AAP Raghav Chadha deletes old posts against Modi-BJPAAP Raghav Chadha deletes old posts against Modi-BJP

5 अप्रैल 2026,AAP में फूट: राघव चड्ढा ने मोदी-बीजेपी के खिलाफ पुराने पोस्ट डिलीट किए: आम आदमी पार्टी (AAP) में एक बार फिर गहरी फूट दिखाई दे रही है। दिल्ली इकाई के प्रमुख और वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने शनिवार को बड़ा आरोप लगाते हुए दावा किया कि पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने अपने X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के खिलाफ सभी पुरानी आलोचनात्मक पोस्ट्स डिलीट कर दी हैं। यह खुलासा ठीक उसी समय हुआ जब गुरुवार को AAP ने चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता के पद से हटा दिया था और उनकी जगह पंजाब के सांसद डॉ. अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी थी।

पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर चड्ढा को बोलने का समय न देने का अनुरोध भी किया था। यह घटनाक्रम AAP की आंतरिक एकजुटता पर सवाल खड़ा कर रहा है, खासकर जब पार्टी दिल्ली और पंजाब में सत्ता संभाल रही है।

सौरभ भारद्वाज का सनसनीखेज आरोप

डिजिटल क्लीन-अप का दावा

सौरभ भारद्वाज ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “राघव चड्ढा ने अपने X टाइमलाइन को पूरी तरह साफ कर दिया है। मोदी या भाजपा के खिलाफ जितनी भी पुरानी आलोचनात्मक पोस्ट्स थीं, वे सब गायब। मैंने उनके पूरे अकाउंट को ‘BJP’ और ‘Modi’ शब्दों से गहराई से सर्च किया। नतीजा चौंकाने वाला है—कोई भी पुरानी आलोचना अब दिखाई नहीं देती। केवल दो पोस्ट बचे हैं, जिसमें ‘Modi’ शब्द है और दोनों प्रधानमंत्री की तारीफ करते हैं।”

भारद्वाज ने स्क्रीनशॉट भी शेयर किए, जिनमें AAP नेताओं द्वारा पहले शेयर की गई चड्ढा की पुरानी पोस्ट्स अब उनके अकाउंट पर नजर नहीं आ रही हैं। उन्होंने चड्ढा को “मोदी-भाजपा के तीखे आलोचक” बताते हुए कहा कि अब उन्होंने अपनी पुरानी छवि पूरी तरह मिटा दी है और “नई, चमकदार वाशिंग मशीन वाली तस्वीर” पेश की है।

पार्टी नेताओं की प्रतिक्रिया

इस आरोप के बाद AAP में हलचल मच गई। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि चड्ढा भाजपा से “डरते” हैं। कई नेता आरोप लगा रहे हैं कि चड्ढा अब “सॉफ्ट इश्यूज” पर फोकस कर रहे हैं और संसद में मोदी या भाजपा सरकार के खिलाफ सवाल नहीं उठाते। पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तो यहाँ तक कहा कि चड्ढा “कम्प्रोमाइज्ड” लगते हैं।

राघव चड्ढा की तरफ से जवाब

“Silenced, not defeated” – पहला वीडियो

राघव चड्ढा ने इस पूरे प्रकरण पर चुप्पी नहीं साधी। शुक्रवार को उन्होंने X पर “Silenced, not defeated” (खामोश करवाया गया हूँ, हारा नहीं हूँ) टाइटल के साथ एक वीडियो जारी किया। इसमें उन्होंने संसद में अपने भाषणों के हाइलाइट्स दिखाए—वायु प्रदूषण, हवाई किराए में वृद्धि, गिग वर्कर्स के अधिकार और मोबाइल प्लान की 28 दिन की वैधता जैसे जनहित के मुद्दे।

चड्ढा ने कहा, “मैं सदन में जनता से जुड़े मुद्दे उठाता हूँ, जिनमें अक्सर अनदेखे किए जाने वाले विषय भी शामिल हैं। क्या आम लोगों की समस्याओं के बारे में बात करना अपराध है? AAP को इससे क्या नुकसान हुआ?” उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने उन्हें बोलने से रोकने की कोशिश की है।

पंजाब मुद्दों पर दूसरा वीडियो

शनिवार को चड्ढा ने एक और वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने पंजाब के मुद्दों पर अपनी सक्रियता साबित की। कैप्शन में लिखा— “आप में मेरे उन साथियों के लिए, जिन्हें यह कहते हुए वीडियो जारी करने पर मजबूर होना पड़ा कि ‘राघव चड्ढा संसद में पंजाब के मुद्दे उठाने में नाकाम रहे’, यह एक छोटा सा ट्रेलर है… पिक्चर अभी बाकी है।”

वीडियो में चड्ढा ने पंजाब से जुड़े अपने कई भाषण दिखाए और कहा कि पंजाब उनकी “रूह” है। यह जवाब उन आरोपों के बाद आया जिनमें चड्ढा पर पंजाब के मुद्दों को नजरअंदाज करने का दावा किया गया था।

राजनीतिक अटकलें और विश्लेषण

क्या भाजपा में शामिल होंगे चड्ढा?

राजनीतिक गलियारों में अब चर्चा है कि क्या चड्ढा AAP छोड़कर भाजपा में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। कुछ नेता इसे “डिजिटल क्लीन-अप” मान रहे हैं, ताकि पुरानी आलोचनाएं भविष्य में अड़चन न बनें। चड्ढा ने इन अटकलों पर सीधा जवाब नहीं दिया, लेकिन उनके “ट्रेलर है, पिक्चर बाकी” वाले बयान से साफ है कि वह चुप नहीं रहने वाले।

चड्ढा 2022 में पंजाब से राज्यसभा सांसद बने थे और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रह चुके हैं। वे युवा चेहरा माने जाते थे, लेकिन अब पार्टी लीडरशिप के साथ उनका टकराव सार्वजनिक हो चुका है। AAP का दावा है कि चड्ढा “सॉफ्ट PR” पर फोकस कर रहे हैं, जबकि असली मुद्दों पर भाजपा के खिलाफ लड़ाई लड़नी चाहिए।

AAP के लिए चुनौती

यह फूट AAP के लिए नई चुनौती है। पार्टी पहले ही कई मोर्चों पर संघर्ष कर रही है। आंतरिक कलह ने उसकी एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह विवाद AAP की आंतरिक लोकतंत्र की परीक्षा है। अगर पार्टी में असहमति को दबाया गया तो यह भविष्य में और बड़े विद्रोह का कारण बन सकता है।

क्या AAP टूटने की कगार पर?

फिलहाल दोनों पक्ष सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप में जुटे हैं। सौरभ भारद्वाज, आतिशी समेत कई AAP नेता चड्ढा पर हमलावर हैं, जबकि चड्ढा “आम आदमी” को संबोधित कर अपनी बात रख रहे हैं। क्या यह फूट पार्टी को कमजोर करेगी या चड्ढा की नई राजनीतिक यात्रा का आगाज़ होगा? समय बताएगा।

लेकिन एक बात तय है—AAP में फूट अब छिपी नहीं रही। पार्टी के संस्थापक अरविंद केजरीवाल और अन्य नेताओं को इस संकट का जल्द समाधान निकालना होगा, वरना यह दरार और गहरी हो सकती है।

Sources: टाइम्स ऑफ़ इंडिया

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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