12 मार्च 2026, भारतीय Stock Market में लगातार दूसरे दिन भारी गिरावट: भारतीय शेयर बाजार आज (12 मार्च 2026) लगातार दूसरे दिन भारी बिकवाली के दबाव में रहा। BSE सेंसेक्स 829.29 अंक (1.08%) गिरकर 76,034.42 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 227.70 अंक (0.95%) लुढ़ककर 23,639.15 पर सेटल हुआ। दिन के दौरान सेंसेक्स 900+ अंक तक गिर चुका था, और निफ्टी 23,598 के स्तर तक छू गया था—यह अप्रैल 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर था। बाजार में कुल मिलाकर ₹4-5 लाख करोड़ की निवेशक संपत्ति गंवा दी गई। यह गिरावट मुख्य रूप से मिडिल ईस्ट युद्ध (US-इजराइल vs ईरान) के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल, निरंतर FII बिकवाली और घरेलू सेक्टरों (ऑटो, बैंकिंग, FMCG) में कमजोरी से हुई।
बाजार का प्रदर्शन और सेक्टोरल ब्रेकडाउन
सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने दिन की शुरुआत ही गैप-डाउन से की थी। GIFT Nifty ने 195 अंकों की गिरावट दिखाई थी, जो नेगेटिव ओपनिंग का संकेत था। सेंसेक्स इंट्राडे लो 75,870 के आसपास रहा, जबकि निफ्टी 23,598 तक फिसला। क्लोजिंग पर सेंसेक्स पिछले दो दिनों में 2,171 अंकों (करीब 2.8%) और निफ्टी 622 अंकों (2.6%) नीचे है।
सेक्टोरल इंडेक्स में:
- निफ्टी ऑटो: सबसे ज्यादा प्रभावित, 2-3% तक गिरा। महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), मारुति सुजुकी, ईचर मोटर्स जैसे स्टॉक्स 3-4% टूटे।
- निफ्टी बैंक: 1.5-2% गिरावट, HDFC बैंक, ICICI बैंक, एक्सिस बैंक में बिकवाली।
- निफ्टी FMCG: उपभोक्ता सामान सेक्टर भी दबाव में, क्योंकि तेल महंगा होने से इनपुट कॉस्ट बढ़ने का डर।
- कुछ सेक्टर मजबूत: ऑयल एंड गैस, मेटल, केमिकल्स में मामूली तेजी, क्योंकि क्रूड हाई होने से रिफाइनर्स को फायदा। JSW Energy जैसे स्टॉक्स 6% तक चढ़े।
मुख्य कारण: मिडिल ईस्ट युद्ध और तेल कीमतें
युद्ध अब 13वें दिन में है, और होर्मुज स्ट्रेट में ईरान के जहाजों पर हमलों से सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित। ब्रेंट क्रूड आज फिर $100 प्रति बैरल के पार पहुंच गया—कुछ समय के लिए $100.53 तक टच किया, और क्लोजिंग पर $100+ पर ट्रेड कर रहा था। पिछले कुछ दिनों में क्रूड 40-50% उछला है, जो वैश्विक मुद्रास्फीति और भारत जैसे आयात-निर्भर देशों के लिए बड़ा झटका है।
भारत अपनी 80%+ तेल जरूरत आयात करता है, इसलिए उच्च क्रूड से:
- पेट्रोल-डीजल, LPG कीमतें बढ़ने की आशंका।
- एयरलाइंस ने फ्यूल सरचार्ज लगाया।
- ट्रांसपोर्ट और मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट बढ़ी, जिससे मार्जिन दबाव में।
- रुपये पर दबाव: आज रुपया 92.19 के रिकॉर्ड लो पर पहुंचा, RBI ने इंटरवेंशन किया।
ट्रंप ने कहा कि युद्ध “जल्द खत्म” होगा, लेकिन कोई ठोस संकेत नहीं—इससे अनिश्चितता बनी रही।
FII बिकवाली का दबाव
FII ने मार्च में अब तक भारी बिकवाली की है। आज FII ने ₹7,000 करोड़+ की नेट सेलिंग की, जबकि कुल मार्च में ₹34,000-39,000 करोड़ से ज्यादा निकाले गए। DII ने ₹7,000-8,000 करोड़ खरीदकर सपोर्ट किया, लेकिन FII आउटफ्लो से वोलेटिलिटी बढ़ी। इंडिया VIX 21+ पर पहुंचा, जो बाजार में डर दिखाता है।
अन्य कारक और विशेषज्ञ राय
- ग्लोबल मार्केट्स भी गिरे: एशियन इंडेक्स डाउन, यूरोपियन मार्केट्स नेगेटिव।
- ट्रंप का ट्रेड प्रोब: भारत सहित 16 देशों पर जांच, टैरिफ थ्रेट से एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड स्टॉक्स प्रभावित।
- घरेलू डेटा: कोई बड़ा पॉजिटिव ट्रिगर नहीं, Q4 रिजल्ट्स का इंतजार।
एक्सपर्ट्स (Geojit, Motilal Oswal आदि) का कहना है:
- निफ्टी का सपोर्ट 23,700 / 23,460 पर, ब्रेक होने पर 23,000 तक गिरावट संभव।
- रेजिस्टेंस 24,000 पर।
- शॉर्ट टर्म में वोलेटाइल रहेंगे, तेल कीमतें और युद्ध अपडेट्स पर निर्भर।
- लॉन्ग टर्म में भारत की ग्रोथ स्टोरी मजबूत, लेकिन शॉर्ट टर्म में सतर्क रहें।
आज की गिरावट युद्ध-प्रेरित तेल संकट और FII सेलिंग का सीधा असर है। बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है—यदि होर्मुज स्ट्रेट में स्थिति सुधरी या तेल गिरा, तो रिकवरी संभव। लेकिन फिलहाल निवेशक सतर्क हैं।
Sources: msn