3 जनवरी 2026, Araria– बिहार के Araria जिले में पशुपालन विभाग ने डिजिटल माध्यम से ग्रामीण पशुपालकों तक पहुंच बनाने की पहल की है। जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. राजीव कुमार सिंह ने गुरुवार (2 जनवरी) को दोपहर 4 बजे फेसबुक लाइव के माध्यम से पशुपालकों से सीधा संवाद किया। इस सत्र में उन्होंने पशुओं के नियमित टीकाकरण पर जोर दिया, खासकर खुरपका-मुंहपका (FMD) रोग के खिलाफ चल रहे सघन अभियान की जानकारी साझा की। “पशुपालक भाइयों, अपने पशुओं का नियमित टीकाकरण अवश्य करवाएं। यह साल में दो बार आयोजित होता है, जिससे बीमारियों से बचाव संभव है,” डॉ. सिंह ने लाइव में कहा। यह पहल न केवल पशु स्वास्थ्य को मजबूत करने का प्रयास है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है, जहां पशुपालन लाखों परिवारों की आजीविका का आधार है।
लाइव सत्र का विवरण: जागरूकता और योजनाओं की जानकारी
फेसबुक लाइव जिला प्रशासन Araria के आधिकारिक पेज पर आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य पशुपालकों को विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और पशु चिकित्सा सुविधाओं की विस्तृत जानकारी देना था। डॉ. राजीव कुमार सिंह ने सत्र की शुरुआत में Araria जिले की पशुपालन स्थिति का जिक्र किया। जिले में लगभग 4 लाख से अधिक पशु हैं, जिनमें गाय, भैंस, बकरी और मुर्गी प्रमुख हैं। लेकिन खुरपका-मुंहपका जैसी संक्रामक बीमारियां पशुपालकों के लिए बड़ा खतरा बनी हुई हैं, जो दूध उत्पादन में 20-30% की कमी ला देती हैं।
डॉ. सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के तहत 1 जनवरी 2026 से 15 फरवरी तक 45 दिनों का सघन टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान खुरपका-मुंहपका रोग को नियंत्रित करने पर केंद्रित है, जो पशुओं में बुखार, मुंह में छाले और पैरों में घाव पैदा करता है। “यह रोग इतना संक्रामक है कि एक संक्रमित पशु पूरे झुंड को प्रभावित कर सकता है। टीकाकरण से न केवल पशुओं की जान बचती है, बल्कि किसानों की आर्थिक हानि भी रुकती है,” उन्होंने कहा। लाइव में उन्होंने पशुपालकों को सलाह दी कि वे नजदीकी पशु चिकित्सा केंद्र पर संपर्क करें, जहां मुफ्त टीका उपलब्ध है। इसके अलावा, टीकाकरण के बाद पशुओं को अलग रखने और स्वच्छता बनाए रखने की हिदायत दी गई।
सत्र के दौरान दर्जनों पशुपालकों ने कमेंट्स के जरिए सवाल पूछे, जैसे टीकाकरण का शेड्यूल, दुष्प्रभाव और सब्सिडी योजनाएं। डॉ. सिंह ने प्रत्येक सवाल का विस्तार से जवाब दिया। उदाहरण के लिए, एक पशुपालक ने पूछा कि क्या टीकाकरण के बाद दूध उत्पादन प्रभावित होता है? जवाब में उन्होंने स्पष्ट किया कि टीका पूरी तरह सुरक्षित है और दूध की गुणवत्ता पर कोई असर नहीं पड़ता। लाइव को जिला जन-सम्पर्क कार्यालय ने समर्थन दिया, जिससे यह ग्रामीण स्तर पर व्यापक पहुंच बना सका।
Araria में पशुपालन की चुनौतियां और अभियान का महत्व
Araria जिला, जो सीमांचल क्षेत्र का हिस्सा है, कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था पर निर्भर है। यहां के अधिकांश ग्रामीण परिवार पशुपालन से जुड़े हैं, लेकिन बीमारियों, चारा की कमी और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियां उन्हें परेशान करती हैं। पिछले साल खुरपका-मुंहपका रोग से जिले में सैकड़ों पशु प्रभावित हुए थे, जिससे किसानों को लाखों का नुकसान हुआ। राज्य सरकार ने 2025 में ही ‘बिहार पशुधन विकास योजना’ के तहत टीकाकरण को प्राथमिकता दी, जिसमें सालाना दो चरण – जनवरी-फरवरी और जुलाई-अगस्त – निर्धारित हैं।
यह अभियान राष्ट्रीय स्तर का है, जो ‘राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम’ (NADCP) का हिस्सा है। अररिया में अब तक 50% से अधिक पशुओं का प्रारंभिक टीकाकरण हो चुका है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में जागरूकता की कमी बाधा बनी हुई है। फेसबुक लाइव जैसी डिजिटल पहल इसी कमी को दूर करने का प्रयास है। विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित टीकाकरण से पशु उत्पादकता में 15-20% वृद्धि हो सकती है, जो ग्रामीण आय को दोगुना करने में मददगार साबित होगा। डॉ. सिंह ने लाइव में ‘पशुधन ऐप’ का भी जिक्र किया, जहां पशुपालक टीकाकरण रिकॉर्ड अपलोड कर सकते हैं और रीयल-टाइम डेटा प्राप्त कर सकते हैं।
इसके अलावा, सत्र में मत्स्य पालन योजनाओं का भी उल्लेख किया गया। Araria की नदियों और तालाबों में मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी और प्रशिक्षण उपलब्ध हैं। पशुपालकों को सलाह दी गई कि वे संतुलित आहार, स्वच्छ पानी और समय पर चेकअप सुनिश्चित करें। “टीकाकरण केवल एक इंजेक्शन नहीं, बल्कि आपके पशुधन की सुरक्षा कवच है,” डॉ. सिंह ने भावुक अपील की।
पशुपालकों की प्रतिक्रिया और भविष्य की योजनाएं
लाइव के बाद सोशल मीडिया पर पशुपालकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया आई। जोकीहाट के एक किसान रामेश्वर यादव ने कहा, “डॉक्टर साहब का लाइव बहुत उपयोगी रहा। अब हम समय पर टीकाकरण करवाएंगे।” इसी तरह, फारबिसगंज की महिला पशुपालक रानी देवी ने बताया कि इससे उन्हें योजनाओं की जानकारी मिली। जिला पशुपालन कार्यालय ने लाइव के बाद हेल्पलाइन नंबर जारी किया, जहां पशुपालक संपर्क कर सकते हैं।
विभाग की योजना है कि आने वाले महीनों में ऐसे लाइव सत्र नियमित होंगे, जिसमें विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाएगा। साथ ही, ग्रामीण स्तर पर शिविर लगाकर 100% कवरेज सुनिश्चित किया जाएगा। यह पहल डिजिटल इंडिया के अनुरूप है, जो ग्रामीणों को तकनीक से जोड़ रही है।
निष्कर्ष: स्वस्थ पशुधन से मजबूत ग्रामीण भारत
डॉ. राजीव कुमार सिंह का यह फेसबुक लाइव Araria के पशुपालकों के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ। खुरपका-मुंहपका जैसे रोगों से लड़ाई में टीकाकरण हथियार है, और जागरूकता इसकी ताकत। यदि पशुपालक इस सलाह पर अमल करें, तो न केवल पशु हानि रुकेगी, बल्कि दूध-मांस उत्पादन बढ़कर किसानों की आय में इजाफा होगा। सरकार की यह पहल ग्रामीण विकास की दिशा में सकारात्मक संकेत देती है। अधिक जानकारी के लिए जिला पशुपालन कार्यालय से संपर्क करें।
Sources: दैनिक भास्कर, फेसबुक DM अररिया