Trump tries to build international coalition for Strait of HormuzTrump tries to build international coalition for Strait of Hormuz

17 मार्च 2026, Trump ने हॉर्मुज स्ट्रेट के लिए अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाने की कोशिश की, लेकिन सहयोगी पीछे हटे: हॉर्मुज स्ट्रेट दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण जलडमरूमध्य है। यहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20-21 प्रतिशत गुजरता है। अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान युद्ध शुरू होने के बाद ईरान ने इस रास्ते को व्यावहारिक रूप से बंद कर दिया है। ईरानी बलों ने तेल टैंकरों और व्यापारिक जहाजों पर ड्रोन, मिसाइल और हमले किए हैं। परिणामस्वरूप तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, वैश्विक शिपिंग प्रभावित हुई है और कई देशों में ऊर्जा संकट गहरा रहा है।

ईरान ने स्पष्ट कहा है कि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए स्ट्रेट बंद है, जबकि कुछ तटस्थ देशों के जहाज अभी भी गुजर रहे हैं। युद्ध के तीसरे सप्ताह में पहुंचते ही यह संकट वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है।

ट्रंप की अपील: अंतरराष्ट्रीय गठबंधन की मांग

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समस्या का समाधान निकालने के लिए सक्रिय रूप से अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाने की कोशिश शुरू की। उन्होंने लगभग सात देशों से युद्धपोत भेजने की मांग की। ट्रंप का तर्क था कि जो देश खाड़ी तेल पर निर्भर हैं, उन्हें खुद इस मार्ग को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी उठानी चाहिए।

ट्रंप ने बार-बार कहा कि कई देश मदद भेजने के लिए तैयार हैं और सहायता “रास्ते में” है। उन्होंने नाटो सहयोगियों, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और फ्रांस से अपील की। एयर फोर्स वन और विभिन्न साक्षात्कारों में ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर सहयोगी नहीं जुड़ते तो नाटो का भविष्य “बहुत बुरा” हो सकता है।

व्हाइट हाउस का प्लान था कि अमेरिका के नेतृत्व में एक कोयलिशन जहाजों को एस्कॉर्ट करेगा, माइन्स साफ करेगा और ईरानी हमलों से सुरक्षा देगा। ट्रंप ने दावा किया कि ब्रिटेन ने कुछ प्लान भी सर्कुलेट किए हैं। उन्होंने कहा, “हम किसी की जरूरत नहीं रखते, लेकिन वे हमें धन्यवाद दें।”

सहयोगी देशों का इनकार: “यह हमारा युद्ध नहीं”

ट्रंप की अपील को ज्यादातर सहयोगी देशों ने ठुकरा दिया या सावधानी बरती। जर्मनी ने स्पष्ट इनकार कर दिया और कहा कि यह “नाटो का युद्ध नहीं” है। ऑस्ट्रेलिया, जापान और जर्मनी ने कहा कि वे युद्धपोत भेजने की कोई योजना नहीं रखते। फ्रांस, ब्रिटेन और अन्य यूरोपीय देशों ने स्पष्टता मांगी कि युद्ध के लक्ष्य क्या हैं और वे क्यों फंसें।

यूरोपीय संघ के नेता कह रहे हैं कि वे युद्ध को बढ़ावा नहीं देना चाहते। कई देश रेड सी मिशन का हवाला दे रहे हैं लेकिन पर्सियन गल्फ में विस्तार करने से इनकार कर रहे हैं। चीन ने कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी। दक्षिण कोरिया और इटली भी सतर्क रहे।

ट्रंप ने सहयोगियों पर आभार की कमी का आरोप लगाया और कहा कि वे दशकों से अमेरिकी सुरक्षा का फायदा उठाते रहे लेकिन अब पीछे हट रहे हैं। यूरोपीय राजनयिकों ने निजी तौर पर इसे “hell no” करार दिया।

आर्थिक प्रभाव: तेल संकट और वैश्विक मंदी का खतरा

हॉर्मुज स्ट्रेट बंद होने से तेल की कीमतें 40 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। शिपिंग कंपनियां बीमा प्रीमियम बढ़ा रही हैं और कई टैंकर रूट बदल चुके हैं। क्यूबा जैसे देशों में द्वीपव्यापी बिजली ब्लैकआउट हो गए हैं। भारत, चीन, जापान और यूरोप जैसे बड़े तेल आयातक सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।

ईरान ने 17 से ज्यादा जहाजों पर हमले किए हैं। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि अगर स्थिति लंबी खिंची तो वैश्विक मंदी आ सकती है।

विशेषज्ञों की राय: गठबंधन क्यों मुश्किल?

विश्लेषकों का मानना है कि बिना ईरान के किसी आश्वासन के कोई कोयलिशन सफल नहीं होगा। कोपेनहेगन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जैसे विशेषज्ञ कहते हैं कि यह “व्यर्थ” है। कई देश इस युद्ध की शुरुआत को लेकर असहज हैं और ट्रंप प्रशासन के लक्ष्यों पर संदेह जता रहे हैं।

ट्रंप की यह कोशिश पुरानी “कोयलिशन ऑफ द विलिंग” शैली का नया रूप है, लेकिन इस बार सफलता नहीं मिल रही। अमेरिका अकेले कार्रवाई कर सकता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समर्थन के बिना यह महंगा और जोखिम भरा साबित होगा।

अमेरिकी विदेश नीति पर उठ रहे सवाल

ट्रंप की हॉर्मुज गठबंधन बनाने की कोशिश वैश्विक सहयोग की सीमाओं को उजागर कर रही है। जबकि अमेरिका और इजरायल युद्ध में आगे बढ़े हुए हैं, सहयोगी देश सावधानी बरत रहे हैं। इससे न सिर्फ तेल संकट गहरा रहा है, बल्कि अमेरिकी नेतृत्व और नाटो की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठ रहे हैं।

स्थिति तेजी से बदल रही है। ईरान हमले जारी रखे हुए है और इजरायल सीनियर ईरानी नेताओं पर स्ट्राइक कर रहा है। आने वाले दिनों में कोई नया विकास हो सकता है, लेकिन फिलहाल गठबंधन “शून्य देशों” का लग रहा है।

Sources: apन्यूज़

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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