों के अनुसार:
- BNP: 209+ सीटें (दो-तिहाई बहुमत)
- जमात-ए-इस्लामी और सहयोगी: लगभग 70 सीटें
- अन्य छोटी पार्टियां और निर्दलीय: शेष सीटें
BNP की इस जीत को जनता का बदलाव का जनादेश माना जा रहा है। पार्टी ने चुनाव प्रचार में लोकतंत्र की बहाली, आर्थिक सुधार और समावेशी विकास का वादा किया था। तारिक रहमान ने जीत के बाद कहा, “यह बांग्लादेश की जनता की जीत है। हम बदला नहीं, विकास पर ध्यान देंगे।”
भारत की प्रतिक्रिया
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को बधाई देते हुए कहा, “मैं तारिक रहमान को BNP की निर्णायक जीत पर बधाई देता हूं। भारत एक लोकतांत्रिक, समावेशी और प्रगतिशील बांग्लादेश के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।” मोदी का यह बयान दोनों देशों के बीच संबंधों की निरंतरता को दर्शाता है।
पिछले वर्षों में भारत-बांग्लादेश संबंध मजबूत रहे हैं, लेकिन हसीना सरकार के पतन के बाद कुछ तनाव की आशंकाएं थीं। BNP की जीत के साथ विशेषज्ञों का मानना है कि व्यापार, सुरक्षा और कनेक्टिविटी जैसे मुद्दों पर सहयोग बना रहेगा।
चुनौतियां और भविष्य
नई सरकार के सामने कई चुनौतियां हैं। आर्थिक संकट, बेरोजगारी, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और राजनीतिक स्थिरता प्रमुख मुद्दे हैं। जमात-ए-इस्लामी की सीमित सफलता से कट्टरपंथ की आशंकाएं कम हुई हैं, लेकिन BNP को समावेशी नीतियां अपनानी होंगी।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने चुनाव को निष्पक्ष बताया है। अमेरिका, चीन और यूरोपीय संघ ने भी BNP की जीत पर प्रतिक्रिया दी है। तारिक रहमान की सरकार दक्षिण एशिया में स्थिरता का नया अध्याय लिख सकती है।
यह जीत बांग्लादेश की जनता की लोकतंत्र में आस्था को दर्शाती है। आने वाले दिनों में नई सरकार की नीतियां क्षेत्रीय राजनीति पर गहरा प्रभाव डालेंगी।
Sources: रॉयटर्स