Iran war poses major threat to India 22 ships stranded in the Strait of HormuzIran war poses major threat to India 22 ships stranded in the Strait of Hormuz

19 मार्च 2026, Iran युद्ध से भारत के लिए बड़ा खतरा: आज ईरान-अमेरिका-इज़राइल युद्ध के 20वें दिन भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा का सबसे बड़ा संकट गहरा गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ईरान द्वारा जहाजों की आवाजाही पर लगभग पूर्ण रोक के कारण 22 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं। इनमें से कई LPG, क्रूड ऑयल और LNG लोडेड हैं, जिनकी कुल मात्रा लगभग 1.7 मिलियन टन है। इस संकट ने भारत में LPG (खासकर घरेलू सिलेंडर) की कमी को और गहरा कर दिया है। सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए कमर्शियल LPG में 10% अतिरिक्त आवंटन का वादा किया है, लेकिन कई शहरों में रेस्टोरेंट्स, होटल्स और छोटे व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं। यह स्थिति भारत की ऊर्जा निर्भरता को उजागर कर रही है, क्योंकि देश का 85-90% क्रूड ऑयल और LPG आयात मिडिल ईस्ट से होता है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य मुख्य रूट है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों की स्थिति शिपिंग मिनिस्ट्री के स्पेशल सेक्रेटरी राजेश कुमार सिन्हा के अनुसार, 22 भारतीय-फ्लैग्ड जहाज पर्सियन गल्फ के पश्चिमी हिस्से में फंसे हैं, जिनमें 611 भारतीय सीफेयरर्स सवार हैं। इनमें शामिल हैं:

  • 6 LPG कैरियर्स (लगभग 3.2 लाख टन LPG)
  • 4 क्रूड ऑयल टैंकर
  • 1 LNG वेसल
  • बाकी अन्य कार्गो

युद्ध की शुरुआत (फरवरी अंत में अमेरिका-इज़राइल हमलों) के बाद कुल 28 जहाज क्षेत्र में थे, लेकिन कुछ सुरक्षित निकल चुके हैं। ईरान ने कुछ भारतीय जहाजों (जैसे Shivalik और Nanda Devi) को सुरक्षित पार करने की अनुमति दी, लेकिन बाकी 22 पर अभी भी अनिश्चितता है। ईरान ने भारतीय दूतावास के माध्यम से संकेत दिया कि वह भारतीय जहाजों को प्राथमिकता दे सकता है, लेकिन अमेरिकी या इज़राइली लिंक्ड जहाजों पर सख्ती बरती जा रही है।

भारतीय नौसेना ने गल्फ ऑफ ओमान में 7 युद्धपोत तैनात किए हैं, जिसमें डिस्ट्रॉयर्स और लॉजिस्टिक्स शिप्स शामिल हैं। ऑपरेशन संकल्प के तहत ये जहाज भारतीय मर्चेंट वेसल्स को एस्कॉर्ट कर रहे हैं। नौसेना ने पहले भी LPG टैंकरों को सुरक्षित निकाला है। MEA और शिपिंग मिनिस्ट्री ईरान, UAE और अन्य खाड़ी देशों से डिप्लोमेटिक बातचीत कर रही है ताकि बाकी जहाज निकल सकें। EAM S Jaishankar ने UAE के विदेश मंत्री से बात कर स्थिति की समीक्षा की और भारतीय प्रवासियों व जहाजों की सुरक्षा पर जोर दिया।

LPG संकट की गहराई भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG उपभोक्ता है, जहां 330 मिलियन से अधिक घरेलू कनेक्शन हैं। देश का 60% LPG आयात होता है, जिसमें 90% मिडिल ईस्ट से आता है और अधिकांश होर्मुज से गुजरता है। युद्ध के कारण जहाजों की आवाजाही रुकने से मार्च के पहले हफ्ते में LPG बिक्री 17-26% घटी।

सरकार ने घरेलू उपयोग को प्राथमिकता दी है:

  • रिफाइनरियों को घरेलू LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया गया, जिससे घरेलू उत्पादन 25% तक बढ़ा।
  • कमर्शियल LPG (रेस्टोरेंट्स, होटल्स, इंडस्ट्री) में 10% अतिरिक्त आवंटन का वादा किया गया, लेकिन कई राज्यों में कमी बनी हुई है।
  • इंडस्ट्रीज को PNG या अन्य विकल्पों की ओर धकेला जा रहा है।

परिणामस्वरूप:

  • दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोटा, हैदराबाद जैसे शहरों में कमर्शियल सिलेंडर की कमी से रेस्टोरेंट्स मेन्यू कम कर रहे हैं, कुछ बंद हो रहे हैं।
  • कुछ इलाकों में लोग लकड़ी या इंडक्शन पर शिफ्ट हो रहे हैं, जिससे इंडक्शन कुकर आउट ऑफ स्टॉक हो गए।
  • पैनिक बुकिंग से स्टॉक और कम हो रहा है, हालांकि सरकार का दावा है कि घरेलू स्तर पर कोई कमी नहीं है।

पेट्रोलियम मिनिस्ट्री ने ब्लैक-मार्केटिंग रोकने के लिए छापेमारी बढ़ाई है। कुछ राज्यों में कमर्शियल डिस्ट्रीब्यूशन शुरू हो चुकी है, लेकिन दबाव बना हुआ है।

वैश्विक और आर्थिक प्रभाव होर्मुज बंद होने से क्रूड ऑयल $100+ पर पहुंच गया है, जिससे भारत में पेट्रोल-डीजल कीमतें बढ़ने का खतरा है। भारत रोजाना 2.5-2.8 मिलियन बैरल क्रूड आयात करता है, जिसमें बड़ा हिस्सा होर्मुज से आता है। अगर संकट लंबा खिंचा तो महंगाई बढ़ेगी, ट्रांसपोर्ट और इंडस्ट्री प्रभावित होगी।

सरकार वैकल्पिक स्रोत तलाश रही है:

  • रूस से अधिक LPG और क्रूड खरीद (US वेवर के बाद)
  • वेनेजुएला और अन्य देशों से सप्लाई बढ़ाना
  • घरेलू उत्पादन और रिन्यूएबल एनर्जी पर फोकस

ट्रंप ने NATO से होर्मुज सुरक्षित करने की अपील की, लेकिन यूरोपीय देश हिचकिचा रहे हैं। भारत ने न्यूट्रल पोजीशन बनाए रखते हुए सभी पक्षों से बात की है।

यह संकट भारत की ऊर्जा सुरक्षा की कमजोरी को उजागर कर रहा है। 22 जहाजों की सुरक्षित निकासी और LPG सप्लाई चेन स्थिर होना तत्काल जरूरत है। अगर होर्मुज लंबे समय तक प्रभावित रहा तो घरेलू रसोई से लेकर इंडस्ट्री तक प्रभाव पड़ेगा। सरकार डिप्लोमेसी, नौसेना तैनाती और वैकल्पिक सप्लाई पर फोकस कर रही है, लेकिन स्थिति अनिश्चित है। नागरिकों को पैनिक न करने और जरूरत के अनुसार उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। अपडेट्स के लिए MEA, शिपिंग मिनिस्ट्री और भरोसेमंद मीडिया स्रोत देखें।

Sources: टाइम्स ऑफ़ इंडिया

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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