AIMIM Bihar State President Akhtarul ImanAIMIM Bihar State President Akhtarul Iman

28 जनवरी 2026, AIMIM प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान को मिली ‘Y’ कैटेगरी की सुरक्षा: बिहार की राजनीति में सीमांचल का प्रमुख चेहरा और AIMIM (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान (Akhtarul Iman) की सुरक्षा में बड़ी बढ़ोतरी की गई है। राज्य के गृह विभाग ने उनकी जान को खतरे की आशंका (Threat Perception) को देखते हुए उन्हें ‘Y’ श्रेणी (Y Category) की सुरक्षा प्रदान करने का फैसला किया है।

अख्तरुल इमान, जो पूर्णिया जिले की अमौर (Amour) विधानसभा सीट से विधायक हैं, अब बिहार पुलिस के सशस्त्र कमांडो के घेरे में रहेंगे। यह फैसला राज्य सुरक्षा समिति की उच्च स्तरीय बैठक के बाद लिया गया, जिसमें कुल 18 नेताओं की सुरक्षा समीक्षा की गई थी।

क्या है पूरा मामला?

बिहार गृह विभाग (Home Department) द्वारा 27 जनवरी को जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्य की खुफिया एजेंसियों (Intelligence Bureau – IB) और विशेष शाखा की रिपोर्ट के आधार पर कई वीआईपी (VIPs) की सुरक्षा में फेरबदल किया गया है।

अख्तरुल इमान पिछले कुछ वर्षों से सीमांचल की राजनीति में एक मजबूत ध्रुव बनकर उभरे हैं। उनकी बेबाक बयानबाजी और सीमांचल के मुद्दों पर आक्रामक रुख के कारण अक्सर उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहे हैं। खुफिया इनपुट्स में उन पर संभावित खतरे को देखते हुए सरकार ने यह एहतियाती कदम उठाया है। अब तक उनके पास सामान्य सुरक्षा थी, लेकिन अब वे चौबीसों घंटे सुरक्षा घेरे में रहेंगे।

Y कैटेगरी सुरक्षा का मतलब क्या है?

आम पाठकों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर ‘Y’ कैटेगरी की सुरक्षा में क्या खास होता है? आपको बता दें कि भारत में सुरक्षा की श्रेणियां खतरे के स्तर के हिसाब से तय होती हैं (X, Y, Y+, Z, Z+ और SPG)।

अख्तरुल इमान को मिली ‘Y’ श्रेणी सुरक्षा में ये सुविधाएं शामिल होंगी:

  1. सुरक्षाकर्मी: इस श्रेणी में कुल 8 से 11 सुरक्षाकर्मी शामिल होते हैं।
  2. कमांडो: इसमें आम तौर पर 1 या 2 सशस्त्र कमांडो (सशस्त्र पुलिस बल) शामिल होते हैं जो अत्याधुनिक हथियारों से लैस होते हैं।
  3. PSO (पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर): दो पीएसओ (Personal Security Officers) शिफ्ट में नेता के साथ साये की तरह रहते हैं।
  4. घर पर पहरा: आवास पर सशस्त्र गार्ड्स की तैनाती की जाती है जो चौबीसों घंटे निगरानी रखते हैं।
  5. काफिला: जब वे कहीं यात्रा करेंगे, तो उनके वाहन के साथ पुलिस की एक पायलट या एस्कॉर्ट गाड़ी भी हो सकती है (यह जिला प्रशासन के विवेक पर निर्भर करता है)।

सीमांचल के ‘शेर’ कहे जाते हैं अख्तरुल इमान

अख्तरुल इमान की राजनीतिक यात्रा काफी संघर्षपूर्ण रही है। वे सीमांचल क्षेत्र (किशनगंज, पूर्णिया, अररिया, कटिहार) में अल्पसंख्यकों और पिछड़ों की एक बहुत बड़ी आवाज माने जाते हैं।

  • राजनीतिक सफर: उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से की थी और बाद में जनता दल यूनाइटेड (JDU) में शामिल हुए। लेकिन 2015 में उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM का दामन थामा और बिहार में पार्टी की नींव रखी।
  • अमौर से जीत: 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में जब AIMIM ने सीमांचल में 5 सीटें जीतकर सबको चौंका दिया था, तब अख्तरुल इमान ही इस जीत के मुख्य वास्तुकार थे। वे अमौर सीट से भारी मतों से जीतकर विधानसभा पहुंचे।
  • सदन में बेबाक आवाज: बिहार विधानसभा में वे अक्सर सरकार को घेरते नजर आते हैं। चाहे वह एनआरसी (NRC) का मुद्दा हो, सीमांचल विकास आयोग के गठन की मांग हो, या फिर महानंदा बेसिन प्रोजेक्ट, अख्तरुल इमान हर मुद्दे पर मुखर रहे हैं।

यही कारण है कि उनके समर्थकों और विरोधियों, दोनों की संख्या बड़ी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी बढ़ती लोकप्रियता और राजनीतिक कद के कारण उनकी सुरक्षा बढ़ाना समय की मांग थी।

सिर्फ अख्तरुल इमान ही नहीं, इन नेताओं की सुरक्षा भी बदली

इस सुरक्षा समीक्षा में सरकार ने कई कड़े फैसले लिए हैं। जहां एक तरफ अख्तरुल इमान जैसे नेताओं की सुरक्षा बढ़ाई गई है, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव की सुरक्षा में कटौती की गई है।

सुरक्षा बढ़ने वाले प्रमुख नेता:

  • नितिन नवीन (भाजपा प्रदेश अध्यक्ष): इन्हें अब ‘Z’ श्रेणी की सुरक्षा दी गई है।
  • गिरिराज सिंह (केंद्रीय मंत्री): इनकी सुरक्षा बढ़ाकर ‘Y+’ (वाई प्लस) कर दी गई है।
  • अरुण भारती (जमुई सांसद): इन्हें भी ‘Y+’ सुरक्षा मिली है।
  • अख्तरुल इमान: ‘Y’ श्रेणी।

सुरक्षा घटने वाले नेता:

  • तेजस्वी यादव (नेता प्रतिपक्ष): उनकी सुरक्षा ‘Z’ श्रेणी से घटाकर ‘Y+’ कर दी गई है, हालांकि उन्हें एस्कॉर्ट की सुविधा मिलती रहेगी।
  • मीरा कुमार (पूर्व लोकसभा अध्यक्ष): सुरक्षा ‘Y+’ से घटाकर ‘X’ श्रेणी की गई।
  • शत्रुघ्न सिन्हा: इनकी ‘Z’ सुरक्षा को घटाकर ‘Y’ कर दिया गया है।

AIMIM समर्थकों में खुशी की लहर

अख्तरुल इमान को वाई श्रेणी की सुरक्षा मिलने की खबर जैसे ही सीमांचल में पहुंची, उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। AIMIM कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनके नेता जनता की आवाज उठाते हैं, इसलिए उनकी जान को हमेशा खतरा बना रहता है।

पार्टी के एक स्थानीय कार्यकर्ता ने कहा, “अख्तरुल इमान साहब सिर्फ एक विधायक नहीं, बल्कि सीमांचल के करोड़ों दबे-कुचले लोगों की उम्मीद हैं। सरकार ने उनकी सुरक्षा बढ़ाकर एक अच्छा कदम उठाया है, लेकिन हम चाहते हैं कि प्रशासन उनकी रैलियों और जनसभाओं में भी अतिरिक्त सावधानी बरते।”

राजनीतिक मायने

राजनीतिक गलियारों में इस फैसले के कई मायने निकाले जा रहे हैं। कुछ जानकारों का मानना है कि बिहार सरकार यह संदेश देना चाहती है कि वह सुरक्षा के मामले में पक्षपात नहीं करती और विपक्ष के नेताओं (जैसे अख्तरुल इमान) की सुरक्षा की भी उसे चिंता है। वहीं, कुछ लोग इसे सीमांचल में AIMIM के बढ़ते प्रभाव की स्वीकारोक्ति के रूप में देख रहे हैं।

अख्तरुल इमान ने खुद कई बार सार्वजनिक मंचों से अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने विधानसभा में भी कहा था कि सीमांचल के माफिया और अपराधी तत्व उनकी आवाज़ को दबाना चाहते हैं। अब ‘Y’ श्रेणी की सुरक्षा मिलने से वे बिना किसी भय के अपने क्षेत्र में जनता के बीच जा सकेंगे।

कुल मिलाकर, यह फैसला बिहार के बदलते राजनीतिक और सुरक्षा परिदृश्य को दर्शाता है। एक तरफ जहां अख्तरुल इमान जैसे जमीनी नेता का कद और सुरक्षा बढ़ी है, वहीं दूसरी तरफ यह स्पष्ट है कि वीआईपी सुरक्षा अब ‘स्टेटस सिंबल’ नहीं, बल्कि ‘थ्रेट परसेप्शन’ (खतरे के आकलन) के आधार पर तय की जा रही है।

आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि बढ़ी हुई सुरक्षा के साथ अख्तरुल इमान अपनी राजनीतिक गतिविधियों को कितनी और धार देते हैं।

Sources: एनडीटीवी

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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