27 मार्च 2026, Iran-इजरायल-अमेरिका युद्ध में नया ट्विस्ट: मध्य पूर्व में चल रहे भीषण संघर्ष में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को घोषणा की कि संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान के ऊर्जा संयंत्रों और बिजली सुविधाओं पर हमलों को 10 दिनों के लिए स्थगित कर रहा है। यह अवधि 6 अप्रैल 2026 को शाम 8 बजे ईस्टर्न टाइम (7 अप्रैल को ग्रीनविच मीन टाइम) तक चलेगी। ट्रंप ने इसे ईरानी सरकार की अनुरोध पर लिया बताया और दावा किया कि तेहरान के साथ बातचीत “बहुत अच्छी” चल रही है।
ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, “ईरानी सरकार के अनुरोध पर, यह बयान उस अवधि को 10 दिनों के लिए रोकने का प्रतिनिधित्व करता है जिसमें ईरान के ऊर्जा संयंत्रों को नष्ट किया जाना था… बातचीत चल रही है और फेक न्यूज मीडिया के विपरीत बयानों के बावजूद वे बहुत अच्छी चल रही हैं।” उन्होंने फॉक्स न्यूज के “द फाइव” कार्यक्रम में कहा कि ईरान ने शुरू में 7 दिनों की Pause मांगी थी, लेकिन उन्होंने 10 दिन दिए क्योंकि ईरान ने कुछ तेल टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने दिया था।
युद्ध की पृष्ठभूमि
यह संघर्ष 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हवाई हमले किए। इसका मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम, मिसाइल क्षमताओं और क्षेत्रीय प्रॉक्सी नेटवर्क (जैसे हिजबुल्लाह) को कमजोर करना था। ईरान ने जवाब में इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिसमें हैफा, डिमोना जैसे शहर प्रभावित हुए। संघर्ष अब दिन 28 पर पहुंच चुका है और इसमें लेबनान, यमन के हूती विद्रोही भी शामिल हो गए हैं।
ट्रंप ने पिछले हफ्ते शनिवार को चेतावनी दी थी कि अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह नहीं खोलता, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स को “नष्ट” कर देगा। होर्मुज स्ट्रेट विश्व के लगभग 20% तेल परिवहन का मार्ग है। ईरान ने “शत्रुतापूर्ण” जहाजों पर हमले तेज कर दिए, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई और कीमतों में उछाल आया। ट्रंप ने पहले 5 दिनों की Pause घोषित की थी, जिसे अब 10 दिनों तक बढ़ा दिया गया है।
ईरानी पक्ष की प्रतिक्रिया
ईरानी अधिकारी अमेरिकी प्रस्ताव को “एकतरफा और अनुचित” बता रहे हैं। तेहरान ने एक 15-पॉइंट शांति योजना को खारिज कर दिया, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करना, मिसाइलों पर अंकुश और होर्मुज पर नियंत्रण छोड़ना शामिल था। ईरानी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है और अमेरिका की मांगें “अस्वीकार्य” हैं। हालांकि, पाकिस्तान, तुर्किये और मिस्र जैसे देश मध्यस्थता कर रहे हैं।
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान “डील करने के लिए बेताब” है, लेकिन सार्वजनिक रूप से इसे स्वीकार नहीं कर रहा क्योंकि आंतरिक और बाहरी दबाव है। उन्होंने कहा, “वे डील इतनी बुरी तरह चाहते हैं कि डरते हैं कि अपने ही लोगों या हमसे मारे जाएंगे।” ईरान ने कुछ “नॉन-होस्टाइल” जहाजों (जैसे भारत, चीन, रूस से संबंधित) को स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दी है, लेकिन अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए प्रतिबंध जारी है।
वैश्विक प्रभाव और बाजार की प्रतिक्रिया
इस Pause की घोषणा से वैश्विक ऊर्जा बाजारों में कुछ राहत मिली। तेल की कीमतें गिर गईं, हालांकि अस्थिरता बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज पूरी तरह बंद रहा तो वैश्विक तेल आपूर्ति में 20% की कमी आ सकती है, जिससे मुद्रास्फीति बढ़ेगी और खाद्य कीमतें प्रभावित होंगी (उर्वरक उत्पादन पर असर के कारण)।
संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने चिंता जताई है। IAEA ने चेतावनी दी कि अगर ईरान के परमाणु संयंत्र क्षतिग्रस्त हुए तो “बड़ी रेडियोलॉजिकल दुर्घटना” हो सकती है। मानवाधिकार संगठनों ने ईरान द्वारा नागरिक जहाजों पर हमलों को युद्ध अपराध बताया है।
इजरायल का रुख
इजरायल ने हमले जारी रखे हैं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हिजबुल्लाह को लिटानी नदी तक पीछे धकेलना जरूरी है। इजरायली सेना ने ईरान और लेबनान में कई लक्ष्यों पर हमले किए, जिसमें IRGC के कमांडरों को निशाना बनाया गया। इजरायल अमेरिकी Pause का समर्थन कर रहा है, लेकिन सख्त शर्तों पर अड़ा हुआ है कि ईरान की परमाणु क्षमता पूरी तरह खत्म हो।
आगे?
यह 10-दिन की Pause कूटनीति के लिए एक खिड़की खोलती है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच गहरी अविश्वास बनी हुई है। ट्रंप प्रशासन पाकिस्तान में बैठक की तैयारी कर रहा है। अगर बातचीत असफल रही तो 6 अप्रैल के बाद ईरान के दक्षिण पार्स गैस फील्ड जैसे प्रमुख लक्ष्यों पर बड़े हमले हो सकते हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप युद्ध को तेजी से समाप्त करना चाहते हैं, खासकर मई में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात से पहले। हालांकि, ईरान की “प्रतिरोध की संस्कृति” और क्षेत्रीय प्रॉक्सी नेटवर्क इसे जटिल बनाते हैं।
यह घटनाक्रम दिखाता है कि युद्ध सैन्य और कूटनीतिक दोनों मोर्चों पर चल रहा है। वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता दांव पर है। स्थिति तेजी से बदल रही है, इसलिए विश्वसनीय स्रोतों से लगातार अपडेट लेते रहें।
ट्रंप का यह फैसला युद्धविराम की उम्मीद जगाता है, लेकिन ईरानी इनकार और इजरायली दबाव से शांति अभी दूर लगती है। अगर बातचीत सफल हुई तो मध्य पूर्व में नया अध्याय शुरू हो सकता है, वरना संघर्ष और बढ़ सकता है।
Sources: CNN