17 मार्च 2026, अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हमले में काबुल अस्पताल पर 400 से ज्यादा मौतें: कल रात लगभग 9 बजे काबुल के ओमिद एडिक्शन ट्रीटमेंट हॉस्पिटल (Secondary Rehabilitation Services Centre) पर पाकिस्तानी एयर स्ट्राइक हुई। तालिबान सरकार के प्रवक्ता ने दावा किया कि इस हमले में 408 लोग मारे गए और 265 से ज्यादा घायल हुए। अस्पताल एक 2000 बेड का ड्रग रिहैबिलिटेशन सेंटर था, जहां नशे की लत से पीड़ित मरीज इलाज करा रहे थे।
तालिबान ने इसे “मानवता के खिलाफ अपराध” करार दिया। बचाव दल मलबे से शव निकाल रहे हैं। कई शव जलकर कंकाल बन गए। स्थानीय लोगों ने इसे “डूम्सडे” (प्रलय) जैसा बताया। अस्पताल में महिलाएं, बच्चे और आम नागरिक भी थे।
तालिबान का आरोप और पाकिस्तान का इनकार
तालिबान सरकार ने पाकिस्तान की सेना पर सीधा आरोप लगाया कि उसने जानबूझकर सिविलियन अस्पताल को निशाना बनाया। अफगान स्वास्थ्य मंत्रालय और डिप्टी गवर्नमेंट स्पोक्सपर्सन ने कहा कि यह “बार-बार होने वाले पाकिस्तानी हमलों” की कड़ी है। तालिबान ने बदला लेने की चेतावनी दी और कहा कि पाकिस्तान को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
दूसरी ओर, पाकिस्तान सरकार ने आरोप को पूरी तरह खारिज कर दिया। इस्लामाबाद ने कहा कि उसके बलों ने केवल सैन्य ठिकानों और आतंकवादी समर्थन बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने इसे “झूठा और भ्रामक” बताया। पाकिस्तान का दावा है कि काबुल और नंगरहार में किए गए सटीक हमले TTP (तेहरेक-ए-तालिबान पाकिस्तान) के ठिकानों पर थे, न कि किसी अस्पताल पर।
पृष्ठभूमि: अफगानिस्तान-पाकिस्तान संघर्ष क्यों बढ़ा?
यह हमला फरवरी के अंत से चल रहे सीमा संघर्ष का हिस्सा है। पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान में TTP के नेता और लड़ाके छिपे हुए हैं और वे पाकिस्तान में हमले करते हैं। तालिबान सरकार इन आरोपों से इनकार करती रही है।
पिछले कुछ हफ्तों में दोनों तरफ क्रॉस-बॉर्डर हमले बढ़े। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के अंदर कई एयर स्ट्राइक्स किए, जबकि तालिबान ने जवाबी कार्रवाई की। इस हमले ने संघर्ष को नया मोड़ दे दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों देशों के बीच विश्वास की पूरी कमी है और सीमा पर तनाव नियंत्रण से बाहर होता जा रहा है।
बचाव कार्य और मानवीय संकट
हमले के बाद काबुल में बचाव अभियान चल रहा है। तालिबान सुरक्षा बल और स्थानीय लोग मलबे में फंसे लोगों को निकाल रहे हैं। कई घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र (UNAMA) ने स्वतंत्र जांच की मांग की और नागरिकों की मौत पर दुख व्यक्त किया।
अस्पताल में नशे की लत से जूझ रहे हजारों मरीज थे। इस हमले से अफगानिस्तान में ड्रग रिहैबिलिटेशन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होंगी। काबुल के नागरिकों में गुस्सा है और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
अभी तक कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय संगठन या देश इस हमले की निंदा नहीं कर सका है क्योंकि दुनिया का ध्यान मुख्य रूप से ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध पर है। चीन और रूस ने सतर्क बयान दिए हैं। अमेरिका और भारत ने स्थिति पर नजर रखने की बात कही है।
विश्लेषकों का मानना है कि अगर तालिबान ने बदला लिया तो पूर्ण युद्ध छिड़ सकता है। दोनों देश परमाणु क्षमता रखने वाले पाकिस्तान और अस्थिर अफगानिस्तान के बीच संघर्ष वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।
शांति की उम्मीद कम
काबुल अस्पताल पर हुए हमले ने अफगानिस्तान-पाकिस्तान संबंधों को और बिगाड़ दिया है। मौतों की संख्या 400 से ज्यादा बताई जा रही है, जो हाल के वर्षों में सबसे घातक हमलों में से एक है। पाकिस्तान का इनकार और तालिबान का गुस्सा दोनों तरफ से एस्केलेशन का खतरा बढ़ा रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए, वरना यह संघर्ष पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर सकता है। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और आने वाले घंटों में और अपडेट्स आ सकते हैं।
Sources: न्यूयॉर्क टाइम्स