13 मार्च 2026, Sensex 1,470 अंक टूटकर 74,564 पर बंद, NIFTY 23,151 पर: आज भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखी गई, जहां BSE सेंसेक्स 1,470.50 अंक (1.93%) गिरकर 74,563.92 पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 50 488.05 अंक (2.06%) टूटकर 23,151.10 पर सेटल हुआ। यह लगातार तीसरा दिन है जब बाजार में तेज गिरावट आई है, और Friday the 13th जैसी माने जाने वाली तारीख पर यह मासिव सेल-ऑफ हुआ। इंट्राडे में सेंसेक्स 1,579 अंक तक गिरा (74,454.60 तक), जबकि निफ्टी 527 अंक तक नीचे गया (23,112 तक)। निवेशकों का ₹9.5-10 लाख करोड़ से अधिक का मार्केट कैपिटलाइजेशन एक दिन में गंवा दिया गया। हफ्ते में सेंसेक्स 5.51% और निफ्टी 5.31% नीचे रहा, जो 4 सालों में सबसे बड़ा साप्ताहिक गिरावट है।
गिरावट के मुख्य कारण
यह गिरावट मुख्य रूप से US-इज़राइल बनाम ईरान युद्ध (Operation Epic Fury, अब 14वें दिन) से जुड़ी है। ईरान ने Strait of Hormuz को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है, जिससे ग्लोबल ऑयल सप्लाई डिसरप्ट हुई। Brent क्रूड $100+ प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो भारत जैसे बड़े आयातक के लिए बड़ा झटका है।
- तेल कीमतों में उछाल: Brent क्रूड में 20-30% की बढ़ोतरी से इन्फ्लेशन और ग्रोथ पर खतरा। भारत 85% से अधिक तेल आयात करता है, जिससे OMC (ऑयल मार्केटिंग कंपनियां) अंडर-रिकवरी में हैं। LPG और फ्यूल कीमतें बढ़ने से अर्थव्यवस्था पर दबाव।
- ग्लोबल अनिश्चितता: वॉल स्ट्रीट और एशियन मार्केट्स में भी गिरावट। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने बदला लेने की कसम खाई, जिससे रिस्की एसेट्स से बिकवाली बढ़ी।
- FII बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) ने भारी निकासी की (₹7,000 करोड़+), रुपये पर दबाव। रुपये ने ऑल-टाइम लो छुआ।
- सेक्टोरल असर: ऑटो, मेटल, बैंकिंग और PSU बैंक सबसे ज्यादा प्रभावित। निफ्टी टॉप लूजर्स: L&T (-7.55%), Hindalco (-6.16%), Tata Steel (-5.15%), JSW Steel (-4.55%), UltraTech Cement (-4.27%), SBI (-4%)। कंज्यूमर स्टॉक्स में कुछ राहत: Tata Consumer (+2.44%), HUL (+1.09%)।
बाजार का प्रदर्शन ब्रेकडाउन
- सेंसेक्स: ओपन ~76,000 के आसपास, क्लोज 74,563.92 (-1,470.50 pts, -1.93%)।
- निफ्टी: ओपन ~23,462, क्लोज 23,151.10 (-488.05 pts, -2.06%)।
- मार्केट कैप: BSE पर ₹9.7-10 लाख करोड़ का नुकसान।
- वॉलेटिलिटी: India VIX 5%+ बढ़ा, 21-महीने के उच्च स्तर पर।
- सेक्टर्स: ऑटो (-3-5%), मेटल (-4-6%), बैंकिंग (-3-4%) सबसे ज्यादा गिरे। FMCG और कुछ डिफेंस स्टॉक्स रिलेटिवली बेहतर।
विशेषज्ञों का विश्लेषण
विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध जारी रहने पर बाजार में और गिरावट आ सकती है। ICICI Securities के Pankaj Pandey ने कहा कि “भू-राजनीति और ऑयल शॉक से वोलेटिलिटी बनी रहेगी”। Geojit के VK Vijayakumar ने कहा कि “एक्सटर्नल हेडविंड्स से बाजार वीक जोन में है”। Goldman Sachs और अन्य रिपोर्ट्स में भारत को सबसे ज्यादा प्रभावित एशियाई बाजार बताया गया, क्योंकि एनर्जी डिपेंडेंसी हाई है।
ट्रंप प्रशासन ने कहा कि युद्ध जल्द खत्म हो सकता है, लेकिन फिलहाल एग्जिट प्लान स्पष्ट नहीं। रूसी ऑयल पर सैंक्शंस अस्थायी हटाए गए हैं, लेकिन सप्लाई डिसरप्शन जारी।
निवेशकों के लिए सलाह
यह दौर चुनौतीपूर्ण है, लेकिन इतिहास दिखाता है कि ऐसे क्राइसिस में बाजार रिकवर करता है। विशेषज्ञ “sell on rise” स्ट्रैटेजी और कैश होल्ड करने की सलाह दे रहे हैं। लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए क्वालिटी स्टॉक्स में डिप बायिंग का मौका। लेकिन शॉर्ट-टर्म में वोलेटिलिटी हाई रहेगी। LPG संकट से लोकल अर्थव्यवस्था प्रभावित है, जो बाजार की गिरावट को और बढ़ावा दे रहा है। बाजार अगले हफ्ते युद्ध के अपडेट्स पर निर्भर रहेगा।
Sources: NSE वेबसाइट, BSE वेबसाइट