13 मार्च 2026, बिहार पुलिस मुख्यालय से DM-SP को अलर्ट: मध्य पूर्व में US-इज़राइल बनाम ईरान युद्ध के 14वें दिन और होर्मुज़ स्ट्रेट में डिसरप्शन से भारत में LPG और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका के बीच बिहार पुलिस मुख्यालय ने राज्यव्यापी अलर्ट जारी किया है। विशेष शाखा के DIG ने 10-11 मार्च 2026 को सभी जिलों के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) को पत्र भेजकर LPG गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल की जमाखोरी, कालाबाजारी और पैनिक बुकिंग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। यह अलर्ट अफवाहों से उपजे पैनिक को रोकने और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जारी किया गया है, जबकि सरकार का दावा है कि कोई बड़ी कमी नहीं है।
अलर्ट पत्र का विवरण
बिहार पुलिस की विशेष शाखा (Special Branch) के DIG ने पत्र में स्पष्ट किया कि मिडिल ईस्ट युद्ध से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर LPG और पेट्रोलियम सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इससे राज्य में पैनिक बुकिंग, भीड़ और जमाखोरी की स्थिति बन सकती है, जो कानून-व्यवस्था के लिए खतरा है। मुख्य निर्देश इस प्रकार हैं:
- पेट्रोल पंपों, LPG एजेंसियों और स्टोरेज पॉइंट्स पर विशेष निगरानी और पैट्रोलिंग बढ़ाई जाए।
- जमाखोरी, ब्लैक मार्केटिंग या ऊंची कीमत पर बिक्री की शिकायत मिलते ही तुरंत FIR दर्ज की जाए और दोषियों को गिरफ्तार किया जाए।
- अफवाह फैलाने वालों पर भी सख्त कार्रवाई हो।
- पंपों और एजेंसियों के आसपास भीड़ से बचाव के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए।
- आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act, 1955) के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिसमें 3 महीने से 7 साल तक की जेल और जुर्माना का प्रावधान है।
पत्र में चेतावनी दी गई है कि सप्लाई में किसी भी व्यवधान से पैनिक बाइंग बढ़ सकती है, जिससे सामान्य उपभोक्ताओं को परेशानी हो। इसलिए DM-SP को तत्काल एक्शन लेने का आदेश दिया गया है।
बिहार में वर्तमान स्थिति
युद्ध से प्रभावित होने के कारण कई जिलों (पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, सीवान, अररिया आदि) में LPG रिफिल में 15-45 दिनों की देरी की शिकायतें हैं। लोग लंबी कतारों में लग रहे हैं, होम डिलीवरी बंद हो गई है और ब्लैक में सिलेंडर 1,200-1,500 रुपये तक बिक रहे हैं। पैनिक बुकिंग से IVRS और ऐप पर बुकिंग में दिक्कतें आ रही हैं।
- पटना में DM त्यागराजन एसएम ने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कोई कमी नहीं है, लेकिन कालाबाजारी पर जीरो टॉलरेंस। एक दिन में 4 FIR दर्ज की गईं, एक डिलीवरी ब्वॉय के खिलाफ मुकदमा चला और एजेंसी सील की गई। 111 सिलेंडर जब्त किए गए।
- मुजफ्फरपुर में लोग सिलेंडर लेकर DM आवास पहुंचे, जहां झड़प हुई।
- लकीसराय जैसे छोटे जिलों में भी कमी महसूस हो रही है, जहां लोग एजेंसियों पर निर्भर हैं और अफवाहों से पैनिक बढ़ रहा है।
- डिप्टी CM सम्राट चौधरी ने “कठोर और त्वरित कार्रवाई” की चेतावनी दी और ESMA लागू करने की बात कही।
सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं (पटना में विशेष हेल्पलाइन) और 28 टीमों का गठन किया है जो ब्लॉक स्तर पर छापेमारी कर रही हैं।
प्रभाव और विश्लेषण
यह अलर्ट पैनिक को कंट्रोल करने का प्रयास है, क्योंकि केंद्र सरकार (पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी) का दावा है कि स्टॉक पर्याप्त है और उत्पादन बढ़ाया गया है। लेकिन ग्राउंड पर स्थिति अलग है – कमर्शियल सिलेंडर (रेस्टोरेंट्स, होटल्स) में ज्यादा किल्लत, जिससे कई जगह मेन्यू चेंज हो रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज़ स्ट्रेट डिसरप्शन से 85-90% आयात प्रभावित है, लेकिन भारत ने वैकल्टिव रूट्स (रूस आदि) से सप्लाई बढ़ाई है। फिर भी, पैनिक बुकिंग से समस्या बढ़ रही है। बिहार में यह संकट आम लोगों की रसोई पर सीधा असर डाल रहा है, खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां विकल्प कम हैं।
पुलिस का यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को राहत देने का प्रयास है। DM-SP को दिए गए निर्देशों से उम्मीद है कि जल्द छापेमारी बढ़ेंगी और कालाबाजारी रुकेगी। लोगों से अपील है कि पैनिक न करें, केवल जरूरत अनुसार बुकिंग करें।
अगर कोई शिकायत है तो स्थानीय पुलिस या DM ऑफिस में रिपोर्ट करें। स्थिति पर नजर रखी जा रही है और अपडेट्स जारी रहेंगे।
Sources: दैनिक जागरण