13 मार्च 2026, अररिया में 250 से अधिक रसोई गैस सिलेंडर जब्त: US-इज़राइल बनाम ईरान युद्ध से प्रभावित होर्मुज स्ट्रेट डिसरप्शन के कारण भारत में LPG सप्लाई पर असर पड़ने के बीच अररिया जिले में घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध भंडारण के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। फारबिसगंज अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) अभय कुमार तिवारी के नेतृत्व में की गई छापेमारी में एक आवासीय परिसर और एक दुकान/गोदाम से 150 से 250+ घरेलू एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं। विभिन्न रिपोर्ट्स में संख्या 250 से 300+ बताई जा रही है, जिसमें भारत गैस, एचपी गैस और इंडेन गैस के सिलेंडर शामिल हैं। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर गुरुवार शाम (12 मार्च) को हुई, जब घनी आबादी वाले इलाके में मौत का खेल चल रहा था।
छापेमारी का विवरण
गुप्त सूचना मिलने पर फारबिसगंज एसडीओ अभय कुमार तिवारी ने अवर निर्वाचन पदाधिकारी अविनाश कृष्ण, फारबिसगंज थाना पुलिस और अन्य टीम के साथ पोखर बस्ती वार्ड संख्या 15, अंसारी चौक के पास एक घर (मो. इमरान पिता मो. साबिर के परिसर) और संलग्न दुकान/गोदाम पर छापा मारा। जांच में पाया गया कि सिलेंडर अवैध रूप से जमा किए गए थे, ताकि कालाबाजारी से मुनाफा कमाया जाए।
- बरामद सिलेंडर: लगभग 150-250+
- कंपनियां: भारत गैस, एचपी गैस, इंडेन गैस।
- स्थिति: सभी सिलेंडर भरे हुए थे और कालाबाजारी के उद्देश्य से रखे गए थे।
- कार्रवाई: मौके पर ही सिलेंडर जब्त कर फारबिसगंज थाना भेज दिए गए। परिसर सील किया गया, जांच जारी।
SDM अभय कुमार ने कहा कि बरामद सिलेंडरों को जब्त कर थाना भेज दिया गया है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। कारोबार में शामिल लोगों की पहचान हो रही है, ताकि कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सके।
संदर्भ: LPG संकट और कालाबाजारी
ईरान युद्ध के 14वें दिन होर्मुज स्ट्रेट प्रभावी रूप से बंद होने से भारत में 85-90% LPG आयात प्रभावित है। घरेलू सिलेंडर की कृत्रिम कमी पैदा हो गई है, जिससे पैनिक बुकिंग और कालाबाजारी बढ़ी। बिहार में कई जिलों (अररिया, पूर्णिया, किशनगंज, पटना) में रिफिल में 15-45 दिनों की देरी की शिकायतें हैं। ब्लैक मार्केट में घरेलू सिलेंडर ₹1,200-1,800 तक बिक रहे हैं (आधिकारिक मूल्य ₹1013)।
केंद्र सरकार ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि LPG सप्लाई की दैनिक मॉनिटरिंग करें और जमाखोरी/कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करें। बिहार पुलिस मुख्यालय ने DM-SP को अलर्ट जारी किया, Essential Commodities Act 1955 के तहत 3 महीने से 7 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। डिप्टी CM सम्राट चौधरी ने “कठोर और त्वरित कार्रवाई” की चेतावनी दी। अररिया में यह कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है।
प्रभाव और विश्लेषण
यह छापेमारी सीमांचल क्षेत्र (अररिया, किशनगंज, पूर्णिया) में आम लोगों की रसोई पर पड़ रहे संकट को उजागर करती है। घनी आबादी वाले इलाके में अवैध भंडारण से आग लगने का खतरा था, जो जानलेवा साबित हो सकता था। स्थानीय लोग कार्रवाई देखने पहुंचे, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि केंद्र सरकार ने उत्पादन बढ़ाया है और रूसी सप्लाई से राहत दी है, लेकिन पैनिक बुकिंग से समस्या बढ़ रही है। अररिया जैसे सीमावर्ती जिलों में पश्चिम बंगाल से तस्करी भी जारी है। प्रशासन की यह सफलता अन्य जिलों के लिए उदाहरण बनेगी।
लोगों से अपील: पैनिक न करें, केवल जरूरत अनुसार बुकिंग करें। शिकायत के लिए जिला प्रशासन या पुलिस हेल्पलाइन पर संपर्क करें। स्थिति पर नजर रखी जा रही है, और ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
Sources: दैनिक जागरण