Union Home Minister Amit ShahUnion Home Minister Amit Shah

21 फरवरी 2026, Amit Shah का 26 फरवरी को किशनगंज दौरा: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 26 फरवरी 2026 को बिहार के किशनगंज जिले का दौरा करने वाले हैं। सूत्रों के अनुसार, यह दौरा मुख्य रूप से भारत-नेपाल और भारत-बांग्लादेश सीमा से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए है। शाह स्थानीय प्रशासन, पुलिस, सशस्त्र सीमा बल (SSB), बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) और अन्य अर्धसैनिक बलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक करेंगे। इस दौरान चिकन नेक कॉरिडोर (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) की सुरक्षा को मजबूत करने पर विशेष चर्चा होने की संभावना है, क्योंकि यह क्षेत्र उत्तर-पूर्व भारत को मुख्य भूमि से जोड़ने वाला एकमात्र संकीर्ण गलियारा है।

दौरा का महत्व और पृष्ठभूमि

किशनगंज सीमांचल क्षेत्र का हिस्सा है, जहां नेपाल और बांग्लादेश की सीमाएं लगती हैं। यह इलाका घुसपैठ, तस्करी, आतंकवाद और अवैध प्रवासन जैसी चुनौतियों से जूझता रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत SSB और BSF यहां सक्रिय हैं। अमित शाह का यह दौरा 2026 में बिहार विधानसभा चुनावों से पहले सुरक्षा और विकास पर केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

पिछले वर्षों में भी शाह ने सीमांचल क्षेत्र (पूर्णिया, किशनगंज) का दौरा किया था। 2022 में उन्होंने किशनगंज में बुधी काली मंदिर में पूजा-अर्चना की और फतेहपुर सीमा चौकी का दौरा कर SSB के बीओपी (बॉर्डर आउट पोस्ट) का उद्घाटन किया था। हाल ही में असम में भी उन्होंने चिकन नेक कॉरिडोर पर जोर देते हुए कहा था, “चिकन नेक भारत की भूमि है, कोई इसे हाथ नहीं लगा सकता।” उन्होंने इंडिया गठबंधन पर आरोप लगाया कि वे ऐसे तत्वों का समर्थन करते हैं जो इस कॉरिडोर को काटने की बात करते हैं।

26 फरवरी का दौरा इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण है। चिकन नेक कॉरिडोर (लगभग 20-22 किमी चौड़ा और 60 किमी लंबा) उत्तर बंगाल में स्थित है, लेकिन किशनगंज से निकटता के कारण सीमांचल की सुरक्षा इससे जुड़ी है। किसी भी अस्थिरता से उत्तर-पूर्व के 8 राज्यों (असम, अरुणाचल, मणिपुर आदि) का संपर्क मुख्य भारत से टूट सकता है। बैठक में घुसपैठ रोकने, वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (VVIP) के दूसरे चरण, बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर और स्थानीय विकास पर फोकस रह सकता है।

संभावित कार्यक्रम और तैयारी

सूत्रों के मुताबिक:

  • शाह सुबह या दोपहर में किशनगंज पहुंचेंगे।
  • उच्चस्तरीय बैठक में SSB, BSF, स्थानीय पुलिस, जिला प्रशासन और इंटेलिजेंस एजेंसियां शामिल होंगी।
  • सीमा चौकियों का दौरा या हेलीकॉप्टर से एरियल सर्वे संभव।
  • राजनीतिक बैठक में भाजपा स्थानीय नेताओं से मुलाकात हो सकती है, क्योंकि 2026 चुनावों में सीमांचल (किशनगंज, अररिया, पूर्णिया) भाजपा के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है।
  • सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। यातायात प्रतिबंध, पुलिस बल तैनाती और हाई अलर्ट जारी किया जा सकता है।

राजनीतिक और रणनीतिक प्रभाव

यह दौरा केंद्र सरकार की “अमृत काल” में सीमा सुरक्षा को प्राथमिकता देने की नीति का हिस्सा है। किशनगंज में मुस्लिम बहुल आबादी है, और यहां घुसपैठ तथा CAA-NRC जैसे मुद्दे संवेदनशील रहे हैं। शाह का दौरा स्थानीय स्तर पर भाजपा की पहुंच बढ़ाने और विकास योजनाओं (जैसे वाइब्रेंट विलेजेज) को प्रमोट करने का माध्यम भी बन सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि चिकन नेक की सुरक्षा अब राष्ट्रीय प्राथमिकता है। हाल के वर्षों में चीन की गतिविधियां और बांग्लादेश से घुसपैठ बढ़ी है। बैठक में नए टेक्नोलॉजी (ड्रोन, CCTV, सेंसर) और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फैसले हो सकते हैं।

कुल मिलाकर, 26 फरवरी का दौरा किशनगंज और सीमांचल के लिए सुरक्षा मजबूती का संदेश देगा। स्थानीय लोग इसे विकास और सुरक्षा के लिए सकारात्मक मान रहे हैं।

Sources: दैनिक भास्कर

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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