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15 फरवरी 2026, Purnia स्थापना दिवस पर बड़ी प्रशासनिक सौगात: पूर्णिया जिले ने अपना 256वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया और इस खास मौके पर जिले को एक बड़ी प्रशासनिक सौगात मिली। राज्य सरकार ने ग्रामीण इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए ‘एसपी ग्रामीण’ पद सृजन को मंजूरी दे दी है। अब पूर्णिया में दो पुलिस अधीक्षक होंगे—एक शहर के लिए और दूसरा विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के लिए। नए ग्रामीण एसपी के अधीन बायसी, बनमनखी और धमदाहा अनुमंडल के साथ-साथ कुल 18 थाने आएंगे। यह फैसला जिले में कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी और लक्षित बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

ग्रामीण एसपी पद सृजन की पृष्ठभूमि

पूर्णिया बिहार के बड़े और जटिल जिलों में से एक है। यहां शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अपराध के स्वरूप अलग-अलग हैं। ग्रामीण इलाकों में अक्सर भूमि विवाद, जातीय तनाव और स्थानीय मुद्दों से जुड़े मामले ज्यादा सामने आते हैं। पहले एक ही एसपी पूरे जिले की जिम्मेदारी संभालते थे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों पर पूरा ध्यान देना चुनौतीपूर्ण हो रहा था। लंबे समय से जनप्रतिनिधि, स्थानीय नेता और आम लोग ग्रामीण एसपी पद की मांग उठाते रहे थे।

सरकार का महत्वपूर्ण निर्णय

बिहार गृह विभाग ने हाल ही में 11 जिलों में ग्रामीण एसपी पद सृजन की अधिसूचना जारी की थी, जिसमें पूर्णिया भी शामिल है। स्थापना दिवस के मौके पर इसकी घोषणा ने पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ा दी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मंत्री लेसी सिंह और जिलाधिकारी ने इस उपलब्धि का विशेष उल्लेख किया। सूत्रों के अनुसार, ग्रामीण एसपी की नियुक्ति बहुत जल्द कर दी जाएगी और वे सीधे ग्रामीण थानों की निगरानी करेंगे।

किन क्षेत्रों की होगी जिम्मेदारी

ग्रामीण एसपी का कार्यक्षेत्र बायसी, बनमनखी और धमदाहा अनुमंडल को पूरी तरह कवर करेगा। इसके अलावा जिले के कुल 18 थाने उनकी कमान में होंगे। इससे शहरी एसपी को शहर और निकटवर्ती क्षेत्रों पर पूरा फोकस करने का मौका मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह विभाजन पुलिसिंग को अधिक कुशल और लक्षित बनाएगा।

256वां स्थापना दिवस का भव्य आयोजन

पूर्णिया जिला 14 फरवरी 1770 को स्थापित हुआ था। इस बार 256वां स्थापना दिवस ‘पूर्णिया महोत्सव 2026’ के रूप में मनाया गया। जिला प्रशासन ने प्रेक्षागृह में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें मंत्री लेसी सिंह मुख्य अतिथि रहीं। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, कृषि मेला, व्यंजन स्टॉल और सरकारी योजनाओं की प्रदर्शनी ने माहौल को उत्सवपूर्ण बना दिया।

‘एक दीप पूर्णिया के नाम’ अभियान

स्थापना दिवस पर ‘एक दीप पूर्णिया के नाम’ अभियान चलाया गया। हजारों लोगों ने घरों में दीप जलाकर जिले की समृद्धि और खुशहाली की कामना की। युवाओं और छात्रों ने सोशल मीडिया पर इसे व्यापक रूप से ट्रेंड बनाया। विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी दी और लाभार्थियों को मौके पर ही सहायता वितरित की।

नेताओं और जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया

सांसद संतोष कुशवाहा सहित कई नेताओं ने इस सौगात को ऐतिहासिक करार दिया। उनका कहना था कि ग्रामीण एसपी की नियुक्ति से अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी और लोगों का पुलिस पर भरोसा बढ़ेगा। कुछ नेताओं ने उप-राजधानी की पुरानी मांग भी इस मौके पर दोहराई।

इस बदलाव से मिलने वाले फायदे

पूर्णिया जैसे विशाल जिले में पुलिस संसाधन सीमित हैं। एक एसपी के पास पूरा जिला संभालना मुश्किल था। अब ग्रामीण एसपी गांवों में गश्त, अपराध रोकथाम और जनशिकायतों के त्वरित निवारण पर विशेष ध्यान दे सकेंगे। थानों की जवाबदेही बढ़ेगी और मामलों में तेज कार्रवाई होगी।

अपराध नियंत्रण पर सकारात्मक प्रभाव

पिछले कुछ वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में कई गंभीर मामले सामने आए थे। अलग एसपी की तैनाती से खुफिया तंत्र मजबूत होगा और अपराधियों पर सख्ती से नकेल कसी जा सकेगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था अन्य जिलों में सफल साबित हुई है और पूर्णिया में भी जल्द सकारात्मक परिणाम दिखेंगे।

यह स्थापना दिवस पूर्णिया के लिए सिर्फ उत्सव का नहीं, बल्कि सुरक्षा और विकास की नई शुरुआत का दिन बन गया। ग्रामीण एसपी पद की यह सौगात लंबे समय तक याद रखी जाएगी और उम्मीद है कि इससे जिला और तेजी से प्रगति की राह पर आगे बढ़ेगा।

Sources: दैनिक भास्कर

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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