5 अप्रैल 2026, Patna के दानापुर में नकली कस्टम अधिकारियों द्वारा 17 किलो सोने की लूट: पटना की राजधानी में 4 अप्रैल 2026 को दिनदहाड़े एक ऐसी लूट हुई जो बॉलीवुड फिल्म ‘स्पेशल 26’ की याद दिलाती है। दानापुर के खगौल थाना क्षेत्र में खगौल फ्लाईओवर के पास नकली कस्टम अधिकारियों ने गुजरात के एक स्वर्ण कारोबारी के स्टाफ से करीब 17 किलो सोने का आभूषण लूट लिया। लूटे गए सोने की अनुमानित कीमत 25 से 32 करोड़ रुपये के बीच बताई जा रही है। यह वारदात दोपहर करीब 1 बजे हुई, जब पीड़ित दानापुर रेलवे स्टेशन से ऑटो में बाकरगंज की ओर जा रहे थे।
पीड़ित कौन थे और सोना कहां से आ रहा था
पीड़ित राजकोट (गुजरात) के प्रसिद्ध ज्वेलरी कारोबारी सुनील भाई (के.बी.एस एंड संस) के दो स्टाफ सदस्य थे। एक का नाम महेश बताया गया है। दोनों ट्रेन से राजकोट से पटना पहुंचे थे और सोने से भरा बैग लेकर बाकरगंज स्थित अपने डिपो की ओर रवाना हो रहे थे। सोना सामान्य व्यापारिक उद्देश्य से लाया जा रहा था। दानापुर स्टेशन उतरने के बाद उन्होंने ऑटो लिया। खगौल ओवरब्रिज के पास पहुंचते ही अपराधियों ने उन्हें घेर लिया।
अपराधियों ने कैसे रची साजिश
लुटेरों ने पूरी प्लानिंग फिल्मी स्टाइल में की। सात से आठ अपराधी दो वाहनों में थे – एक बोलेरो कार और दो बाइक। सभी ने कस्टम अधिकारी जैसी वर्दी पहनी हुई थी – ऊपर सफेद शर्ट और नीचे खाकी पैंट। उन्होंने खुद को कस्टम विभाग का अधिकारी बताते हुए ऑटो रोका और कहा, “सोना चेक करना है, कस्टम ड्यूटी के लिए जांच होनी है।”
पीड़ितों को डराया-धमकाया गया। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार अपराधियों ने पीड़ितों को जबरन अपनी गाड़ी में बिठाने की कोशिश भी की। सोने से भरा बैग छीनकर वे फरार हो गए। पूरी घटना महज कुछ मिनटों में संपन्न हो गई। गवाहों ने बताया कि अपराधी बेहद आत्मविश्वास से भरे हुए थे और कोई हड़बड़ी नहीं दिखाई।
पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही खगौल पुलिस अलर्ट हो गई। दानापुर एसपी शिवम धाकड़ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत टीम गठित की। बोलेरो कार और बाइक जब्त कर ली गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। टेक्निकल सर्विलांस और लोकल इंफॉर्मेंट्स के आधार पर छानबीन चल रही है।
अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस का दावा है कि अपराधी जल्द पकड़े जाएंगे। केस में धारा 379 (चोरी), 420 (धोखाधड़ी) और 34 (साझा अपराध) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। कुछ सूत्रों के अनुसार एसआईटी गठन की भी तैयारी चल रही है।
लूट का आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
17 किलो सोना लूटे जाने से बिहार के स्वर्ण कारोबारियों में दहशत का माहौल है। पटना, मुजफ्फरपुर और भागलपुर जैसे शहरों में ज्वेलर्स अब सतर्क हो गए हैं। कई कारोबारी सोना ट्रांसपोर्ट के लिए अब प्राइवेट सिक्योरिटी या आर्म्ड गार्ड की मांग कर रहे हैं।
यह घटना बिहार में बढ़ते संगठित अपराध की ओर इशारा करती है। पहले भी पटना और दरभंगा में ज्वेलर्स पर हमले हो चुके हैं, लेकिन कस्टम अधिकारी बनकर लूट का यह नया तरीका बिल्कुल नया है। सोने की कीमत आजकल 7,500-8,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास है, ऐसे में 17 किलो का नुकसान किसी भी कारोबारी के लिए घातक साबित हो सकता है।
अपराधियों की पृष्ठभूमि पर सवाल
पुलिस की प्राथमिक जांच में पता चला है कि अपराधी पेशेवर लगते हैं। उनकी वर्दी, भाषा और व्यवहार बिल्कुल असली कस्टम अधिकारियों जैसा था। क्या वे पहले से ही कस्टम विभाग की जानकारी रखते थे? या किसी अंदरूनी सूत्र की मदद ली गई? ये सवाल अभी अनसुलझे हैं।
बिहार पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मानते हैं कि यह सिंगल घटना नहीं, बल्कि बड़े गिरोह की साजिश हो सकती है। सोने की तस्करी और फर्जी दस्तावेजों का खेल भी इसमें शामिल हो सकता है।
क्या करें स्वर्ण कारोबारी? सुरक्षा के उपाय
इस घटना के बाद स्वर्ण व्यापारियों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए:
- सोना ट्रांसपोर्ट के समय हमेशा जीपीएस ट्रैकिंग वाले वाहन का इस्तेमाल करें।
- कम से कम दो सिक्योरिटी गार्ड साथ रखें।
- रेलवे स्टेशन से सीधे होटल या डिपो न जाएं, बल्कि पहले पुलिस स्टेशन को सूचित करें।
- बड़े मात्रा में सोना भेजने से पहले लोकल पुलिस को जानकारी दें।
- डिजिटल लॉकर और इंश्योरेंस का सहारा लें।
बिहार पुलिस पर सवाल और उम्मीद
पटना पुलिस इस मामले में तेजी दिखा रही है, लेकिन बिहार में अपराध दर कम करने के लिए और कड़े कदम उठाने की जरूरत है। खगौल फ्लाईओवर जैसे संवेदनशील इलाकों में पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी को और मजबूत किया जाए।
जनता की उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर सोना बरामद करेगी। यह न सिर्फ पीड़ितों को न्याय दिलाएगा, बल्कि पूरे बिहार में कानून व्यवस्था की छवि को मजबूत करेगा।
पटना के दानापुर में हुई यह 17 किलो सोने की लूट न सिर्फ एक अपराध है, बल्कि बिहार के स्वर्ण व्यापार और सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती है। 32 करोड़ का नुकसान और फिल्मी अंदाज वाली साजिश ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है। अब देखना यह है कि पुलिस कितनी तेजी से इस केस को सुलझाती है।
Sources: दैनिक भास्कर