Trump declares 'Epic Fury' Iran war over in 2-3 weeksTrump declares 'Epic Fury' Iran war over in 2-3 weeks

2 अप्रैल 2026, ट्रंप का ‘Epic Fury’ ऐलान: कल व्हाइट हाउस के क्रॉस हॉल से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र के नाम प्राइम-टाइम संबोधन दिया। यह उनका ईरान युद्ध पर पहला विस्तृत एड्रेस था, जो ठीक 19 मिनट चला। संबोधन के दौरान ट्रंप ने ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ की प्रगति पर जोरदार अपडेट दिया और दावा किया कि युद्ध के ‘कोर स्ट्रेटेजिक ऑब्जेक्टिव्स’ पूरे होने वाले हैं। लेकिन संबोधन खत्म होते-होते ईरान ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी। इजराइल और खाड़ी देशों पर नई मिसाइल-ड्रोन हमले शुरू हो गए।

ट्रंप का संदेश: क्या कहा राष्ट्रपति ने?

ट्रंप ने अपने भाषण की शुरुआत ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ की सफलता गिनाते हुए की। उन्होंने कहा, “मात्र 32 दिनों में हमने ईरान की नौसेना को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। उनकी एयर फोर्स खंडहर बन चुकी है। जो लीडर आतंक का साम्राज्य चला रहे थे, वे अब या तो मारे जा चुके हैं या छिप गए हैं।” राष्ट्रपति ने इसे ‘स्विफ्ट, डिसाइसिव और ओवरवेल्मिंग विक्ट्री’ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि युद्ध अब 2-3 सप्ताह में समाप्त हो सकता है, लेकिन अमेरिका ‘अत्यधिक कठोर’ हमले जारी रखेगा।

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और सैनिकों से हथियार डालने की अपील करते हुए ट्रंप ने पूर्ण इम्यूनिटी का वादा किया। हॉर्मुज स्ट्रेट पर सवाल उठने पर उन्होंने कहा, “यह रूट नेचुरली ओपन अप हो जाएगा। हमें इसकी जरूरत नहीं, लेकिन दूसरे देश खुद साहस दिखाएं।”

ईरान की तुरंत जवाबी कार्रवाई: नई मिसाइल हमले

संबोधन खत्म होते ही ईरान ने अपनी ताकत दिखा दी। तेहरान ने इजराइल के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों पर 40 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें और दर्जनों ड्रोन दागे। साथ ही सऊदी अरब, UAE और बहरीन के तेल सुविधाओं पर लक्षित हमले किए गए। ईरानी मीडिया ने इसे ‘अमेरिकी आक्रमण का उचित जवाब’ बताया। इजराइली एयर डिफेंस सिस्टम आयरन डोम ने ज्यादातर मिसाइलों को रोक लिया, लेकिन कुछ हिस्सों में छोटी-छोटी क्षति हुई। खाड़ी देशों में अलर्ट जारी कर दिया गया। ईरान ने अभी भी सीजफायर से इनकार कर रखा है।

युद्ध की पृष्ठभूमि और वर्तमान स्थिति

युद्ध की पृष्ठभूमि फरवरी 2026 में शुरू हुई थी। ईरान के परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय आतंकवाद और हूती विद्रोहियों को समर्थन देने के आरोप में अमेरिका-इजराइल ने संयुक्त अभियान शुरू किया। ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ के तहत पहले हफ्ते में ही ईरान की कमांड-कंट्रोल सिस्टम चकनाचूर हो गए। ट्रंप ने भाषण में घरेलू दर्शकों को आश्वासन दिया कि अमेरिकी सैनिकों की जान का खतरा न्यूनतम है और युद्ध का असर अर्थव्यवस्था पर अल्पकालिक रहेगा।

आर्थिक प्रभाव: तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं

हालांकि, वास्तविकता अलग है। संबोधन के बाद तेल की कीमतें 105 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं। हॉर्मुज स्ट्रेट पर यातायात लगभग बंद है। एशियाई शेयर बाजार में भारी गिरावट आई। भारत, चीन, जापान और यूरोपीय देशों में ईंधन महंगा होने से आम जनता प्रभावित हो रही है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने 30 से ज्यादा देशों की आपात बैठक बुलाई है ताकि स्ट्रेट को दोबारा खोला जा सके। अमेरिका में गैस की कीमतें बढ़ने से ट्रंप प्रशासन पर घरेलू दबाव बढ़ गया है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं मिश्रित हैं। ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने ट्रंप के संबोधन को ‘विक्ट्री स्पीच’ बताया, लेकिन साथ ही चिंता जताई कि युद्ध लंबा खिंचने से वैश्विक आर्थिक संकट गहरा सकता है। चीन और रूस ने अमेरिका की कार्रवाई की निंदा की और ईरान को समर्थन देने की बात कही। पाकिस्तान ने खुद को मध्यस्थ की भूमिका में रखते हुए दोनों पक्षों से बातचीत शुरू कर दी है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आज आपात बैठक बुलाई गई है।

निष्कर्ष:

विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह संबोधन न केवल युद्ध की स्थिति बताने का माध्यम था, बल्कि ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति का भी प्रदर्शन था। उन्होंने राष्ट्रवाद, सैन्य शक्ति और आर्थिक चिंताओं का मिश्रण किया। लेकिन आलोचक पूछ रहे हैं—क्या ईरान की पूरी क्षमता खत्म हो गई है? परमाणु सुविधाएं कितनी सुरक्षित हैं? और सबसे बड़ा सवाल—युद्ध के बाद मध्य पूर्व का राजनीतिक नक्शा क्या बनेगा?

ईरान के नए हमलों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। अब युद्ध न केवल सैन्य, बल्कि कूटनीतिक और आर्थिक मोर्चे पर भी फैल चुका है। अगर ट्रंप का अनुमान सही साबित हुआ और युद्ध 2-3 हफ्तों में खत्म होता है, तो यह उनके प्रशासन की बड़ी जीत होगी। लेकिन फिलहाल हॉर्मुज स्ट्रेट बंद है, तेल महंगा है और क्षेत्र में तनाव चरम पर है।

इस संबोधन और ईरान के जवाबी हमलों ने पूरी दुनिया को एक बार फिर याद दिला दिया कि मध्य पूर्व की अस्थिरता कितनी जल्दी वैश्विक संकट में बदल सकती है।

Sources: अल-जजीरा

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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