Adulterated milk wreaks havoc in Andhra PradeshAdulterated milk wreaks havoc in Andhra Pradesh

23 फरवरी 2026, Andhra Pradesh में मिलावटी दूध का कहर: आंध्र प्रदेश के राजामहेंद्रवरम शहर में मिलावटी दूध के सेवन से पिछले 48 घंटों में चार लोगों की मौत हो गई है, जबकि कम से कम 12 अन्य लोग विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। प्रारंभिक जांच में मौतों का कारण एक्यूट किडनी फेलियर (रिनल फेलियर) और एन्यूरिया (पेशाब न बनना या रुकना) बताया जा रहा है, जो संदिग्ध मिलावटी दूध से जुड़ा प्रतीत होता है। यह घटना शहर के चौदेश्वरी नगर, स्वरूप नगर और लाला चेरुवु इलाकों में हुई है, जहां एक अनधिकृत दूध विक्रेता द्वारा सप्लाई किया गया दूध प्रभावित परिवारों में पहुंचा।

घटना का विवरण और मौतों का क्रम

पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, घटना का मुख्य स्रोत एक स्थानीय अनधिकृत दूध विक्रेता (नाम: नागेश्वर राव) है, जिसने कोरुकोण्डा मंडल के नरसापुरम गांव से दूध सप्लाई किया। यह दूध मुख्य रूप से 106 परिवारों में बांटा गया था, ज्यादातर बुजुर्ग (65 वर्ष से अधिक उम्र) प्रभावित हुए।

  • रविवार (22 फरवरी): दो लोगों की मौत हुई – एस. शेषगिरी राव (72 वर्ष) और राधा कृष्णमूर्ति (74 वर्ष)।
  • सोमवार (23 फरवरी): दो और मौतें दर्ज की गईं। कुल चार मौतें।
  • अस्पताल में भर्ती: 12 लोग विभिन्न अस्पतालों में इलाजरत हैं, जिनमें से दो वेंटिलेटर पर हैं। तीन अन्य की हालत गंभीर बताई जा रही है।

पीड़ितों में उल्टी, पेट दर्द, किडनी संबंधी जटिलताएं और डायलिसिस की जरूरत जैसी लक्षण दिखे। जीजीएच काकिनाडा और किम्स राजामहेंद्रवरम में इलाज चल रहा है। प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट्स में केमिकल पॉइजनिंग से किडनी डिस्ट्रेस की बात सामने आई है, जो दूध में मिलावट (संभवतः यूरिया, डिटर्जेंट, फॉर्मेलिन या अन्य जहरीले पदार्थ) से जुड़ी हो सकती है।

सरकारी प्रतिक्रिया और कार्रवाई

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने घटना को “गहरा दुखद” बताते हुए विधानसभा में बयान दिया। उन्होंने घोषणा की:

  • प्रत्येक मृतक परिवार को 10 लाख रुपये की एक्स-ग्रेशिया।
  • इलाजरत मरीजों के पूरे मेडिकल खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
  • विस्तृत जांच के आदेश, कोई दोषी नहीं बचेगा।
  • दूध विक्रेता नागेश्वर राव को गिरफ्तार किया गया, उसकी अनधिकृत डेयरी यूनिट जब्त।
  • फूड सेफ्टी और हेल्थ डिपार्टमेंट को जांच तेज करने के निर्देश, लैब रिपोर्ट 72 घंटों में आने की उम्मीद।

स्वास्थ्य मंत्री ने भी जांच का आदेश दिया है।

विपक्ष का रुख: जगन मोहन रेड्डी की मांग

पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआरसीपी अध्यक्ष वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने घटना पर गहरा दुख जताया और सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यह “खाद्य सुरक्षा की विफलता” है और सरकार को तुरंत प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में मिलावटी खाद्य पदार्थों की समस्या बढ़ रही है और सरकार की निगरानी कमजोर है।

मिलावट का खतरा: भारत में आम समस्या

भारत में दूध मिलावट एक बड़ी समस्या है। FSSAI रिपोर्ट्स के अनुसार, दूध में यूरिया, डिटर्जेंट, स्टार्च, हाइड्रोजन पेरोक्साइड जैसी मिलावट आम है, जो किडनी, लीवर और अन्य अंगों को नुकसान पहुंचाती है। आंध्र प्रदेश में पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं, लेकिन यह घटना बुजुर्गों पर केंद्रित होने से ज्यादा चिंताजनक है।

विशेषज्ञों का कहना है:

  • दूध उबालकर पीना चाहिए, लेकिन जहरीली मिलावट उबालने से नहीं जाती।
  • घरेलू टेस्ट किट्स का इस्तेमाल बढ़ाना चाहिए।
  • अनधिकृत विक्रेताओं पर सख्त निगरानी जरूरी।

प्रभावित परिवारों की स्थिति

पीड़ित परिवार सदमे में हैं। कई बुजुर्ग परिवारों के इकलौते कमाने वाले थे। स्थानीय लोग स्वास्थ्य कैंप और जांच की मांग कर रहे हैं। अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य शिविर लगाए हैं और दूध सप्लाई पर नजर रखी जा रही है।

यह घटना राज्य में खाद्य सुरक्षा मानकों पर सवाल उठा रही है। उम्मीद है कि जांच से मिलावट का सटीक कारण सामने आएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। सरकार ने आश्वासन दिया है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।

Sources: द हिन्दू

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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